• Hindi News
  • Local
  • Uttar pradesh
  • Lucknow
  • The Incident Of Late Saturday Exposed The Fire Safety Measures Of The Medical University, The Vice Chancellor Has Constituted An Inquiry Committee.

KGMU के गैस्ट्रो सर्जरी विभाग में लगी आग:शनिवार देर रात की घटना ने चिकित्सा विश्वविद्यालय के अग्नि सुरक्षा उपायों की खोली पोल,कुलपति ने समिति का गठन कर दिए जांच के आदेश

लखनऊ3 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
शनिवार देर रात KGMU के शताब्दी फेज 1 में संचालित गैस्ट्रो सर्जरी विभाग में आग लगने से अग्नि सुरक्षा उपायों की पोल खोल दी - प्रतीकात्मक चित्र - Dainik Bhaskar
शनिवार देर रात KGMU के शताब्दी फेज 1 में संचालित गैस्ट्रो सर्जरी विभाग में आग लगने से अग्नि सुरक्षा उपायों की पोल खोल दी - प्रतीकात्मक चित्र

KGMU के गेस्ट्रो सर्जरी विभाग में शनिवार देर रात आग लग गई।आग से डिपार्टमेंट के एचओडी चैम्बर के पास बने लैबोरेटरी के कई सामान जल कर खाक हो गए।लैबोरेटरी में फॉल सीलिंग, फ्रिज जैसे सामान आग की भेंट चढ़ गए।खास बात यह रही कि फ्रिज में रखे मरीजों के सैंपल भी इस दौरान नष्ट हो गए।हालांकि इस बात की कोई औपचारिक पुष्टि नही हुई है।वही केजीएमयू कुलपति ने घटना की गंभीरता को देखते हुए जांच के आदेश दिए है।सोमवार को मामले की जांच के लिए कमेटी गठित कर दी है।

गेस्ट्रोसर्जरी विभाग की लैब में लगी आग

शताब्दी फेज एक में गेस्ट्रोसर्जरी विभाग का संचालन हो रहा है।इसमें लिवर प्रत्यारोपण समेत पेट की बीमारियों से पीड़ित गंभीर मरीज भर्ती किए जा रहे हैं।विभाग के अध्यक्ष व डॉक्टरों के कक्ष भूतल पर हैं।शनिवार देर रात डॉक्टरों के कमरे के पास लैब में आग लग गई।इसमें मरीजों के खून, बायोप्सी, पस आदि के नमूने रखे जाते हैं।

फॉल सीलिंग के बाद फ्रिज तक पहुंची आग

आग लगने के बाद कमरे की फॉल सीलिंग पूरी तरह से जल गई।कमरे में रखी कुर्सी-मेज और अलमारी भी जल गई।जब आग फ्रिज तक पहुंची तो उसका कम्प्रेशर फट गया और तेज आवाज हुई।आवाज से कर्मचारियों की नींद टूटी।भूतल में विभाग का ताला खोला तो हर कमरे में धूंआ भरा था।प्रथम तल पर मरीज भर्ती किए जाते हैं। धुंआ वहां तक पहुंचने लगा।कड़ी मशक्कत के बाद किसी तरह कर्मचारियों ने आग पर काबू पाया।

पांच सदस्यीय कमेटी टीम हुई गठित

कुलपति ने मामले की जांच के लिए पांच सदस्यीय जांच कमेटी गठित की है।कमेटी का चेयरमैन शताब्दी के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. संतोष कुमार को बनाया गया है। इसके अलावा विभाग के अध्यक्ष डॉ. अभिजीत चन्द्रा, प्रॉक्टर डॉ. क्षितिज श्रीवास्तव, कम्युनिटी मेडिसिन के डॉ. मनीष कुमार मनार, और एक्जिक्विटिव इंजीनियर धर्म देव सिंह को भी कमेटी का सदस्य बनाया गया है।

जांच के लिए 5 सदस्यीय समिति का हुआ गठन

KGMU कुलपति डॉ. बिपिन पुरी ने माना कि घटना गंभीर है।पांच सदस्यीय जांच कमेटी गठित कर 16 सितंबर तक कमेटी को रिपोर्ट सौंपने के आदेश दिए गए है।सभी बिंदुओं पर जांच करके रिपोर्ट तय समय मे रिपोर्ट भेजनी है।आग कैसे लगी? इसके कारणों की पड़ताल कराई जा रही है।लापरवाही सामने आने पर जिम्मेदार लोगों पर जरुर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

खबरें और भी हैं...