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  • The Jobs Of 41 People Who Were Regularized In An Addiction Manner Will Be Terminated, In The Year 2018 These Employees Were Regularized By Contract

नगर निगम में नौकरी पर जांच:गलत तरीके से नियमित किए गए 41 लोगों की नौकरी होगी समाप्त, साल 2018 में संविदा से नियमित हुए थे ये कर्मी

लखनऊ2 महीने पहले
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नगर निगम तीन साल पहले संविदा से नियमित हुए 41 कर्मचारियों की नौकरी खत्म कर दी गई है। आरोप है कि इनकी नियुक्ति तरीके से हुई है। नगर आयुक्त अजय कुमार द्विवेदी की तरफ से यह कार्रवाई की गई है। बताया जा रहा है कि उन्होंने इन कर्मचारियों की विनियमितीकरण रद करने की संस्तुति कर दी गई है। इससे पूर्व 21 कर्मचारियों को विनियमितिकरण रद किया जा चुका है।

अपर नगर आयुक्त अभय कुमार पांडेय ने बताया कि आरोपों की जांच करने वाली कमेटी को 41 कर्मचारियों के विनियमितीकरण में अनियमितता मिली है। तथ्यों की जांच पड़ताल के बाद नियुक्ति निरस्त करने की कार्रवाई हो रही है। इन कर्मचारियों को कोर्ट से भी स्टे नहीं मिला था। वर्ष 2018 में इन 41 कर्मचारियों को संविदा से नियमित नियुक्ति मिली थी। अभय पाण्डेय ने बताया कि 41 कर्मचारियों की सूची को अंतिम रूप दे दिया गया है। दोषी कर्मचारियों का विनियमितीकरण अगले एक से दो दिन में समाप्त हो जाएगा। हालांकि इस दौरान कर्मचारियों की विनियमितीकरण निरस्त किए जाने पर कर्मचारी संगठनों में नाराजगी है। नगर निगम एवं जलकल कर्मचारी संघ के अध्यक्ष शशि कुमार मिश्रा की ओर से विरोध में नौ दिसंबर को कार्यबंदी की चेतावनी दी गई है।

पिंक टॉयलेट का काम अधूरा

शहर में महिलाओं के 74 पिंक टॉयलेट बनाने के काम काफी धीमा है। इसको नगर आयुक्त ने अधिकारियों को फटकार लगाई है। कई स्थानों पर विवाद होने के कारण टॉयलेट नहीं बन पा रहे हैं। टॉयलेट के निर्माण की समय सीमा भी समाप्त हो चुकी है। अभी तक 74 में 30 स्थानों पर ही पिंक टॉयलेट का निर्माण हो सका है। इसके अतिरिक्त 15 स्थलों पर पुलिस प्रशासन से लेकर आमजन के विरोध के चलते पिंक टॉयलेट नहीं बन पाये हैं। 17 विस्तारित क्षेत्रों में बनाये जाने के साथ ही बाकी बचे 12 पिंक टॉयलेट बनाने के लिए नगर निगम प्रशासन अभी तक स्थल पर नही तलाश सका हैं।

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