लखीमपुर हिंसा केस:मुख्य आरोपी आशीष की जमानत अर्जी खारिज; दोस्त अंकित को कोर्ट ने 3 दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा

लखनऊ2 महीने पहले

लखीमपुर हिंसा मामले में केंद्रीय मंत्री के बेटे आशीष के दोस्त अंकित दास को CJM कोर्ट ने 3 दिन (14-17 अक्टूबर) की पुलिस रिमांड में भेज दिया है। अंकित ने बुधवार सुबह ही क्राइम ब्रांच पहुंचकर सरेंडर किया था। 5 घंटे की लंबी पूछताछ के बाद अंकित को CJM कोर्ट में ले जाया गया। यहां अंकित दास ने बताया कि फॉर्च्यूनर गाड़ी में था, लेकिन मैं निर्दोष हूं।

वहीं, मुख्य आरोपी आशीष मिश्र उर्फ मोनू की जमानत अर्जी खारिज हो गई है। अब उसके वकील अवधेश सिंह कल (गुरुवार) जिला जज के यहां जमानत के लिए दोबारा प्रार्थना पत्र देंगे।

खास बात यह है कि अंकित, कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री अखिलेश दास का भतीजा है। अंकित के साथ एक अन्य आरोपी लतीफ ने भी सरेंडर किया है। बुधवार सुबह ही पुलिस ने अंकित के लखनऊ स्थित आवास पर नोटिस चिपकाया था। उसके कुछ घंटे बाद ही उसने सरेंडर कर दिया। अंकित, केंद्रीय मंत्री अजय मिश्र के बेटे आशीष का दोस्त है।

फॉर्च्यूनर अंकित की थी
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, किसानों को थार जीप से कुचलने का जो वीडियो सामने आया था। उसके पीछे चल रही फॉर्च्यूनर अंकित की थी। इसे अंकित ही इस्तेमाल करता था। फॉर्च्यूनर के पीछे जो स्कॉर्पियो वीडियो में दिख रही थी, वह लखीमपुर के एक ठेकेदार की है। वहीं, अंकित के वकील विकास श्रीवास्तव ने बताया कि SIT ने पूछताछ के लिए नोटिस भेजा था। इस पर अंकित क्राइम ब्रांच पहुंचे। काली फॉर्च्यूनर उनकी थी, मगर वह उसमें नहीं थे।

बता दें कि अंकित दास और लतीफ की तरफ से सरेंडर के लिए CJM की कोर्ट में अर्जी लगाई थी। इस कोर्ट ने तिकुनिया पुलिस से रिपोर्ट मांगी थी, लेकिन पुलिस की रिपोर्ट से पहले ही अंकित ने क्राइम ब्रांच के सामने सरेंडर कर दिया। लखीमपुर हिंसा मामले में अब तक 4 आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं। इसमें लवकुश, आशीष पांडेय और केंद्रीय मंत्री के बेटे आशीष मिश्र और एक ड्राइवर शेखर भारती हैं।

अंकित का ड्राइवर न्यायिक हिरासत में
इससे पहले मंगलवार (12 अक्टूबर) को पुलिस ने अंकित दास के ड्राइवर शेखर भारती को गिरफ्तार किया था। फिलहाल पुलिस शेखर से पूछताछ में जुटी है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, वारदात के वक्त शेखर भारती काले रंग की फॉर्च्यूनर चला रहा था।

ठेकेदारी का काम करता है अंकित
अंकित दास, पूर्व कांग्रेस सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री अखिलेश दास का भतीजा है। अखिलेश दास 18 साल तक राज्यसभा के सांसद रहे हैं। मनमोहन सिंह की सरकार में अखिलेश दास इस्पात मंत्री बनाए गए थे। अप्रैल 2017 में हार्ट अटैक से उनकी मौत हो गई थी। अंकित, ठेकेदारी का काम करता है। वह लखीमपुर और आसपास के जिलों में ठेके लेता है।

लखीमपुर में ऐसे भड़की थी हिंसा
लखीमपुर के तिकुनिया में 3 अक्टूबर (रविवार ) को किसानों ने केंद्रीय गृहराज्य मंत्री अजय मिश्र का विरोध करते हुए काले झंडे दिखाए थे। इसी दौरान एक थार जीप ने किसानों को कुचल दिया था। इसके पीछे से फॉर्च्यूनर और स्कॉर्पियो भी निकलती गई। इस घटना में 4 किसानों, एक स्थानीय पत्रकार समेत 8 लोगों की मौत हो गई थी।

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