PUBG हत्याकांड में तीसरा किरदार:बेटे से बातचीत के बाद दावा- मां की हत्या के वक्त घर में तीसरा शख्स भी था, बेहद शातिर है

लखनऊ8 महीने पहलेलेखक: सुनील कुमार मिश्रा

लखनऊ के चर्चित PUBG हत्याकांड के आरोपी 16 साल के बेटे ने PUBG को इस घटना का काल्पनिक पहलू बताया है। बाल सुधार गृह की काउंसलिंग कमेटी के सामने उसने कहा कि PUBG पुलिस की बनाई हुई कहानी है, जिससे उसे कोई फर्क नहीं पड़ता। आरोपी बच्चे की 3 घंटे काउंसलिंग की गई। कमेटी का मानना है कि हत्या में कोई तीसरा किरदार भी शामिल है, जो बच्चों का बेहद भरोसेमंद है।

कमेटी के सामने बच्चे ने अपनी 16 साल की जिंदगी की वो बातें साझा की, जो उसके लिए सबसे खुश करने और तकलीफ देने वाली रहीं। घटना के बारे में पूछने पर उसने एक बार भी नहीं कहा कि उसी ने मां को मारा है। उसने कहा कि मां की मौत का उसे कोई अफसोस नहीं है। कमेटी ने दैनिक भास्कर से बच्चे के हर जवाब को साझा किया।

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  • काउंसलिंग की रिपोर्ट के 5 सवालों के हत्यारोपी बेटे ने क्या-कुछ जवाब दिए...
पुलिस और परिवार का कहना है कि मां साधना बेटे को PUBG खेलने से रोकती थीं, इसलिए नाराजगी में उसने मां की हत्या कर दी।
पुलिस और परिवार का कहना है कि मां साधना बेटे को PUBG खेलने से रोकती थीं, इसलिए नाराजगी में उसने मां की हत्या कर दी।

सवाल : PUBG के लिए तुमने मां की हत्या कर दी?
जवाबः मैं PUBG खेलता ही नहीं हूं। क्रिकेट, फुटबॉल और चेस ही मेरा फेवरेट गेम है। ड्राइंग और आर्ट क्राफ्ट भी अच्छा बनाता हूं। PUBG की कहानी तो पुलिस ने बनाई है। लेकिन मुझे उससे कोई फर्क नहीं पड़ता।

सवाल : तुम सबसे ज्यादा दुखी कब हुए?
जवाबः मां ने मेरे अच्छे कामों की कभी प्रशंसा नहीं की। बस प्रताड़ित किया। UKG में था, तो दादा का देहांत हुआ। कैप लगाकर स्कूल गया तो बच्चों ने टकला कहकर कैप उछाल दी। कैप ऊपर अटक गई। बहुत डर गया था कि बिना कैप के घर गया तो मां बहुत मारेगी। तब बहुत दुखी हुआ था।

सवाल: सबसे ज्यादा खुश कब रहते हो?
जवाबः जब पापा बाहर घुमाने ले जाते हैं। UKG में था, तब क्लास के बच्चों ने मेरी कैप उछाल दी थी। मैंने 10 बच्चों को डंडे से पीटा तब भी बहुत खुशी मिली थी।

सवाल : जिंदगी में क्या बनना चाहते हो?
जवाबः नेता बनूंगा... इसीलिए पढ़ाई से ज्यादा खेलकूद में दिलचस्पी रखता हूं। राजनीति में जाने का यही आसान रास्ता है।

सवाल: नेता बनने के लिए रुपए कहां से पाओगे?
जवाबः इसीलिए तो क्रिकेट खेलता हूं। क्रिकेट में करियर बन गया तो पैसा ही पैसा है। क्रिकेटर को राजनीति में आसानी से एंट्री भी मिल जाती है।

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बहन के लिए फिक्रमंद क्यों था मां का हत्यारोपी
बाल सुधार गृह की काउंसलिंग कमेटी के एक अधिकारी ने बताया कि बच्चा जिद्दी और महत्वाकांक्षी के साथ संवेदनशील भी है। यही वजह है कि घर में मां की लाश पड़ी थी और वो 10 साल की बहन को लेकर फिक्रमंद था। उसे खुद खाना बनाकर खिला रहा था और उसकी संजीदगी से देखभाल कर रहा था। अगर वो आपराधिक मानसिकता का होता तो बहन को भी मारकर घर से भाग जाता। क्योंकि वही चश्मदीद थी।

बेहद शातिर है घटना का वो तीसरा किरदार
कमेटी की रिपोर्ट में कहा गया है कि सामान्य इंसान के लिए लाश के साथ तीन दिन तक रहना मुश्किल है। 16 साल का बेटा हिम्मत बनाता भी तो 10 साल की बेटी किसी भी सूरत में इस हालात का सामना नहीं कर पाती। इस बात की पूरी संभावना है कि उस वक्त कोई तीसरा शख्स भी मौजूद था। जिस पर बच्चे बहुत भरोसा करते हैं। वो तीसरा किरदार बेहद शातिर है। इसकी तह तक जाने के लिए बच्चे की काउंसलिंग चल रही है।

पुलिस ने भी माना कि केवल PUBG वजह नहीं
केस की जांच कर रहे इंस्पेक्टर देवेंद्र सिंह का कहना है की घटना के पीछे केवल PUBG कारण नहीं है। मृतका साधना, बेटे और उसके पिता की कॉल डिटेल निकाली जा रही है। घटना के और भी पहलुओं की जांच चल रही है। जो भी फैक्ट सामने आएंगे। उसके आधार पर कार्रवाई होगी।

पुलिस कमिश्नर ने कहा- हर बिंदु की पड़ताल हो रही
लखनऊ पुलिस कमिश्नर ध्रुवकांत ठाकुर का कहना है कि आरोपी बच्चे ने पुलिस को जो कुछ भी बताया है। उसी के आधार पर कार्रवाई चल रही है। लेकिन और भी कई जानकारियां सामने आ रही हैं। जिसकी जांच की जा रही है। घटना से जुड़े हर बिंदु की पड़ताल हो रही है।