• Hindi News
  • Local
  • Uttar pradesh
  • Lucknow
  • Narendra Giri Matter Of Guru disciple Dispute To Investigation Why Did The Dispute Happen, When Was The Reconciliation Then After The Death Of Narendra Giri, What Are The Allegations Against Anand Giri?

VIDEO...में देखें गद्दी विवाद से लेकर जांच तक की बात:क्यों हुआ विवाद, कब हुई सुलह?...गुरु नरेंद्र गिरी की मौत के बाद अब शिष्य आनंद गिरी पर लग रहे आरोप

लखनऊ2 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
नरेंद्र गिरी और शिष्य आनंद गिरी । फाइल फोटो - Dainik Bhaskar
नरेंद्र गिरी और शिष्य आनंद गिरी । फाइल फोटो

अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष और निरंजनी अखाड़ा के सचिव महंत नरेंद्र गिरि की बीते 20 सितंबर को मौत हो गई। प्रयागराज के बाघंबरी मठ में नरेंद्र गिरि का शव संदिग्ध हालत में लटका मिला था। मौके से 11 पन्नों का एक सुसाइड नोट भी पुलिस के हाथ लगा। जिसमें उनके शिष्य आनंद गिरी का भी जिक्र है। इस बीच दैनिक भास्कर आपको गुरु महंत नरेंद्र गिरि और उनके शिष्य आनंद गिरि के बीच हुए विवादों से लेकर जांच तक के पूरे सच से रूबरू करा रहा है।

पढ़ें, विवादों में गुरु और शिष्य का साथ

पहला- केस

14 मई 2021 को पंचायती अखाड़ा श्री निरंजनी ने आनंद गिरी को अखाड़े और बाघंबरी गद्दी से बाहर कर दिया था। उन पर अपने परिवार से संबंध रखने का आरोप लगा था। साथ ही मठ-मंदिर के धन के दुरुपयोग के मामले में कार्रवाई के चलते स्वामी आनंद गिरि को पहले मठ बाघंबरी गद्दी और त्रिवेणी बांध स्थित बड़े हनुमान मंदिर के व्यवस्थापक पद से हटा दिया गया। बाद में महंत नरेंद्र गिरि की शिकायत पर उन्हें पंचायती अखाड़ा श्री निरंजनी से भी 14 मई को निष्कासित कर दिया गया था।

दूसरा- केस

बार- बालाओं पर मंदिर के रुपए उड़ाने का आरोप

अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष और मठ बाघंबरी गद्दी के महंत नरेंद्र गिरि और उनके शिष्य योग गुरु स्वामी आनंद गिरि के बीच कई तरह के आरोपों को लेकर 13 दिनों तक विवाद चला था। इस बीच योग गुरु स्वामी आनंद गिरि ने 20 मई को दो वीडियो जारी कर मंदिर के रुपयों के दुरुपयोग के आरोप लगाए था। एक वीडियो में बार-बालाएं थिरक रही थीं और उनके साथ बड़े हनुमान मंदिर व मठ से जुड़े लोग डांस कर रहे थे। बार-बालाओं पर नोटों की बारिश भी की जा रही थी। दूसरे वीडियो में मंत्रोच्चार के बीच नोटों की बारिश हो रही थी। इसमें महंत नरेंद्र गिरि दूल्हा-दुल्हन को आशीर्वाद दे रहे थे।

तीसरा - केस

26 मई को आनंद गिरि की हुई माफी मांगने के बाद वापसी

आखिर कार शिष्य आनंद गिरि के गलती मानने पर गुरु-चेले के बीच 26 मई को समझौता हो गया। हरिद्वार से प्रयागराज पहुंचे आनंद गिरि ने अपने गुरु महंत नरेंद्र गिरी के पैरों पर गिरकर माफी मांग ली। आनंद बोले- मैं पंच परमेश्वर से भी अपने कृत्यों के लिए माफी मांग रहा हूं। मेरे द्वारा सोशल मीडिया, समाचार पत्रों, टीवी चैनलों पर जो भी बयान जारी किए गए उसे मैं वापस लेता हूं। इसके बाद महंत नरेंद्र गिरी ने भी आनंद गिरी पर लगाए गए आरोपों को वापस लेते उन्हें माफ कर दिया।

अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के हस्तक्षेप के बाद इस विवाद पर फिलहाल विराम लग गया है। अब गुरु पूर्णिमा के दिन आनंद गिरी अखाड़े में अपने गुरु की पूजा कर सकेंगे। अखाड़े और मठ में आनंद गिरी के प्रवेश पर लगाई गई रोक हटा दी है। हालांकि, आनंद गिरी का अखाड़े से निष्कासन वापस हुआ या नहीं यह अभी स्पष्ट नहीं है।

चौथा- केस

आनंद गिरी ने नरेंद्र पर करोड़ों रुपए के जमीन बेचने के आरोप थे लगाए

26 मई को माफीनामे के बाद मामले का पटाक्षेप हो गया था। इसी के बाद स्वामी आनंद गिरि की ओर से मठ और अखाड़े की संपत्तियां बेचने सहित महंत नरेंद्र गिरि पर अपने परिजनों को मकान और जमीन का लाभ पहुंचाने के आरोप लगाए गए थे। आरोप-प्रत्यारोप में काफी हद तक बात बिगड़ने के बाद शिष्यों की मध्यस्थता के बाद दोनों के बीच उपजे मतभेद को खत्म करते हुए कराई गई थी।

गिरफ्तारी के बाद, चेले आनंद गिरि ने दी सफाई

20 सितंबर को महंत नरेंद्र गिरी की संदिग्ध हालात में मौत मामले में सुसाइड नोट में शिष्य आनंद गिरी का नाम सामने आया। इसपर शिष्य आनंद गिरि ने वीडियो जारी करते हुए सफाई दी। कहा, मेरा नरेंद्र गिरि से कोई विवाद नहीं था। पूरा मामला एक साजिश है। मुझे साजिश में फंसाया जा रहा है। महंत जी ने आत्महत्या नहीं की है, उनकी हत्या हुई है। बड़ी-बड़ी हवेली वालों ने साजिश रची है।

यह भी कहा कि हनुमान जी का पैसा लूटा जा रहा था। नरेंद्र गिरि जी ने मेरी वजह से आत्महत्या नहीं की है। मठ की संपत्ति के लिए दूसरों से विवाद था, मुझसे नहीं। करोड़ों की हवेलियों में रहने वालों ने साजिश रची है। आनंद गिरि ने प्रदेश सरकार से निष्पक्ष जांच की गुजारिश की है।

सीएम योगी बोले- दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा

सीएम योगी ने कहा, इस घटना से हम सभी दुखी हैं। कुंभ के सफल आयोजन में नरेंद्र गिरि का बड़ा योगदान था। पुलिस के चार बड़े अफसर मामले की जांच कर रहे हैं, एक-एक घटना का पर्दाफाश होगा। जो भी जिम्मेदार होगा, उसे सजा मिलेगी। दोषियों को कठोर सजा मिलेगी। बख्शा नहीं जाएगा। नरेंद्र गिरि मौत मामले की जांच जारी है इसलिए बेवजह की बयानबाजी से बचना चाहिए। सीएम ने कहा, पंचक होने के कारण आज महंत नरेंद्र गिरी को समाधि नहीं दी जाएगी। आज जनता के दर्शन के लिए उनका पार्थिव शरीर यहां रहेगा।

खबरें और भी हैं...