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मुख्तार अंसारी की वर्चुअल सुनवाई:बाराबंकी कोर्ट में मुख्तार अंसारी ने खुद की अपनी पैरवी, कहा- किसी के कुछ भी कह देने से मुझे नहीं बना सकते आरोपी, 28 जून दी गई अगली तारीख

बाराबंकी3 महीने पहले
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सुनवाई के दौरान मुख्तार अंसारी ने खुद की अपनी पैरवी। (फोटो फाइल) - Dainik Bhaskar
सुनवाई के दौरान मुख्तार अंसारी ने खुद की अपनी पैरवी। (फोटो फाइल)

माफिया डॉन और बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी एम्बुलेंस केस को लेकर बाराबंकी की सीजेएम कोर्ट में सुनवाई हुई। एमपी-एमएलए कोर्ट की परमीशन के बाद एंबुलेंस मामले पर बाराबंकी कोर्ट में सुनवाई की कार्यवाही की गई। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई इस सुनवाई के दौरान मुख्तार अंसारी के वकील ने तो पक्ष रखा ही, खुद मुख्तार ने भी अपनी पैरोकारी की। मुख्तार ने इस केस में खुद को मुल्जिम बनाए जाने का मुखर होकर विरोध किया और कहा कि किसी के कुछ भी कह देने से मुझे आरोपी नहीं बना सकते। इस केस में किसी के फर्जी बयान को मेरे खिलाफ आधार बनाया गया है।

कोर्ट में सुनवाई के दौरान मुख्तार अंसारी ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि पुलिस की ये कार्रवाई सरासर गलत है। किसी के कुछ भी बयान दे देने से मुझे मुल्जिम नहीं बनाया जा सकता। सीजेएम कोर्ट में वर्चुअल सुनवाई को लेकर मुख्तार अंसारी के वकील रणधीर सिंह सुमन और विजय प्रताप सिंह ने यह तमाम जानकारी दी। दोनों वकीलों ने बताया कि इस केस में अगली सुनवाई अब 28 जून को होगी।

एंबुलेंस पर लगी थी बाराबंकी की नंबर प्लेट
यह मामला उस समय का है, जब मुख्तार अंसारी पंजाब की रोपड़ जेल में बंद था। मुख्तार को एंबुलेंस से मोहाली की कोर्ट में पेशी पर ले जाया गया था। उस समय फर्जी दस्तावेजों से रजिस्टर्ड एंबुलेंस के प्रयोग का खुलासा हुआ था। एंबुलेंस पर यूपी के बाराबंकी की नंबर प्लेट लगी थी। मामले ने तूल पकड़ा तो जांच में जो तथ्य निकलकर सामने आये वह चौंकाने वाले थे।

दरअसल, फर्जी दस्तावेज के आधार पर बाराबंकी एआरटीओ में मुख्तार के गुर्गों ने 2013 में यह एंबुलेंस रजिस्टर्ड कराई थी। एंबुलेंस मुख्तार अपने निजी प्रयोग में ला रहा था। UP 41 AT 7171 रजिस्टर्ड नंबर की एंबुलेंस मुख्तार अंसारी शुरू से प्रयोग कर रहा था।

इसी मामले में एक अप्रैल को कोतवाली नगर में मऊ की संजीवनी हॉस्पिटल संचालिका डॉ. अलका राय के खिलाफ मुकदमा कराया। इसकी विवेचना में पुलिस ने मुख्तार अंसारी को भी इस मामले में साजिश और जालसाजी का आरोपी बनाया है। साथ ही, अलका राय के सहयोगी डॉ. शेषनाथ राय, विधायक प्रतिनिधि मोहम्मद सुहैब मुजाहिद, शाहिद, आनंद यादव, राजनाथ यादव को नामजद किया था। इसमें अलका, शेषनाथ और राजनाथ को पुलिस जेल भेज चुकी है। मुख्तार अंसारी पहले से ही बांदा जेल में बंद है, जबकि कई आरोपी अभी भी फरार हैं। जिनकी तलाश में बाराबंकी पुलिस जगह-जगह दबिश दे रही है।

14 दिनों की अभिरक्षा रिमांड
वहीं, कोर्ट में सुनवाई को लेकर जानकारी देते हुए बाराबंकी के एसपी यमुना प्रसाद ने बताया कि सीजेएम कोर्ट ने मुख्तार अंसारी को 14 दिनों की अभिरक्षा रिमांड पर भेजा है। सीजेएम कोर्ट ने 28 जून को मामले में सुनवाई की अगली तारीख दी है।

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