जालसाजों के खिलाफ पुलिस ने की कार्रवाई:पुलिस भर्ती में फर्जीवाड़े के तीन आरोपी गिरफ्तार, आगरा पुलिस के साथ एसटीएफ की टीम ने दबोचा

लखनऊ4 महीने पहले
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एसटीएफ ने तीन जालसाजों को अरेस्ट कर लिया है। - Dainik Bhaskar
एसटीएफ ने तीन जालसाजों को अरेस्ट कर लिया है।

पुलिस भर्ती में जाली दस्तावेज बनाकर युवकों को फर्जी तरीके से भर्ती करवाने वाले गैंग के तीन जालसाजों को एसटीएफ ने आगरा से गिरफ्तार कर लिया है। यह भर्ती परीक्षा के दौरान अभ्यर्थियों की जगह की और को बैठाकर फर्जीवाड़ा करते थे।

एसटीएफ ने जालसाज अलीगढ़ निवासी अभिषेक, पंकज और गोंडा के रामप्रकाश वर्मा को गिरफ्तार किया है। एडीजी एसटीएफ अमिताभ यश ने बताया कि पूछताछ में गैंग के सरगना अभियुक्त अभिषेक कुमार ने बताया कि मेरे साथी प्रिंस कुमार निवासी बुलन्दशहर मुखर्जी नगर, दिल्ली में वर्ष 2018 में कोचिंग करता था।

उससे मैंने अभ्यर्थी रजत कुमार, अमित कुमार एवं जितेन्द्र कुमार की पुलिस विभाग में आरक्षी पद पर भर्ती होने की लिखित परीक्षा दी थी। जिसमें रजत कुमार, अमित कुमार उक्त परीक्षा में पास होकर पुलिस विभाग में आरक्षी पद पर भर्ती हो गये और अभी पुलिस में ट्रेनिंग कर रहे हैं। इस काम का पेमेन्ट हमें नही मिल पाया है। आज अपना हिसाब किताब करने के लिए हम लोग इकट्ठा हुये थे तभी दबोच लिए गए।

आगे की पूछताछ में बताया गया कि मेरे द्वारा रामप्रकाश, पंकज और रवि कुमार की परीक्षा दिलवाई गयी थी, जिसमें रामप्रकाश और पंकज पास हो गये थे। लेकिन दौड़ के समय बायोमेट्रिक मैच नही हो पाया। जबकि रवि परीक्षा में पास होकर आरक्षी पद पर जनपद इटावा में नौकरी कर रहा है।

इस काम में प्रिंस के अलावा राहुल गोस्वामी निवासी हाथरस भी मेरे साथ काम करते हैं। इन सबने योजना बद्व तरीके से पुलिस भर्ती 2018-19 में लिखित परीक्षा और कागजो की चैंकिग में अपना बायोमैट्रिक लगाकर अभ्यर्थियों की परीक्षा दी है। इससे 2.50 से 4 लाख रूपये तक कमाये। एडीजी ने बताया कि इनके खिलाफ आगरा के एत्माद्वौला थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाकर गिरफ्तार किया गया है।

अलीगढ़ और सहारनपुर के दर्जन भर से ज्यादा युवक थे शामिल

पुलिस भर्ती 2018-19 की लिखित परीक्षा के दौरान यह जालसाजी सामने आई थी। किसी और अभ्यर्थी की जगह किसी दूसरे को परीक्षा देते हुए बड़ी संख्या में जालसाजों को पकड़ा गया था। एसटीएफ को अलीगढ़ और सहारनपुर से गिरोह के संचालन की जानकारी मिली थी। अभिषेक के कुछ कैंडिडेट कानपुर से पकड़े गए थे तभी से एसटीएफ उसके पीछे लगी थी।

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