गंदा पानी पीने से लखनऊ में हाहाकार:बालू अड्डा के पास गंदा पानी पीने से दो मरे, 11 भर्ती और 100 से ज्यादा लोग बीमार हुए, स्वास्थ्य विभाग मौके पर

लखनऊ9 महीने पहले
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गंदा पानी पीने बालू अड्‌डा इलाके में  दो की मौत, 11 बीमार अस्पताल में भर्ती हुए। - Dainik Bhaskar
गंदा पानी पीने बालू अड्‌डा इलाके में दो की मौत, 11 बीमार अस्पताल में भर्ती हुए।

शहर में गंदे पानी की सप्लाई से फैला संक्रामक रोग जानलेवा बन गया है।सोमवार को बालू अड्डा में उल्टी-दस्त से मासूम समेत दो की मौत हो गई जबकि 80 लोग डायरिया की चपेट में आ गए। इसके साथ ही 10 से ज्यादा बच्चें बीमार होकर अस्पताल में भर्ती हो गए है।बड़ी तादात में मरीजों के अस्पताल पहुंचने की खबर से चिकित्सा व स्वास्थ्य महकमा जागा, आनन फानन में सीएमओ डॉ. मनोज अग्रवाल ने अस्पताल में भर्ती मरीजों को देखने पहुंचे,साथ ही प्रभावित इलाके का निरीक्षण भी किया।

स्थानीय कारोबारी कबीर कश्यप ने बताया कि सौ से ज्यादा लोग बीमार हो चुके है। सोमवार रात आठ बजे तक 11 बच्चें उल्टी और दस्त की वजह से सिविल अस्पताल में भर्ती हो चुके हैं। मामले की सूचना जिला स्वास्थ्य विभाग को मिली तो एक टीम को तत्काल मौके पर भेजा गया। इसी टीम ने 11 लोगों को सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया। भर्ती होने वालों में 10 बच्चें और 1 महिला शामिल है। सिविल अस्पताल के सीएमएस डॉ. एसके नंदा ने बताया कि सुबह 11 लोगों को दस्त की शिकायत पर भर्ती कराया गया है। जिसके बाद तत्काल सभी को इलाज उपलब्ध कराया गया। फिलहाल सभी की स्थिति है। कोई भी मरीज भर्ती नहीं है।

दो सप्ताह से आ रहा गंदा पानी

इलाके के लोगों ने बताया कि पिछले दो सप्ताह से गंदा पानी आ रहा है। इसको लेकर जलकल और स्थानीय लोगों से शिकायत की जा चुकी है। लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई है। अब जब दो दर्जन से ज्यादा लोगों की तबीयत खराब हुई और 11 लोग भर्ती हुए तो जलकल की टीम ने एक टैंक खड़ा कर दिया गया। आरोप है इसका पानी भी खराब है। सीवर लाइन को खोद कर ठेकेदार चले गए उसे ठीक भी नही करवाया। इलाके के पोस्ट वार्डन आर जे भर्ती ने बताया कि पानी की समस्या को लेकर स्थानीय पार्षद ।

एक सप्ताह बाद हमजा का जन्मदिन था

गंदे पानी की वजह से अपना बच्चा खोने वाले हुसैन अली ने बताया कि उनके बेटे ( हमजा ) का जन्मदिन एक सप्ताह बाद था। मां और पूरा परिवार इसकी तैयारियां कर रहा था। उन्होंने बताया किक रविवार रात को खेलते हुए एक दम से बच्चे की तबियत बिगड़ गई। उसे उल्टी और दस्त आने लगी। घर वाले उसको निशातगंज स्थित के एक निजी अस्पताल ले गए। लेकिन वहां इलाज में समय लग रहा था। ऐसे में सिविल अस्पताल के लिए निकल लिए। इस दौरान रास्ते मे ट्रैफिक जाम था। जिसकी वजह से वहां पहुंचने में भी समय लग गया। इस दौरान समय लग गया। अस्पताल पहुचे के बाद इमरजेंसी में मौजूद डॉक्टरों ने परीक्षण करके उसे मृत घोषित कर दिया।

फूफा के घर आया था विशाल

कानपुर निवासी विशाल (16 साल ) अपने फूफा के घर आया था। फूफा लालजी राजभर ने बताया कि 2 अगस्त को आया था। उसकी तबीयत 6 अगस्त को खराब होने लगी। रविवार रात उसे सिविल अस्पताल ले गए। लेकिन स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। यहां से लोहिया के लिए रेफर कर दिया गया। लेकिन उसको वहां भी भर्ती नहीं किया गया। इसके बाद परिवार वाले आनन- फानन में उसको कानपुर ले गए। लेकिन विशान को नहीं बचाया जा सका। लालजी ने बताया उनके परिवार के तीन और सदस्य बीमार है।

स्वास्थ्य विभाग ने कहां गंदे पानी की वजह से हुआ

सीएमओ लखनऊ डॉ. मनोज अग्रवाल प्रभावित इलाके का निरक्षण करते
सीएमओ लखनऊ डॉ. मनोज अग्रवाल प्रभावित इलाके का निरक्षण करते

सीएमओ डॉ. मनोज अग्रवाल ने बताया कि उल्टी-दस्त प्रभावित इलाके में स्वास्थ्य विभाग की टीम पहुंच गई है। शिविर लगाकर पीड़ितों को दवाएं बांटी गई हैं।क्लोरीन टैबलेट भी दिए गए हैं ताकि पानी शुद्ध किया जा सके।सभी को पानी उबालकर पीने की सलाह दी गई है।बीमारी के कारणों का पता लगाने के निर्देश दिए गए हैं।पानी की जांच कराई जा रही है।

शाम छह बजे शुरू हुई पीएचसी

इलाके में हालात खराब होने पर मौके का जायजा लेने स्वास्थ्य विभाग की टीम पहुंची। स्वास्थ विभाग की तरफ से शाम 6 बजे पीएससी खोल मरीजों को इलाज दिया गया। एसीएमओ डॉ के पी त्रिपाठी ने बताया की इलाके में उल्टी दस्त के मामले बढ़ने पर पीएचसी खोल दी गई थी। इससे सहूलियत मिलेगी।

अस्पताल में भर्ती मरीज

सफी (9), मुनीर (5), इरम (5), समरीन (5), शिवम (17), रिया (8), रश्मी (4), शमा बानो (17) और गौरिया (35) को सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

इनका घर पर चल रहा इलाज

आकाश (16), उमंग (12), सायरा (16), मानस (4), इरम (10), अनीस (5), साजिदा (18), सुनैना (17), मोनू कश्यप (24), रियार (8), गुड़िया (35) समेत कई लोग उल्टी-दस्त की चपेट में हैं।

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