कोविड से छह लोगों की मौत:मेरठ में दो, आगरा, कौशांबी, लखीमपुर , औरेया और आजमगढ़ में एक - एक मौत, 6 हजार 411 नए मरीज मिले, 171 ठीक हुए

लखनऊ4 महीने पहले
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कोविड से प्रदेश  में छह की मौत। - Dainik Bhaskar
कोविड से प्रदेश में छह की मौत।

कोविड संक्रमण के केस बढ़ने के साथ मौतें भी होनी शुरू हो गई है। शनिवार को प्रदेश में कोविड की वजह से छह लोगों की मौत हुई। इस दौरान पूरे प्रदेश में कोविड के 6 हजार 411 नए मामले सामने आए और 171 इससे रिकवर हुए। अब प्रदेश में एक्टिव मरीजों की संख्या 18551 हो गई है। मरने वालों में सबसे ज्यादा दो लोग मेरठ से हैं। इसके अलावा आगरा, कौशांबी, लखीमपुर , औरेया और आजमगढ़ में एक - एक मौत हुई है।

शनिवार को 2 लाख 20 हजार 496 सैंपल की जांच की गई, इस दौरान 1 लाख 22 हजार 735 आरटीपीसीआर किए गए। उत्तर प्रदेश में कोरोना के आंकड़े पुराने सभी रिकॉर्ड तोड़ रहे है। अभी भी सबसे खराब स्थिति नोएडा यानी गौतमबुद्ध नगर की है। यहां पिछले एक घंटे में 1141 केस मिले हैं। इसके अलावा गाजियाबाद में 683, मेरठ में 636, बनारस में 337 केस मिले हैं। इसके अलावा आगरा में 271 और मुरादाबाद में 236 केस मिले हैं।

लखनऊ के इन अस्पतालों में भर्ती है मरीज

लखनऊ में कोरोना के सक्रिय मामलें 2573 हो गए हैं। इसके अलावा सबसे ज्यादा संक्रिय केस नोएडा में है। यहां सक्रिय मरीजों की संख्या मौजूदा समय 3527 हो गई है। सरकार ने पहले ही 10वीं तक के सभी विद्यालयों में 16 जनवरी तक बंद कर दिया गया है। कक्षा 11-12 के स्टूडेंट्स को केवल वैक्सीनेशन के लिए ही स्कूल बुलाने के निर्देश जारी हुए। इसके अलावा आंगनबाड़ी के बच्चों का पोषाहार उनके घर पर उपलब्ध कराने की व्यवस्था करने की भी बात कही। इसके अलावा निगरानी समिति व इंटीग्रेटेड कोविड कमांड सेंटर को पूरी तरह सक्रिय करने की भी बात कही। वही विशेषज्ञों की माने तो कोरोना के नए वैरिएंट के संक्रमण दर को देखते हुए अगले 15 दिन बेहद अहम है, इसीलिए इस दौरान कोविड एप्रोप्रियेट बेहवियर का पालन करने पर जोर दिया गया।

लखनऊ में 876 मरीज निकले

लखनऊ शनिवार को 876 सक्रिय मामले निकले। इसमें सबसे ज्यादा सक्रिय केस अलीगंज और आलमबाग इलाके से आ रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि एनएचएम कार्यालय में 30 कर्मचारी और अधिकारी कोविड सक्रिय हुए है। यहां काम करने वाले एक कर्मचारी ने बताया कि ज्यादातर कर्मचारी कार्यालय से घर वापस लौट आए हैं। हालांकि अधिकारी इस पर अभी पुष्टी नहीं कर रहे है।

कंटेमेंट जोन बनने शुरू

केस बढ़ने के साथ ही कंटेनमेंट जोन भी बनने लगे हैं। इस दौरान लखनऊ में कंटेनमेंट जोन की संख्या 972 तक पहुंच गई है। नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि जिस इलाके में एक मरीज से ज्यादा मिल रहे हैं, वहां सैपल लेने के बाद नोटिस चस्पा की जा रही है। बिल्डिंग में अभी केवल फ्लोर को कंटेनमेंट बनाया जा रहा है।