हिन्दू से मुस्लिम बने उमर की कहानी:AMU में प्रोफेसर बनने के लालच में करा लिया धर्म परिवर्तन; मां की लाश को भी दफ़न करवाना चाहता था, जबरन पत्नी और बच्चों को भी इस्लाम कबूल करवाया

फतेहपुर4 महीने पहले
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मोहम्मद उमर की फाइल फोटो। - Dainik Bhaskar
मोहम्मद उमर की फाइल फोटो।
  • घर वालों को जब जानकारी हुई तो उन्होंने उमर को दोबारा क्षत्रिय धर्म अपनाने की बात कही लेकिन वह नहीं माना

यूपी एटीएस (UP ATS) ने धर्मांतरण कराने के आरोप में जिन दो मौलानाओं को गिरफ्तार किया है उसमें से एक मोहम्मद उमर उर्फ़ श्याम प्रताप सिंह से एटीएस द्वारा पूछताछ की जा रही है। पकड़ा गया उमर यूपी के फतेहपुर जिले के थरियांव थाना क्षेत्र के रमवा गांव का रहने वाला है। वह 1979 में जिला छोड़कर नैनीताल के पंतनगर चला गया था जिसके बाद वह वहां से दिल्ली चला गया। बताया जा रहा है कि पंत नगर में ही वह एक मुस्लिम लड़की के इश्क में पड़ा। उमर को एएमयू में प्रवक्ता बनाने का लालच दिया गया था जिसके बाद उसने धर्म परिवर्तन कर लिया।

धर्म परिवर्तन के बाद से ही परिवार उमर से नाराज था

वहीं उमर ने 1982 में आकर जिले के ही गाजीपुर थाना क्षेत्र के खेसहन गांव में छत्रपाल सिंह की बेटी राजेश कुमारी से शादी किया। जिसके बाद उमर अपनी पत्नी को लेकर दिल्ली चला गया जहां उसने धर्म परिवर्तन कर लिया। उमर के धर्म परिवर्तन के बाद से परिवार के लोग उमर से नाराज रहते थे। उमर साल दो साल में अपने गांव आया करता था लेकिन उससे कोई ज्यादा बातचीत नहीं करता था।

पिता के अंतिम संस्कार में भी नहीं आया था

गांव वाले कुछ लोग उमर को जानते हैं तो कुछ लोग उमर को नहीं देखा। वहीं गांव में रह रहे उसके चचेरे भाई राजू सिंह ने बताया की उमर गांव में ही हाई स्कूल तक पढ़ाई करने के बाद वह पंतनगर चला गया जिसके बाद वह कभी कभार आता है। उमर के पिता धनराज सिंह की मौत के डेढ़ वर्ष पूर्व हुई है। लेकिन वह अपने पिता के अंतिम संस्कार में भी नहीं आया, उमर उर्फ श्याम प्रताप सिंह 6 भाई है और उमर अपने सभी भाइयों में चौथे नंबर का है। । वहीं इस बारे में जब जानकारी पुरे गांव में हुई तो उमर के घर में मजमा लग गया जहां डीएसपी थरियांव सहित पुलिस फ़ोर्स उमर के चचेरे भाई से पूंछताछ करने में लगी हुई है।

मुस्लिम लड़की के इश्क में पड़कर कबूला था इस्लाम

मां की अंत्येष्टि के समय शव के अग्निदाह का विरोध करके शव को दफनाने की जिद कर रहा था जिस पर भाइयों से तू तू मैं मैं हुई थी। थोड़ी देर में ही नाराजगी के साथ चला गया था। राजेश कुमारी के साथ शादी हुई थी लेकिन गौना नहीं हुआ था। इस बात को छिपा कर यह राजेश कुमारी का गौना कराकर ले गया था। वापस आकर पत्नी ने मुसलमान हो जाने और बीबी के तौर पर एक मुस्लिम महिला होने की जानकारी अपनी मां और पिता क्षत्रपाल सिंह को दी थी। उसके घर एक बेहद निजी सदस्यों के बीच बैठक भी हुई थी जिसमें उमर गौतम को मूल धर्म में वापसी का दबाव डाला गया था लेकिन वह तैयार नहीं हुआ।

AMU में नौकरी का मिला था झांसा

एक मुस्लिम लड़की के इश्क में पड़कर जीबी पंत विश्वविद्यालय पंतनगर नैनीताल में इस्लाम कबूल किया। इस्लाम कबूल करवाने में मुस्लिम लड़की से निकाह का लालच और अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में प्रवक्ता की नौकरी का लालच इसके किसी ताहिर नामक दोस्त ने दिया था।