UP में RSS की सक्रियता बढ़ी:चित्रकूट में होगी संघ के प्रांत प्रचारकों की बैठक; मोहन भागवत भी शामिल होंगे, UP चुनाव की रणनीति पर होगा मंथन

लखनऊ/ चित्रकूट4 महीने पहले
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उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (RSS) की टॉप लीडरशिप सक्रिय हो गई है। संघ ने प्रांत प्रचारकों की एक बैठक चित्रकूट में 9 जुलाई से 13 जुलाई तक बुलाई है। इस बैठक में संघ प्रमुख मोहन भागवत, सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबले, डॉ. कृष्ण गोपाल, अरुण कुमार, डॉ. मनमोहन वैद्य, भैया जी जोशी सहित कई राष्ट्रीय स्तर के पदाधिकारी शामिल होंगे। इसके अलावा देश भर के सीनियर प्रचारक वर्चुअली इससे जुड़ेंगे। बैठक में विधानसभा चुनावों के साथ-साथ कोरोना की स्थिति और अन्य मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।

होसबोले कर चुके हैं दौरा
इससे पहले संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले भी UP का दौरा कर चुके हैं। वह यहां एक जून को ही लखनऊ का चार दिवसीय दौरा करके लौटे हैं। उनके लौटने के बाद दिल्ली में संघ प्रमुख मोहन भागवत की मौजूदगी में एक अहम बैठक हुई थी। बताया जाता है कि इसमें होसबोले ने UP की रिपोर्ट उन्हें सौपी। इसके अलावा इस बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इमेज को लेकर भी काफी चर्चा हुई थी। कोरोना महामारी के दौरान बीमारी के मैनेजमेंट को लेकर PM मोदी और उत्तर प्रदेश में CM योगी की छवि को नुकसान पहुंचा है। अब छवि सुधारने के लिए ग्राउंड लेवल पर काम करने की रणनीति भी तैयार हुई है।

यूपी में इन तीन पॉइंट्स पर चलाया जाना है बड़ा अभियान

1. मोदी और योगी की छवि को पुख्ता किया जाएगा

इस अभियान को बड़े स्तर पर शुरू किया जाएगा। इसका उद्देश्य यही होगा कि जनता को समझाया जाए कि मोदी और योगी की वजह से ही आप सेफ हैं। जनता के बीच सबसे पहले संघ के पदाधिकारी और कार्यकर्ता जाएंगे। इसके बाद विधायक और सांसद जाएंगे और जनता को समझाएंगे कि यदि देश में मोदी और UP में योगी न होते तो हालात और बुरे होते।

2. राष्ट्रवाद की भावना को उभारा जाएगा

संघ और भाजपा कार्यकर्ता जनता को मोदी के नेतृत्व में कोरोनाकाल में मिली सफलता के बारे में बताएंगे। आत्मनिर्भर भारत नीति के तहत देश में कैसे कम समय मे कोरोना की दो वैक्सीन बनाई गई, DRDO ने कोरोना की दवा खोज ली, भारत ने अपने दम पर कोरोना टेस्टिंग किट बना ली, पूर्ण लॉकडाउन न करके कैसे गरीबों का ध्यान रखा गया और साथ ही अर्थव्यवस्था को कैसे बचाया गया... जनता को ये संदेश दिए जाएंगे। इसके अलावा केस बढ़ने पर सरकार ने ऑक्सीजन सप्लाई बढ़ाई, कम समय में हॉस्पिटल खोले गए।

3. विपक्ष के उकसावे में न आएं, बयानबाजी से दूर रहें भाजपा नेता

नेता जानते हैं कि कोरोनाकाल मे अपनों को खो चुके लोग काफी गुस्से में हैं। ऐसे में जो भी नेता जनता के बीच जाएगा, वह सिर्फ उनसे संवेदना जताएगा, सरकार की बातों को उनके सामने रखेगा, यदि जनता कोई आरोप या कुछ उल्टा सीधा बोले तो उस पर पलटवार न करें। इसके साथ ही नेता बयानबाजी से दूर रहें। ऐसा कोई बयान न दें, जिससे सरकार की छवि खराब हो। साथ ही विपक्ष के उकसावे में न आएं।

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