चुनाव के 2 ही चरण होते हैं, बाकी सब फर्जी:पहला- लोग नेता के चरण में, दूसरा- नेता लोगों के चरण में....कार्टूनिस्ट इस्माइल लहरी की नजर से देखिए दूसरा चरण

लखनऊ6 महीने पहले

दैनिक भास्कर के कार्टूनिस्ट इस्माइल लहरी की नजर में चुनाव के दो ही चरण होते हैं। पहला- जब लोग नेताओं के चरण में होते हैं और दूसरा जब नेता लोगों की चरण में होते हैं। आज दूसरे चरण की वोटिंग है।...तो क्या हम मान लें कि चुनाव खत्म हो गया? अरे नहीं...दूसरा चरण तो 7 मार्च तक चलेगा। हां, इसमें मतदान अभी 5 बार और होगा। यानी आखिरी चरण 7 मार्च के मतदान के बाद फिर शुरू होगा पहला चरण...यानी उसमें लोग फिर उन नेताओं के चरण में दिखेंगे जो अभी हमारे-आपके दरवाजे के आस-पास ही कहीं खड़े होंगे।

आइए 7 कार्टून में देखते हैं पूरा चुनाव...

1. हर मतदाता अभी पुष्पा

चुनाव से पहले मतदाता यानी हम आप पुष्पा फिल्म के हीरो से कम नहीं होते। फिर चाहे वह डिप्टी सीएम को दौड़ा देना हो या बाकी प्रत्याशियों को गाली देना। पिछले 2 महीनों में 3 मंत्री और 12 विधायकों को तो हमने ऐसे खदेड़ा मानो वह वोट मांगने नहीं चोरी करने आए हों।

2. मतदाता को सिर पर बैठाने का दिन

सिर पर बैठाने की कहावत इसी दिन के लिए बनी है। मतदान के लिए नेता अपने-अपने क्षेत्र के चरण ढूंढते रहते हैं। और जो इन चरणों का पता बता दें, उससे बड़ा गुरु और भगवान तो कोई उस दिन के लिए हो ही नहीं सकता।

3. ऐसी फजीहत देखी है कभी

दिनभर भ्रमण से स्थिति ये बन जाती है कि नेता पीछे-पीछे दौड़ते हैं और मतदाता उनसे भागते रहते हैं। कई जगहों पर तो नेताओं को फजीहत का भी सामना करना पड़ जाता है। जैसे इस कार्टून में :-

4. शौचालय में तो घर बन गया

गड़े मुर्दे इस दिन नहीं खड़े होंगे तो किस दिन होंगे। जो 5 साल से नेता जी के पीछे-पीछे घूम रहे थे, आज नेता जी उनके घर पहुंचे तो क्या स्थिति देखने को मिली? ये इस कार्टून में देखिए। हां, ये सौ फीसदी तय है कि नेता जी फिर वादों में कोई कंजूसी नहीं रखेंगे।

5. नेता जी से भी छेड़छाड़

नामांकन पत्र वापस लेने की आखिरी तिथि के आखिरी क्षण तक कई प्रत्याशी ऐसे थे, जिनके बारे में समझ में ही नहीं आ रहा था कि वह लड़ेंगे किस पार्टी से। कुछ तो ऐसे थे जो नामांकन करने के बाद भी दूसरे दल से सिग्नल का इंतजार ही करते रहे।

6. ये हैं आदर्श नेता जी

खुद दस वोट डाला और मतदाताओं के लिए संदेश भी...कम से कम 10-10 वोट डालो। इस कार्टून को उस प्रत्याशी से न जोड़ें, जिसने हाल में कहा था कि अगर फर्जी वोट भी डालना पड़े तो डालिए।

7. अनोखे नेता...फ्लावर भी, फायर भी

बहरूपिया कहना तो अपमान होगा, लेकिन नेताजी के कई रूप होते हैं, इससे तो नेताजी भी इनकार नहीं करेंगे। इधर, सभी पर पुष्पा फिल्म का खुमार चढ़ा है। फायर भी...फ्लॉवर भी... डॉयलाग भी सुपरहिट है। अरे...नेता जी तो आदिकाल से यही कहते/करते आए हैं।