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UP में दो रोहिंग्या गिरफ्तार:अवैध रुप से भारत में रोहिंग्याओं को लाते थे, UNHCR में रजिस्ट्रेशन कराकर करते थे अवैध उगाही

लखनऊ7 महीने पहले
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प्रेस कांफ्रेंस कर खुलासा करते अपर पुलिस महानिदेशक कानून व्यवस्था प्रशांत कुमार। - Dainik Bhaskar
प्रेस कांफ्रेंस कर खुलासा करते अपर पुलिस महानिदेशक कानून व्यवस्था प्रशांत कुमार।
  • बीते 6 सालों से दोनों उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ उन्नाव में रह रहे थे, इनके पास से फर्जी दस्तावेज बरामद हुए

उत्तर प्रदेश आतंकवाद निरोधक दस्ता (UP ATS) ने सोमवार को उन्नाव और नोएडा से दो रोहिंग्याओं को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि ये दोनों भारत में अवैध रुप से रोहिंग्याओं को एंट्री करवाता था। संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी उच्चायुक्त कार्यालय (UNHCR) में उनका पंजीकरण कराकर देश के कई शहरों में उनके खाने और काम दिलाने की व्यवस्था करता था। इसके लिए फर्जी दस्तावेज भी तैयार कराए जा रहे थे। ATS को दोनों की देश विरोधी गतिविधियों में संलिप्तता के सबूत हाथ लगे हैं।

म्यांमार के आकियाब जिले के निवासी दोनों
अपर पुलिस महानिदेशक कानून व्यवस्था (ADG) प्रशांत कुमार ने बताया कि ATS ने नोएडा से मोहम्मद फारुख व उन्नाव से शाहिद को गिरफ्तार किया है। मोहम्मद फारुख का असली नाम हसन अहमद है जो म्यांमार के आकियाब जिले का रहने वाला है। दोनों सगे भाई हैं। पूछताछ में पता चला है कि इनकी मां और बहन भी अलीगढ़ में रहती हैं। इनके पास से 5 लाख रुपए व तमाम भारतीय दस्तावेज बरामद किए गए हैं। इन्हें रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी। इनके बाकी साथियों को जिन्हें बंगलादेश से भारत लाया गया है, उन तमाम लोगों की जानकारी जांच टीम जुटाएगी। अभी तक 1600 रोहिंग्याओं को चिन्हित किया गया है। जिनकी तलाश जारी है।

मीट फैक्ट्रियों में काम दिलाता था गैंग
ADG प्रशांत कुमार ने बताया कि पूछताछ में यह भी सामने आया है कि आरोपियों का बहनोई हुसैन अहमद परिवार सहित नूह हरियाणा में रहता है। फारुख ने स्वीकार किया है कि वह अपने भाई शाहिद के साथ मिलकर रोहिंग्याओं को बांग्लादेश बॉर्डर से अवैध रुप से भारत लाते है। पंजीकरण कराने के बाद उन्हें अलीगढ़, उन्नाव, मथुरा, नोएडा आदि स्थानों पर मीट फैक्ट्रियों में स्थापित करते हैं। जिसके बदले धन उगाही की जाती थी।

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