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UP में एक और पूर्व मंत्री की बढ़ीं मुश्किलें:अखिलेश सरकार में मंत्री रहे मनोज पांडेय की संपत्तियों की होगी विजिलेंस जांच; एजेंसी ने शासन से मांगी मंजूरी

लखनऊ8 महीने पहले
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जांच में यह भी सामने आया है कि उन्होंने बिना सक्षम अधिकारी की अनुमति लिए दलितों की कई जमीनों को अपने नाम करा लिया। - Dainik Bhaskar
जांच में यह भी सामने आया है कि उन्होंने बिना सक्षम अधिकारी की अनुमति लिए दलितों की कई जमीनों को अपने नाम करा लिया।
  • दो साल से विजिलेंस गोपनीय तरीके से जुटा रही थी सबूत
  • सपा सरकार में ब्राह्मणों का बड़ा चेहरा थे मनोज पांडेय

सपा सरकार में कद्दावर मंत्रियों की सूची में शुमार रहे आजम खान‚ गायत्री प्रसाद प्रजापति के बाद अब मनोज कुमार पांडेय पर भी कानून का शिकंजा कसने लगा है। रायबरेली के रहने वाले मनोज पांडेय के खिलाफ सतर्कता अधिष्ठान (विजिलेंस) ने आय से अधिक संपत्ति की जांच करने के लिए शासन से अनुमति मांगी है। विजिलेंस ने मनोज पांडेय के खिलाफ हुई गोपनीय जांच को आधार बनाया है। जिसमें कहा जा रहा है कि उनके विरुद्ध आय से अधिक संपत्ति के सबूत मिले हैं। बता दें मनोज पांडेय समाजवादी पार्टी में ब्राह्मणों का बड़ा चेहरा थे।

आय से कई गुना संपत्ति का खुलासा

विजिलेंस बीते दो वर्ष से मनोज पांडेय द्वारा आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोपों की गोपनीय जांच कर रही थी। शासन को विजिलेंस द्वारा भेजी गयी गोपनीय जांच की रिपोर्ट में उनको दोषी पाया गया और उनके द्वारा अर्जित संपत्तियों की गहराई से पड़ताल करने को खुली जांच शुरू करने की अनुमति मांगी गई है। खुली जांच के बाद विजिलेंस शासन की अनुमति लेकर उनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का FIR दर्ज करेगी।

कई संपत्तियों के बेनामी होने की संभावना

शासन के सूत्रों के मुताबिक मनोज कुमार पांडेय के खिलाफ हुई गोपनीय जांच में उनकी कई बेशकीमती संपत्तियों का पता लगा है जो उन्होंने अपने मंत्री रहने के दौरान अर्जित की है। जांच में यह भी सामने आया है कि उन्होंने बिना सक्षम अधिकारी की अनुमति लिए दलितों की कई जमीनों को अपने नाम करा लिया। विजिलेंस ने रायबरेली‚ लखनऊ समेत आधा दर्जन शहरों में उनकी संपत्तियों का पता लगाया है जिनमें से कई बेनामी होने का शक है। इसी वजह से विजिलेंस ने इस मामले की गहराई से छानबीन करने को शासन से खुली जांच करने की अनुमति मांगी है। बताते चलें कि पूर्व मंत्री आजम खान और गायत्री प्रजापति के खिलाफ भी कई एजेंसियां जांच कर रही हैं।

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