2016 दरोगा भर्ती का रास्ता साफ:यूपी सरकार को मिली राहत, हाईकोर्ट के रिजल्ट रद्द करने वाले फैसले पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक

लखनऊ21 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
सुप्रीम कोर्ट की फोटो। - Dainik Bhaskar
सुप्रीम कोर्ट की फोटो।

सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार को बड़ी राहत देते हुए 2016 सब इंस्पेक्टर भर्ती के पास अभ्यर्थियों की भर्ती का रास्ता साफ कर दिया। इलाहाबाद हाईकोर्ट के रिजल्ट रद्द करने वाले फैसले पर शीर्ष अदालत ने रोक लगा दी है। यूपी पुलिस भर्ती बोर्ड ने हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने 11 सितंबर 2019 को उप निरक्षकों की भर्ती का रिजल्ट रद्द करने का फैसला दिया था। इलाहाबाद HC ने कहा था कि 50 फीसद अंकों को योग्यता मानदंड माना जाएगा। इसके तहत जिन लोगों ने 50 फीसद या उससे अधिक अंक प्राप्त किए हैं, उनकी मेरिट लिस्ट बनाने में सामान्यीकरण का नियम लागू होगा।

2707 पदों पर 2118 अभ्यर्थी ही हुए थे पास

28 फरवरी 2019 को दरोगा भर्ती परीक्षा का फाइनल रिजल्ट आया था। इसमें 2707 पदों पर केवल 2118 लोगों ही पास हुए थे। महिलाओं के लिए आरक्षित 600 सीटों में से 305 महिलाएं ही पास हुई थीं। लिखित परीक्षा पास करने के बाद जो लोग फिजिकल परीक्षा में पास नहीं हो पाए, वे कोर्ट चले गए थे।

लिखित परीक्षा में कम अंक से शारिरिक दक्षता में फेल हुए

इलाहाबाद हाईकोर्ट में दायर याचिका दायर में कहा गया कि लिखित परीक्षा में 50 प्रतिशत से कम पाने वाले अभ्यर्थी शारिरिक दक्षता की परीक्षा में फेल हो गए। इस पर हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से एक महीने के भीतर जवाब मांगा और कहा कि अंतिम फैसला कोर्ट करेगा।

लखनऊ खंडपीठ ने नियुक्ति पत्र जारी करने का दिया था आदेश

इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने 30 मार्च 2019 को भर्ती में चयनित हुए लोगों की नियुक्ति पर रोक लगा दी। इसके बाद 29 मई 2019 को लखनऊ बेंच में जज गोविंद माथुर और जज जसप्रीत सिंह ने पुराने आदेश को बदलते हुए नियुक्ति पत्र जारी करने का आदेश दिया।

मगर, 11 सितंबर को इलाहाबाद हाईकोर्ट का अंतिम फैसला आया, जिसमें पूरे रिजल्ट को ही रद्द करने का आदेश दिया गया। इसके बाद ये मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा। अब सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगा दी है।

खबरें और भी हैं...