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पीलीभीत में दुष्कर्म-हत्या केस:25 लाख मुआवजे की मांग को लेकर परिवार ने अंतिम संस्कार रोक दिया था, बड़ी मुश्किल में माने

पीलीभीत10 महीने पहले
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यह फोटो पीलीभीत की है। मुआवजे की मांग को लेकर सपा नेता व ग्रामीण धरने पर बैठे। - Dainik Bhaskar
यह फोटो पीलीभीत की है। मुआवजे की मांग को लेकर सपा नेता व ग्रामीण धरने पर बैठे।
  • प्रशासन ने 10 लाख का मुआवजा व निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया तो हुआ अंतिम संस्कार
  • शुक्रवार की रात दुष्कर्म के बाद 7 साल की बच्ची की गला दबाकर कर दी गई थी हत्या
  • माधोटांडा थाना क्षेत्र का मामला, 1 धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होने गई थी बच्ची

उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले में सात साल की बालिका की दुष्कर्म के बाद हत्या के प्रकरण में सियासत शुरू हो गई है। रविवार को पोस्टमार्टम के बाद जब परिजनों को बच्ची का शव मिला तो वे गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार की तैयारी करने लगे। लेकिन सपा के पूर्व कैबिनेट मंत्री हाजी रियाज, पूर्व राज्यमंत्री हेमराज वर्मा, पूर्व विधायक पीतम राम, राष्ट्रीय सचिव अखिलेश कटियार समर्थकों के साथ पीड़िता के गांव पहुंचे। उन्होंने परिवार से बात करने के बाद अंतिम संस्कार रुकवा दिया और ग्रामीणों के साथ धरने पर बैठ गए। सपा नेताओं ने पीड़ित परिवार के हक में 25 लाख रुपए मुआवजा दिए जाने की मांग की।

परिवार वालों से बात करते सपा नेता।
परिवार वालों से बात करते सपा नेता।

धरने की खबर पाकर गांव पहुंचे पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने धरना खत्म करने की अपील की। लेकिन लोग अपनी मांग पर अड़े रहे। प्रशासन ने 10 लाख का मुआवजा देने के साथ निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया तो सपा नेताओं ने धरना खत्म किया है। परिवार वालों का कहना है कि पुलिस गलत खुलासा कर रही है। जबकि आरोपी कोई और है। परिवार वालों ने कुछ लोगों पर घटना को अंजाम देने का आरोप लगाया है। प्रशासन ने कहा कि हर पहलु को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है। मांग पूरी होने के बाद परिजनों ने शाम में अंतिम संस्कार किया है।

इस दौरान कई भाजपा के नेता भी पहुंचे। भाजपा नेताओं ने कहा कि सपा इस प्रकरण में राजनीति कर रही है। पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की है। एक मानसिक रूप से कमजोर युवक को पुलिस संदिग्ध मानकर उससे भी पूछताछ की है। पुलिस की माने तो मंद बुद्धि युवक ने घटना को करना स्वीकार लिया है।

रामायण पाठ में गई थी बालिका, तभी हुई वारदात

माधो टांडा थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी सात साल की बालिका शुक्रवार की शाम घर की महिला के साथ गांव के बाहर स्थित मंदिर पर आयोजित धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होने गई थी। जहां वह कुछ अन्य बच्चों के साथ खेल रही थी। लेकिन अचानक लापता हो गई। जब वह काफी देर तक नहीं दिखी तो उसकी खोजबीन शुरू हुई। लेकिन कुछ पता नहीं चला। इस बारे में पुलिस को सूचना दी गई। शनिवार की सुबह जब परिजन खोजते खोजते गोमती नदी के किनारे पहुंचे तो गन्ने के खेत में बच्ची का शव बरामद हुआ। बच्ची के शव पर आधे ही कपड़े थे। इसलिए दुष्कर्म के बाद हत्या की आशंका जताई गई। पुलिस ने स्लाइड बनवाने के साथ शव का पोस्टमार्टम करवाया।

हत्या व दुष्कर्म की धाराएं बढ़ाई गई

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दुष्कर्म की पुष्टि हुई। एसपी जय प्रकाश ने बताया कि एक व्यक्ति को हिरासत में लिया है। उसने घटना करने की बात स्वीकारी है। कल शाम पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हमने मुकदमे में 302 सहित 376 में मुकदमा तरमीम कर दिया था।

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