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यूपी में ऑफलाइन पढ़ाई की उठी मांग:प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन ने डिप्टी CM को 19 जुलाई से 9वीं से 12वीं तक के स्कूल खोलने का दिया सुझाव, पैरेंट्स को सता रही तीसरी लहर की चिंता

लखनऊएक महीने पहले
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प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन 19 जुलाई से यूपी में स्कूल खोलने की कर रहे मांग।- प्रतीकात्मक चित्र - Dainik Bhaskar
प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन 19 जुलाई से यूपी में स्कूल खोलने की कर रहे मांग।- प्रतीकात्मक चित्र

यूपी के स्कूलों में बच्चों को बुलाने को लेकर एक प्रस्ताव प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन की ओर से बुधवार को डिप्टी सीएम को सौंपा गया। एसोसिएशन ने अपने प्रस्ताव में 19 जुलाई से स्कूलों में 9 से 12वीं तक के स्टूडेंट्स के लिए ऑफलाइन कक्षाएं शुरू किए जाने का सुझाव दिया है। स्कूलों का कहना है कि संक्रमण का खतरा जब कम हुआ है तो स्कूल खोल देना चाहिए, वहीं सरकार व अभिभावक फिलहाल अनिर्णय की स्थिति में नजर आ रहे हैं। कुछ अभिभावकों का यह भी मानना है कि कोरोना की तीसरी लहर के जल्द आने की आशंका है। ऐसे में स्कूल खोले जाना खतरे से खाली नहीं है।

बता दें कि प्रदेश में 1 जुलाई से शिक्षकों को स्कूलों में बुलाने की अनुमति दे दी गई है। इसके बाद से ही अब बच्चो को भी स्कूल में लाने के कवायद में एसोसिएशन जुटते नजर आ रहे हैं।

यह है प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के तर्क

अन एडेड प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल अग्रवाल ने बताया कि एसोसिएशन से एफिलिएटेड सभी स्कूलों में कोविड 19 को लेकर जारी एसओपी का अनिवार्य रूप से पालन कराया जाएगा। संगठन का तर्क है कि कोरोना संक्रमण के चलते स्कूलों को बंद किया गया था। अब स्थितियां काफी हद तक सामान्य हुई हैं। जिम, मॉल, सिनेमा हॉल, स्टेडियम खोलने की अनुमति दे दी गई है। ऐसे में छात्रों की पढ़ाई को ध्यान में रखते हुए स्कूलों में क्लासेज संचालन की अनुमति भी दी जाए।

बुधवार को डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा को ज्ञापन सौंपते अन एडेड प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल अग्रवाल।
बुधवार को डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा को ज्ञापन सौंपते अन एडेड प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल अग्रवाल।

ऐसे तैयार किया है खाका

  • सभी बोर्ड के स्कूलों में 6 से 8 तक की कक्षाएं अभी तीन घंटे के लिए ही संचालित की जाएंगी।
  • सभी स्कूलों में सुबह दस बजे से एक बजे तक क्लास लगेगी।
  • बच्चों को स्कूल भेजने के लिए अभिभावकों की ओर से लिखित अनुमति भी मांगी जाएगी।
  • एक क्लास में नहीं बैठेंगे 20 से अधिक बच्चे।
  • फर्स्ट फेज में क्लास 9 से 12 के स्टूडेंट्स को स्कूलों में बुलाने की अनुमति दी जाए,15 दिन तक स्थितियों पर नजर रखी जाए और उसके बाद स्थितियां सामान्य होने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी
  • दूसरे चरण में 2 अगस्त से कक्षा 1 से 8 तक के बच्चों को भी ऑफलाइन क्लासेस के लिए स्कूल बुलाने की अनुमति दी जाए यहां भी स्थितियों पर नजर रखी जाएगी।
  • सब कुछ ठीक रहने पर तीसरे और अंतिम चरण में 16 अगस्त से प्री प्राइमरी के बच्चों के लिए भी स्कूल खोल दिए जाएं।

यह है अभिभावकों का पक्ष

क्लास 9 के स्टूडेंट यज्ञ के पिता मयूर सूर्यवंशी कहते हैं कि अभी कोरोना का खतरा कम नहीं हुआ है।अखबारों में हर रोज़ तीसरी लहर की खबर आ रही है। अब इन हालात में कैसे बच्चे को स्कूल पढ़ने को भेजें। यह समझ में नहीं आ रहा।

क्या कहते है जिम्मेदार?

लखनऊ के डीआईओएस मुकेश कुमार सिंह ने बताया कि स्कूल खोलने को लेकर अभी तक कोई निर्णय नहीं लिया गया है। सरकार जो भी फैसला लेगी, उसका पालन किया जाएगा। फिलहाल पढ़ाई ऑनलाइन तरीके से हो रही है।

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