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  • Up Second Day Of The Proceedings Of The Legislative Assembly Session All MLAs Of Akhilesh Will Give Notice Of Breach Of Privilege Today; Yogi Said To Rajbhar On The First Day In The House If There Is Any Work Then Tell Me

विधानसभा में अखिलेश Vs योगी, VIDEO:सपा प्रमुख ने कहा- आपके मंत्री झोलाछाप बनकर रह गए हैं; सीएम का जवाब- पर उपदेश कुशल बहुतेरे

लखनऊ2 महीने पहले

विधानसभा में मानसून सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को सदन में जोरदार बहस हुई। समाजवादी पार्टी सुप्रीमो अखिलेश यादव और सीएम योगी में सवाल-जवाब हुए। सदन के नेता प्रतिपक्ष अखिलेश यादव ने प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर सवाल उठाए, जिसका जवाब नेता सदन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दिया।

सीएम योगी के बयान से असंतुष्ट नेता प्रतिपक्ष अखिलेश यादव ने सदन से वॉक आउट किया। विधानसभा कल 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई है। बावजूद इसके सपा के बहुत से विधायक विधानसभा के वेल में धरने पर बैठे। वो कानून व्यवस्था पर चर्चा और आजम खां पर लगातार हो रहे मुकदमों को लेकर सरकार से जवाब चाहते थे।

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अखिलेश बोले- सरकार के मंत्री बन गए हैं छापामार मंत्री
विधानसभा में मानसून सत्र में अखिलेश यादव तेवर में नजर आए। उन्होंने कहा, "UP में मेडिकल फैसिलिटी बदहाल है। गोंडा में महिला को गलत इंजेक्शन लगा दिया। उसकी जान चली गई। सरकार दावा करती है कि झोलाछाप नहीं हैं। आपके माननीय बन गए हैं, छापामार मंत्री। आपके छापों का असर क्या है? आपके अस्पताल में न दवा है, न मशीन।"

अखिलेश ने कहा, "लोगों को इलाज के लिए दिल्ली जाना पड़ रहा है। सपा ने लोहिया अस्पताल बनाया, 1 रुपए पर्चा रखा। ये एम्स सपा की देने है, हमने शुरू किए थे। जानबूझकर सरकारी अस्पताल खराब किए जा रहे हैं।

मैं उम्मीद करता हूं कि एंबुलेंस सेवा अब ठीक होगी

सत्र के दूसरे दिन अखिलेश यादव तेवर में नजर आए। अखिलेश ने योगी सरकार पर खूब तंज कसे।
सत्र के दूसरे दिन अखिलेश यादव तेवर में नजर आए। अखिलेश ने योगी सरकार पर खूब तंज कसे।

अखिलेश ने कहा, "जैसे झोलाछाप डॉक्टर का हाल, वैसा इनका होने जा रहा। ट्रांसफर हो रहे हैं। इन्हें कुछ पता नहीं। मंत्री अस्पताल जाते हैं, तो पत्रकार सवाल पूछते हैं। वो कान में कुछ कहते हैं। फिर कोई कुछ सवाल नहीं करता। मंत्री जी... ये कान वाला इलाज क्या है। अध्यक्ष महोदय, मैं उम्मीद करता हूं कि 108 एंबुलेंस की सेवा ठीक होगी। अगर, बजट कम हो। तो नेता सदन के पास जाएं, उन्हें समझाएं। शायद बजट मिल जाएगा।"

योगी ने अखिलेश को दिया जवाब

सीएम योगी ने अखिलेश को बहुत ध्यान से सुना, फिर एक-एक करके उनके जवाब देने शुरू किए।
सीएम योगी ने अखिलेश को बहुत ध्यान से सुना, फिर एक-एक करके उनके जवाब देने शुरू किए।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अखिलेश यादव पर पलटवार करते हुए कहा कि पर उपदेश कुशल बहुतेरे... दूसरों को उपदेश देना बहुत आसान है। उन्होंने कहा कि दुर्भाग्य से प्रदेश में चार बार सपा की सरकार रही है। मगर इंसेफेलाइटिस से होने वाली मौत पर कोई संवेदनशीलता नहीं दिखाई।

सीएम योगी ने जवाब देते हुए कहा, "गोरखपुर का जिक्र नेता प्रतिपक्ष ने किया है। ये सीजन पूर्वांचल के लोगों के लिए मुश्किल भरा होता था। इंसेफेलाइटिस से 2 हजार तक मौत होती थी। संयुक्त कार्रवाई का प्रभाव है कि इंसेफेलाइटिस से होने वाली मौत शून्य पर आ गई है।"

"उन्हें बुरा लगा कि जो वो नहीं कर पाए, बीजेपी कर रही है"
सीएम योगी ने कहा, "यूपी में हमने 38 करोड़ से ज्यादा कोरोना डोज दी। नेशनल हेल्थ फैमिली रिकॉर्ड में दर्ज है। पहली बार यूपी में आयुष यूनिवर्सिटी और स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी बन रही है। एम्स गोरखपुर में सबसे बड़ी बाधा सपा ही थी। हमने ही उस जमीन की रजिस्ट्री करवाई।"

अखिलेश की तरफ देखते हुए योगी ने कहा, "नेता प्रतिपक्ष पूर्व मुख्यमंत्री रह चुके हैं। कम से कम उन्हें सच बोलना चाहिए। जिम्मेदार नेता की तरह बोलना चाहिए। उन्हें बुरा लग रहा है, क्योंकि ये कर ही नहीं पाए। किसी भी प्रकार के इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए सरकार के पास धन की कोई कमी नहीं है। हम अर्थव्यवस्था को 1 ट्रिलियन की ओर बढ़ रहे हैं।

वेल में सपा सदस्यों ने किया हंगामा

ये तस्वीर स्पीकर सतीश महाना की है। हंगामा कर रहे सदस्यों को शांत करने के लिए उन्हें काफी मशक्कत करनी पड़ी।
ये तस्वीर स्पीकर सतीश महाना की है। हंगामा कर रहे सदस्यों को शांत करने के लिए उन्हें काफी मशक्कत करनी पड़ी।

सपा के मुख्य सचेतक मनोज पांडे ने विधानसभा सत्र के पहले दिन सपा विधायकों को पैदल मार्च करते हुए सदन आने से रोके जाने का मामला उठाया। उन्होंने विशेषाधिकार हनन का नोटिस देते हुए कहा कि हमें सदन आने से रोका गया। इसलिए हम विशेषाधिकार हनन का नोटिस देते हैं। इस पर मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि किसी विधायक को सदन आने से नहीं रोका गया है। सपा विधायक सदस्य सदन में आए ही नहीं और ना ही सदन में उन्हें आने से रोका गया है।

विशेषाधिकार हनन के नोटिस देने के बाद संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना के जवाब से संतुष्ट न होने पर समाजवादी पार्टी के सदस्यों ने जोरदार हंगामा किया। सपा के सदस्य वेल में आकर नारेबाजी और हंगामा करने लगे। सपा विधायक स्थगन चाहते थे। मगर स्पीकर सतीश महाना ने कहा, "मैं हाउस स्थगित नहीं करुंगा। ये पहले से ही तय था कि सदन में हंगामा होगा।

मायावती ने सपा के समर्थन में सरकार को घेरा
मायावती ने सपा के पैदल मार्च के समर्थन और उसे रोकने पर बीजेपी सरकार को घेरते हुए ट्वीट किया है। उन्होंने लिखा, "विपक्षी पार्टियों को सरकार की जन-विरोधी नीतियों व उसकी निरंकुशता और जुल्म-ज्यादती आदि को लेकर धरना-प्रदर्शन करने की अनुमति नहीं देना, बीजेपी सरकार की नई तानाशाही प्रवृति हो गई है। साथ ही, बात-बात पर मुकदमे व लोगों की गिरफ्तारी और विरोध को कुचलने की बनी सरकारी धारणा अति-घातक।"

दरअसल, तीन साल पहले सपा-बसपा गठबंधन टूटने के बाद पहली बार मायावती ने सपा का नाम लिए बिना समर्थन किया है। इस ट्वीट के बाद राजनीतिक गलियारे में चर्चा है कि 2024 लोकसभा चुनाव में फिर से मायावती और अखिलेश यादव एक साथ आ सकते हैं।

मानसून सत्र के दूसरे दिन की कार्रवाई के बाद आपको पहले दिन सत्र के दौरान हुए कुछ रोचक फैक्ट भी पढ़वाते हैं...

​​​​​"क्या ड्रामा करते रहते हो, काम हो तो बता दिया करो"
यूपी विधानसभा में सोमवार को शुरू हुए मानसून सत्र के पहले दिन नेता सदन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपनी सीट से चलकर विपक्ष के विधायकों के पास पहुंचे थे। इस दौरान योगी सुभासपा के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर की सीट के सामने पहुंचे। योगी ने कई विधायकों का अभिवादन स्वीकार करते हुए सुभासपा अध्यक्ष से कहा," राजभर! कोई काम हो तो बता दिया करो। क्या ड्रामा करते रहते हो? योगी के इस वाक्य को सुनकर वहां खड़े अन्य विधायक हंस पड़े, लेकिन ओपी राजभर इस दौरान गंभीर बने रहे।

बयानों से चर्चा में रहते हैं राजभर
सुभासपा अध्यक्ष ओपी राजभर आए दिन अपने बयानों का लेकर चर्चा में रहते हैं। इस बीच वह कई बार सपा मुखिया अखिलेश यादव पर भी कटाक्ष करते नजर आए हैं। सुभासपा के टूटने से आहत राजभर ने सपा मुखिया अखिलेश पर भी कई बार आरोप लगाया। इस बीच सोमवार को जब सदन शुरू होना था, उसके पहले सत्ता पक्ष व विपक्ष (सपा को छोड़कर) अन्य दलों के विधायक मिलकर आपस में अभिवादन स्वीकार कर रहे थे।

सोमवार को अखिलेश यादव ने विधानसभा जाने के लिए पैदल मार्च किया। पुलिस ने उन्हें रास्ते में ही रोक लिया था।
सोमवार को अखिलेश यादव ने विधानसभा जाने के लिए पैदल मार्च किया। पुलिस ने उन्हें रास्ते में ही रोक लिया था।

भाजपा से ऑफर पर दयाशंकर ने ली चुटकी
सदन स्थगित होने के बाद सुभासपा अध्यक्ष ओपी राजभर सदन से बाहर निकले। गलियारे में पत्रकारों ने घेरकर पूछा कि आखिर योगी ने आपको कौन सा ऑफर दिया है? इस पर राजभर ने कहा कि योगी जी ने कहा कि कोई काम हो तो बता दिया करो। इस पर किसी ने कहा कि बाहर तो ये चर्चा रही कि आपको भाजपा में बुलाया जा रहा है। इस बीच वहां खड़े परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने कहा कि राजभर भाजपा से बाहर कहां हैं? मैं तो राजभर के साथ हूं।

एक दिन पहले सिर्फ 600 मीटर का पैदल मार्च हो सका था

जब अखिलेश को रोका गया। तो वो सड़क पर ही बैठकर धरना देने लगे थे।
जब अखिलेश को रोका गया। तो वो सड़क पर ही बैठकर धरना देने लगे थे।

सोमवार को पहली बार योगी सरकार को घेरने के लिए पैदल यात्रा पर निकले अखिलेश यादव पार्टी कार्यालय से 600 मीटर ही पैदल मार्च कर सके। नेता प्रतिपक्ष अखिलेश यादव को पार्टी कार्यालय से पैदल मार्च के बाद उनके आवास के बाहर ही बैरिकेडिंग लगाकर पुलिस ने रोक लिया।

सोमवार को सपा प्रमुख अखिलेश यादव के आह्वान पर उनके 106 विधायक ही पैदल मार्च में शामिल हो सके। पैदल मार्च में सपा के वरिष्ठ नेता आजम खान उनके बेटे अब्दुल्ला आजम, शिवपाल यादव और पल्लवी पटेल शामिल नहीं थे।