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हाईकोर्ट वकील की पत्नी के अपहरण की फिल्मी कहानी:एसटीएफ और लखनऊ पुलिस की टीमें 3 दिन तक अपहर्ताओं को ट्रैक ही करती रहीं, 2 कांस्टेबल गए और महिला को ले आए

लखनऊ2 दिन पहले
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी लेकि - Dainik Bhaskar
पुलिस की गिरफ्त में आरोपी लेकि

राजधानी लखनऊ के सुशांत गोल्फ सिटी थाना क्षेत्र से हाई कोर्ट के वकील की पत्नी का अपहरण बीते छह जून को हुआ था। 3 दिन की मशक्कत के बाद 9 जून की रात लखनऊ पुलिस और यूपी एसटीएफ ने वकील की पत्नी को सकुशल बरामद कर लिया। अभी तक 4 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है लेकिन पुलिस की कहानी गले नहीं उतर रही है। अपहरण की रकम मांगने के लिए एक्टिव होने वाले नंबर से फोन आता कि हम "दीदी को वापस कर देंगे लेकिन मुझे 1 करोड़ रुपए से कम नहीं चाहिए।" 6, 7 और 8 जून की 3 रातें पुलिस मोहनलालगंज के उस इलाके में घूमती नजर आई, जहां उन्हें महिला का सुराग नहीं लगा।

फिरौती मांगने के लिए रात में एक्टिव होते थे बदमाश

खुलासे से जुड़े अधिकारी बताते हैं कि, वकील की पत्नी का अपहरण पुलिस के लिए बहुत ही चुनौतीपूर्ण था। हम सभी प्रयास कर रहे थे सकुशल वकील की पत्नी को बरामद किया जाए। लेकिन बदमाशों की बातचीत के तरीके से लगता था अपरहरणकर्ता उनके करीबी हैं। क्योंकि वह दीदी, दीदी कहकर बात कर रहे थे। फोन पर वे यही बोलते थे कि हम दीदी को आपको वापस कर देंगे लेकिन मुझे एक करोड़ रुपए से कम नहीं चाहिए। पुलिस की टीम दिन भर बदमाशों की तलाश में लगी रहती लेकिन वह रात में सक्रिय होते। हर बार उनके नंबर से कॉल आती थी कि आप पुलिस के साथ क्यों घूम रहे हैं। ऐसा ही सिलसिला 6 तारीख से 8 जून के बीच चला। तीन रात जागने के बाद पुलिस बिल्कुल हताश सी हो गई थी। लेकिन 9 जून की रात जब बदमाशों ने एक करोड़ रुपए लेकर आने का अलग स्थान बताया तब भी वह वहां नहीं पहुंचे। पुलिस के टीम के हाथ पांव फूल गए वह सोच में पड़ गए आखिर यह बदमाश चाहते क्या हैं?

लखनऊ पुलिस और एसटीएफ की टीम देखती रही अचानक पहुंच गई यूपी-112 की गाड़ी

बात 9 जून रात की है। पुलिस ने मोबाइल नंबर के ट्रैकिंग के जरिए महिला को मोहनलालगंज इलाके में रखे जाने के उस स्थान पर पहुंचने की कोशिश की। जहां उसे एक बंद कमरे में बांधकर रखा गया था। लखनऊ पुलिस की तीन टीमें और एसटीएफ की एक टीम ने दूर से उस स्थान को देखकर उसे पूरे तरीके से घेराबंदी कर दिया। लेकिन अचानक से टीम की मौजूदगी के बीच 112 की गाड़ी उस घर में पहुंच गई। जहां पर महिला को बंद करके रखा गया था। लखनऊ पुलिस और एसटीएफ की टीमें सकते में आ गई आख़िर 112 के सिपाहियों को जानकारी किसने दी। वह तो इस टीम का हिस्सा नहीं थे। लेकिन यूपी 112 के दो सिपाहियों ने तत्काल घर के गेट को खुलवाया और वहां पर बंद महिला को बरामद किया और कमरे से एक बदमाश को भी पकड़ा।

रैंडम करते थे किडनैपिंग मांगते थे फिरौती

लखनऊ पुलिस के अधिकारी ने बताया कि, बदमाशों का 10 लोगों का गिरोह है। जो कि रेंडम किसी भी महिला या बच्चे का किडनैपिंग करने का काम करते थे और उनकी प्रोफाइल के हिसाब से फिरौती की रकम मांगते थे। एक करोड़ रुपए से फिरौती की रकम मांगना शुरू करते थे और 10 से 15 लाख या 20 लाख तक लेकर छोड़ देते थे। ऐसा ही मामला सुशांत गोल्फ सिटी से वकील अनुराग शुक्ला की पत्नी प्रीति के अपहरण का सामने आया। मास्टरमाइंड समेत सात अन्य बदमाशों की तलाश लखनऊ पुलिस कर रही है। अभी तक इस मामले से जुड़े तीन अभियुक्त रोहित गौतम, लवकुश को गुरुवार और संतोष चौबे को बुधवार की रात पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था।

भीड़ देख स्थानीय लोगों ने दी थी यूपी 112 पर सूचना

मोहनलालगंज हरिवंशगढ़ी गांव के जिस घर से वकील की पत्नी को बरामद किया गया। उस घर के आवागमन और रह रहे लोगों को संदिग्ध दिखने पर स्थानीय लोगों ने एकाएक 112 पर सूचना दी थी। सामान्य सूचना पर पहुंची 112 की टीम ने हाई प्रोफाइल अपहरण के खुलासे में बड़ी भूमिका निभाई। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि, जब 112 से पूछा गया कैसे यहां पहुंच गए तब उन्होंने बताया कि, मुझे एक नंबर से फोन आया था यहां पर भीड़ लगी हुई कुछ लोग संदिग्ध दिख रहे हैं। संदिग्ध लोगों को चेक करने के लिए मैंने घर खुलवाया।

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