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शाहजहांपुर... 4 जिंदगियां लेने वाला सूदखोर गिरफ्तार:कर्ज देने वाले अविनाश ने दवा व्यापारी को उसके ही घर में बना दिया था किराएदार; उसकी पत्नी से भी करता था अश्लील हरकतें

शाहजहांपुर2 महीने पहले
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उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में बीते सोमवार को एक ही घर में पति, पत्नी और दो बच्चों के शव फंदे से लटके मिले थे। घर में तीन सुसाइड नोट भी मिले थे। जिसके आधार पर मृतक अखिलेश के पिता अशोक गुप्ता की तहरीर पर पुलिस ने सूदखोर अविनाश बाजपेयी के खिलाफ केस दर्ज किया था। मंगलवार शाम को उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस जांच में उसने सिलसिलेवार बताया है कि कैसे वह दवा व्यापारी अखिलेश गुप्ता को प्रताड़ित कर रहा था?

कर्ज चुकाने के लिए कमीशन पर दूसरे सूदखोरों से दिलाया था कर्ज

करीब दो साल पहले दवा व्यापारी अखिलेश गुप्ता ने अपना बिजनेस बढ़ाने के लिए अविनाश बाजपेयी के संपर्क में आया था। अविनाश ने तब जरूरत पड़ने पर अखिलेश को ब्याज पर 12 लाख रुपए दिए थे। पूछताछ में पता चला कि इसी 12 लाख रुपए की जमानत के नाम पर अविनाश ने दवा व्यापारी के घर की अपने नाम रजिस्ट्री करा ली थी। इसके बाद 12 लाख का कर्ज चुकाने के लिए दवा व्यापारी पर सूदखोर ने दबाव बनाना शुरू कर दिया था।

अखिलेश पर दबाव बनता देख 12 लाख का कर्ज चुकाने के लिए सूदखोर अविनाश ने एक एक करके कई लोगों से मोटे कमीशन पर दवा व्यापारी को ब्याज पर रुपए दिला दिये। जिसमें अखिलेश फंसता चला गया। चूंकि अन्य लोगों से ब्याज पर रुपए दिलाने वाले सूदखोर अविनाश का उसमें भी कमीशन होता था। सूदखोर के जाल में फंसे दवा व्यापारी ने एक साल में करीब 32 लाख रुपए सूदखोर अविनाश को दे दिए थे। उसके बावजूद सूदखोर अखिलेश से 70 लाख रुपये की मांग कर रहा था।

शाहजहांपुर में कारोबारी ने दो बच्चों और पत्नी के साथ फंदे पर लटककर सामूहिक सुसाइड कर लिया था।- फाइल फोटो
शाहजहांपुर में कारोबारी ने दो बच्चों और पत्नी के साथ फंदे पर लटककर सामूहिक सुसाइड कर लिया था।- फाइल फोटो

12 लाख के लिए जमानत के तौर पर 50 लाख के मकान की रजिस्ट्री कराई

पूछताछ के दौरान आरोपी सूदखोर ने पुलिस को बताया कि दो साल पहले 12 लाख रुपए दिये थे। तब जमानत बतौर दवा व्यापारी का करीब 50 लाख रुपए कीमत के घर की रजिस्ट्री अपने नाम करा ली थी। उसके बाद चोरी छिपे घर का दाखिल खारिज भी करा लिया था। अब दवा व्यापारी खुद अपने घर के अंदर किरायेदार बन चुका था। जब 70 लाख रुपए सूदखोर ने दवा व्यापारी से मांगे तो दवा व्यापारी ने मना कर दिया।

कुछ दिन पहले सूदखोर ने दवा व्यापारी को घर खाली करने के लिए लीगल नोटिस भेजा था। साथ ही घर न खाली करने पर कब्जा करने की धमकी दी थी। इसके अलावा सूदखोर ने एक और आप्शन दवा व्यापारी को दिया था। घर को बचाने के लिए 70 लाख रुपये की मांग करने लगा। जिससे दवा व्यापारी बहुत ज्यादा परेशान हो गया था। आखिरकार सूदखोर से परेशान होकर दवा व्यापारी ने परिवार समेत आत्महत्या कर ली थी।

सूदखोर के जाल में फंसे दवा व्यापारी ने एक साल में करीब 32 लाख रुपए सूदखोर अविनाश को दे दिए थे।
सूदखोर के जाल में फंसे दवा व्यापारी ने एक साल में करीब 32 लाख रुपए सूदखोर अविनाश को दे दिए थे।

सूदखोर रुपए के बदले पत्नी से कर चुका था अश्लील हरकत

मंगलवार को पिता ने थाने में तहरीर दी थी। जिसमें आरोप लगाया था कि बेटे अखिलेश ने कभी कर्जे के बारे में नहीं बताया था। लेकिन बहू रेशु ने अपनी सास विजया गुप्ता को फोन पर बताया था कि अखिलेश ने कर्ज लिया था। जो अब काफी ज्यादा हो गया था।

पूछताछ में यह भी सामने आया कि अविनाश नाम का सूदखोर अखिलेश की पत्नी को बहुत परेशान करता था। कई बार फोन पर और घर आकर अश्लील हरकतें कर चुका था, लेकिन बदनामी के डर से अश्लील हरकत वाली बात पत्नी ने अखिलेश को नहीं बताई थी। क्योंकि मामला बढ़ जाता और इसमें काफी बदनामी होती। पिता अशोक गुप्ता ने एसपी और डीएम के नाम भेजे प्रार्थना पत्र में कहा कि बेटे के घर का सूदखोर ने धोखाधड़ी करके फर्जी रजिस्ट्री करा ली है। उस रजिस्टरी का निरस्तीकरण किया जाए।

भाई-बहन और पति-पत्नी की साथ-साथ सजीं चिताएं

जिसने भी ये मंजर देखा, उसकी आंखों में आंसू थे। बच्चों को नाना ने तो बेटे-बहू को पिता ने दी अग्नि
जिसने भी ये मंजर देखा, उसकी आंखों में आंसू थे। बच्चों को नाना ने तो बेटे-बहू को पिता ने दी अग्नि

सोमवार रात भर पोस्टमार्टम होने के बाद चारों के शव पोस्टमार्टम हाउस पर रखे रहे। मंगलवार को चारों शवों को घर लाया गया। परिवार व मोहल्ले वाले चारों शवों को डीसीएम से गर्रा मोक्षधाम ले गए। जहां कई नेता भी पहुंचे थे। करीब 11 बजे पिता अशोक गुप्ता ने बेटे अखिलेश गुप्ता बहू रेशु को एक चिता पर लिटाकर नम आखों के साथ मुखाग्नि दी। वहीं माता-पिता की चिता के पास दूसरी चिता पर भाई शिवांक और बहन अर्चिता के शवों को रखा गया। नाना अनूप गुप्ता ने दोनों बच्चों को मुखाग्नि दी। ऐसा माहौल देखकर गर्रा मोक्षधाम पर लोग अपने आंसू नहीं रोक पाए।

बेटे के साथ सेटल होना चाहते थे पिता

पिता अशोक गुप्ता पेशे से डॉक्टर हैं। उनको आभास भी नहीं था कि बुढ़ापे में इतना बड़ा हादसा भी देखना पड़ सकता है।
पिता अशोक गुप्ता पेशे से डॉक्टर हैं। उनको आभास भी नहीं था कि बुढ़ापे में इतना बड़ा हादसा भी देखना पड़ सकता है।

पिता अशोक गुप्ता और मां विजया गुप्ता कुछ वक्त से अपने बेटे के साथ रहने का विचार कर रहे थे। कई बार उन्होंने बेटे अखिलेश से बात भी की थी। पिता अशोक बरेली के फरीदपुर स्थित मकान को बेचना चाहते थे। ताकि बुढ़ापे का वक्त अपने बेटे बहु और पोता पोती के साथ गुजार सके। उन्होंने सोचा था कि शाहजहांपुर आकर बेटे के घर में रहेंगे। पिता अशोक गुप्ता बीएएमएस डाक्टर हैं। वह शाहजहांपुर आकर बेटे के साथ रहकर बेटे के कारोबार में हाथ बंटाना और खुद का क्लिनिक खोलकर प्रैक्टिस करना चाहते थे। लेकिन उनको आभास भी नहीं था कि बुढ़ापे में इतना बड़ा हादसा भी देखना पड़ सकता है।

रजिस्ट्री को ही आरोपी के खिलाफ बनाया गया सबूत

एसपी एस आनन्द ने बताया कि परिवार को आत्महत्या करने पर मजबूर करने वाला सूदखोर को गिरफ्तार किया है। उससे पूछताछ की गई है। उसके पास से मिली घर की रजिस्ट्री को सबूत बनाया गया है। फिलहाल आरोपी से पूछताछ की जा रही है।

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