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अग्निपथ स्कीम पर वरुण ने रक्षा मंत्री से कहा:युवाओं को असमंजस की स्थिति से बाहर निकालने के लिए नीतिगत तत्व को सामने रखा जाए

लखनऊ6 महीने पहले
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रक्षा विभाग के द्वारा अग्निपथ स्कीम के तहत भर्ती किए जाने के ऐलान के बाद यूपी, बिहार, राजस्थान जैसे राज्यों में विरोध शुरू हो गया है। भाजपा के पीलीभीत सांसद फायर ब्रांड नेता वरुण गांधी ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को पत्र लिखकर युवाओं के मन में उठ असमंजस की स्थिति के कई सवाल पूछे हैं। वरुण गांधी ने कहा अग्निपथ योजना को लेकर देश के युवाओं के मन में कई सवाल हैं। रक्षा मंत्री जल्द से जल्द युवाओं को सकारात्मक उपयोग के दिशाओं के लिए उनके तथ्यों को साफ किया जाए।

दो पेज का लिखा पत्र

फायर ब्रांड नेता वरुण गांधी ने रक्षा मंत्री को लिखे पत्र में सोशल मीडिया पर मिले सवालों को साझा किया है। वरुण गांधी ने कहा कि केंद्र सरकार की अग्निपथ योजना से जुड़े कई महत्वपूर्ण सवाल देशभर के युवाओं ने सोशल मीडिया के माध्यम से साझा किया है। उनके मन में चल रहे संशय को आपकी तरफ ध्यान आकर्षण करने के लिए पत्र लिख रहा हूं।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से पूछे सात सवाल

  • स्पेशल ऑपरेशन के समय सशस्त्र बलों में स्पेशलिस्ट बॉर्डर वाले सैनिकों की आवश्यकता होती है। ऐसे में 6 महीने से की बेसिक ट्रेनिंग प्राप्त कर इन सैनिकों के कारण वर्षों पुरानी रेजिमेंटल संरचना बाधित हो सकती है।
  • सेना में 15 साल की नौकरी के बाद रिटायर हुए नियमित सैनिकों को कॉर्पोरेट सेक्टर नियुक्ति करने में ज्यादा दिलचस्पी नहीं दिखाते। ऐसे में 4 साल की अल्पावधि के बाद इन अग्नि वीरों का क्या होगा?
  • 4 साल सेना में सेवा देने के दौरान इन लोगों की पढ़ाई बाधित होगी। साथ ही साथ अन्य समकक्ष छात्रों की तुलना में ज्यादा उम्र दराज होने के कारण अन्य संस्थानों में शिक्षा ग्रहण करने व नौकरी पाने में बड़ी मुश्किल का सामना करना पड़ेगा।
  • किसान परिवार मध्यम वर्ग से आने वाले अग्नि वीरों को सरकार के द्वारा निर्धारित कम वेतनमान के कारण घर चलाने में आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
  • इस योजना से प्रशिक्षण लागत की बर्बादी भी होगी क्योंकि 4 साल के उपरांत से नव प्रशिक्षित जवानों में केवल 25% का उपयोग ही करेगी। जो रक्षा बजट पर अनावश्यक बोझ साबित होगा।
  • योजना के लागू होने के बाद हर वर्ष बाद किए गए युवाओं में 75% 4 वर्षों के बाद पुनः बेरोजगार हो जाएंगे। हर साल यह संख्या बढ़ती जाएगी इससे देश के युवाओं में असंतोष और अधिकत पनपेगा।
  • उन युवाओं के बारे में भी सोचना होगा जिनकी उम्र सीमा कोरोना एवं भर्ती सही समय पर नहीं होने के कारण पार हो गई है। उनके लिए क्या नए नियम बनाए जाएंगे अब बदले जाएंगे।
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