• Hindi News
  • Local
  • Uttar pradesh
  • Lucknow
  • VC Dr Bipin Puri Completes One Year In KGMU: Vice Chancellor Claims, Patients Have Got The Best Facilities In The Medical Institute In The Disaster

KGMU में चिकित्सक भर्ती विवाद में कुलपति ने दी सफाई:साक्षात्कार में बेहतर प्रदर्शन करने वाले अभ्यर्थी का हुआ चयन,एक साल पूरा होने पर कार्यकाल का किया जमकर बखान

लखनऊ4 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
KGMU VC डॉ बिपिन पुरी का एक साल का कार्यकाल हुआ पूरा - Dainik Bhaskar
KGMU VC डॉ बिपिन पुरी का एक साल का कार्यकाल हुआ पूरा

केजीएमयू में चिकित्सक भर्ती का मामला कुलपति के एक साल का कार्यकाल पूरा करने के कार्यक्रम में छाया रहा।कुलपति ने दावा किया कि संस्थान में हुई चिकित्सक भर्ती सभी मानकों पर खरी उतरेगी।डॉ बिपिन पुरी के मुताबिक संस्थान में पढ़ाई पूरी करने वाले करीब 30 हजार डॉक्टर दुनिया भर में नाम रोशन कर रहे हैं और यह केजीएमयू के लिए गौरव की बात है।बुधवार को एक साल पूरे होने पर कुलपति पत्रकार वार्ता के दौरान अपने कार्यकाल के बखान करते दिखे।

निष्पक्ष है डॉक्टर भर्ती प्रक्रिया

बुधवार को पत्रकार वार्ता करते डॉ बिपिन पुरी
बुधवार को पत्रकार वार्ता करते डॉ बिपिन पुरी

KGMU में डॉक्टरों की कमी के कारण संस्थान ने 73 डॉक्टरो की भर्ती की थी।इसमें प्लास्टिक सर्जरी विभाग में डॉक्टर की भर्ती विवादों में आ गई।राजभवन के हस्तक्षेप के बाद केजीएमयू कुलसचिव ने भर्ती पर जांच बिठा दी।डॉक्टर की भर्ती के विवाद के मामले पर केजीएमयू कुलपति ने कहा कि भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह से निष्पक्ष है और यह जरूरी भी नहीं कि किसी संस्थान विशेष के सभी छात्र नौकरी के काबिल हों।कुलपति डॉ. बिपिन पुरी ने सफाई देते हुए कहा कि साक्षात्कार में बेहतर प्रदर्शन करने वाले अभ्यर्थी का ही चयन किया गया है।

क्या था विवाद

डॉ बिपिन पुरी - KGMU VC
डॉ बिपिन पुरी - KGMU VC

केजीएमयू में डॉक्टरों की भर्ती प्रक्रिया शुरु से ही विवादों में रही।प्लास्टिक सर्जरी विभाग में डॉक्टर की भर्ती पर मामला विवादों में आया।विधायक समेत अन्य लोगों ने भी राजभवन से शिकायत की।मामला तूल पकड़ता देख राजभवन ने हस्तक्षेप करके जांच बैठवाई।आरोप हैं कि केजीएमयू से एमसीएच की डिग्री लेने वाले व एम्स में नौकरी कर रहे डॉक्टर का भी चयन नहीं हुआ। वहीं प्राइवेट कॉलेज से एमबीबीएस व डीएनबी कोर्स करने वाले का चयन किया गया।कुलपति ने इस पर दलील दी कि जरूरी नहीं कि केजीएमयू-एम्स से डिग्री लेने वाले सभी डॉक्टर काबिल हों।

KGMU - एक नज़र

केजीएमयू 115 बरस का हो गया है।इसमें 75 विभाग हैं।वहीं, संचालन 56 विभागों का हो रहा है।यहां मेडिकल पाठ्यक्रमों के टॉपर्स को मेडल-अवॉर्ड दिए जाते हैं।इसमें एमबीबीएस, एमडी, एमएस, डीएम, एमसीएच व नर्सिंग के लिए अलग-अलग मेडल तय किए गए हैं।यूजी-पीजी कोर्स में टॉपर्स के साथ-साथ स्पेशयलिटी कैटेगिरी में भी अवॉर्ड-बुक प्राइज तय किए गए हैं।ऐसे में करीब 200 मेडल, अवॉर्ड और बुक प्राइज हर वर्ष मेधावियों को दिए जाते हैं।

किस कोर्स में कितनी सीट -

एमबीबीएस-250, बीडीएस-70, एमडी-एमएस-272, एमडीएस-43, डीएम-एमसीएच-56, एमएससी नर्सिंग-50, बीएससी नर्सिंग-100, एमफिल-8, बीएससी-आरटी-5

खबरें और भी हैं...