शिक्षक भर्ती मामले में 139 वें दिन धरना जारी:23 नवंबर को विधान सभा का करेंगे घेराव, धरना स्थल पर ही मनाई दिवाली, सरकार पर जातिवादी होने का लगाया आरोप

लखनऊ2 महीने पहले
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दीपावली के दिन ईको ग्रार्डन में ही मनाई गई दीपावली। - Dainik Bhaskar
दीपावली के दिन ईको ग्रार्डन में ही मनाई गई दीपावली।

69 हजार शिक्षक भर्ती में घोटाले का आरोप लगा कर प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों का धरना 139 वें दिन जारी रहा। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने दीपावली वाले दिन भी ईको ग्रीन में ही लाइट जलाकर प्रदर्शन किया था। बताया कि वह लोग इस बार विरोध करते हुए ईको गॉर्डन में दीपावली मनाया। आंदोलनकारियों ने 23 नवंबर को विधानसभा घेराव की चेतावनी दी है। अभ्यर्थियों ने सरकार और अधिकारियों पर जातीवादी होने का आरोप लगाया। बताया कि पिछड़ा और दलित संवर्ग के लोगों का हक मारा जा रहा है।

प्रदर्शनकारी राष्ट्रीय पिछड़ा आयोग की रिपोर्ट लागू करने की मांग कर रहे है। बताया जा रहा है कि आयोग की रिपोर्ट में भी फर्जी वाड़ा आया था। इसमें करीब 20 हजार पदों पर धांधली हुई है। अभ्यर्थियों ने बताया कि सरकार की ओर से उनको 15 दिनों का आश्वासन दिया गया था। लेकिन उनके साथ धोखा हुआ है। सरकार के लिए केवल आश्वासन देने का काम कर रहे हैं। उनकी मंशा काम कराने की नहीं लग रही है।

20 हजार नौकरी में भ्रष्टाचार हुआ है

20 हजार पद पर दूसरे वर्ग के लोगों की बहाली कर दी गई है। ऐसे में नाराज अभ्यर्थियों ने 23 नवंबर को विधानसभा घेराव की चेतावनी दी है। बताया कि इसकी तैयारी पूरे प्रदेश में की जा रही है। इसमें हजारों की संख्या में लोग आएंगे। नाराज अभ्यर्थी हजारों की संख्या में बड़ा आंदोलन करने का ऐलान कर चुके हैं। हालांकि इस दौरान ईको गार्डन में धरना जारी रहेगा।

वरिष्ठ आईएएस मुकुल सिंघल के नेतृत्व में कमिटी भी बनी है, लेकिन उसने भी कुछ नहीं किया। ऐसे में अब 23 नवंबर को विधानसभा का घेराव करने का फैसला किया गया है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सरकारी भ्रष्टाचार की वजह से 20 हजार नौकरियां अन्य वर्गों के लोगों को मिल गई हैं। बेसिक शिक्षा विभाग की अनदेखी की वजह से भर्तियां नहीं हो पा रही हैं। हम लोग मुख्यमंत्री तक को मांग पत्र भेज चुके हैं, लेकिन अभी तक कोई सुनवाई नहीं हुई है। अब मजबूरन हमें सड़क पर उतरना पड़ रहा है।

इन सवालों को लेकर सरकार को घेर रहे अभ्यर्थी

- 69000 शिक्षक भर्ती में ओबीसी को 27 प्रतिशत के स्थान पर उनके कोटे में 3.86 प्रतिशत आरक्षण क्यों?

- भर्ती में दलित वर्ग को 21 प्रतिशत के स्थान पर उनके कोटे में 16.6 % आरक्षण क्यों?

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