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लखनऊ में पानी का संकट:इस्माईलगंज समेत इंदिरा नगर के कई इलाकों में महज डेढ़ घंटे हुई पानी की सप्लाई, 60 हजार आबादी प्रभावित

लखनऊ19 दिन पहले
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इस्लामईल गंज की 80 फीसदी आबादी जलकल की तरफ से सप्लाई वाले पानी पर निर्भर है। उन्होंने बताया कि पानी कठौता से आता है लेकिन वहां से प्रेशर कम हो गया है।   - Dainik Bhaskar
इस्लामईल गंज की 80 फीसदी आबादी जलकल की तरफ से सप्लाई वाले पानी पर निर्भर है। उन्होंने बताया कि पानी कठौता से आता है लेकिन वहां से प्रेशर कम हो गया है।  

उमस और गर्मी बढ़ने के साथ ही लखनऊ शहर के कई इलाकों में पानी संकट शुरू हो गया है। शहर में इस्माईलगंज द्वितीय, प्रथम और इंदिरा नगर के इलाकों में महज कुछ समय के लिए पानी आ रहा है। रविवार को इस्माईलगंज द्वितीय वॉर्ड के पटेल नगर, सुरेन्द्र नगर, लेबर अड्डा, अजय नगर समेत कई इलाकों में सुबह 6 से 10 तब आने वाला पानी महज एक से डेढ़ घंटे के लिए आया। स्थानीय लोगों का कहना था कि उसमें भी पानी का प्रेशर बहुत कम था। इसकी वजह से यह दिक्कत आ रही है।

इस्माईलगंज वॉर्ड के पूर्व पार्षद आरपी सिंह ने बताया कि पिछले दो दिन से पानी की समस्या बढ़ गई है। उन्होंने बताया कि इसको लेकर जलकल के जेई से संपर्क किया गया था। उसके बाद भी समस्या का समाधान नहीं हो रहा है। यहां करीब 60 हजार से ज्यादा की आबादी रहती है। उसमें से 80 फीसदी आबादी जलकल की तरफ से सप्लाई वाले पानी पर निर्भर है। उन्होंने बताया कि पानी कठौता से आता है लेकिन वहां से प्रेशर कम हो गया है।

कठौता में कम होने लगा जल स्तर
पानी कम आने की पीछे की मुख्य वजह गोमती नगर वास्तुखंड स्थित कठौता झील का जलस्तर कम होना बताया जा रहा है। यहां करीब अब 8 फुट पानी बचा है। 80 एमएलडी पानी की सप्लाई यहां से रोज होती है। इसमें इंदिरा नगर और गोमती नगर से जुड़े पांच लाख की आबादी शामिल है। इसमें जलस्तर जैसे कम होता है तो इंदिरा नगर में पानी का प्रेशर भी कम हो जाता है। आम दिनों में करीब 8 से 9 घंटे तक पानी की सप्लाई होती है लेकिन अभी यह सप्लाई महज तीन घंटे तक आकर रूक गई है।

जलकल से जुड़े लोगों का कहना है कि अभी 12 जून से पहले सिंचाई विभाग का पानी यहां नहीं आ पाएगा। यहां शारदा नहर से पानी आता है। ऐसे में जलस्तर पांच फुट तक आ सकता है। इसकी वजह से पांच लाख की आबादी पूरी तरह से परेशानी झेल सकती है।

क्या कहते हैं जिम्मेदार?
जलकल के एक्सईएन राम कैलाश गुप्ता बताते हैं कि जलस्तर कम हुआ है। लेकिन वह लोग ट्यूबवेल से बाकी जगहों पर सप्लाई दे रहे हैं। उन्होंने बताया कि सिंचाई विभाग से 7 जून तक पानी छोड़ने का आग्रह किया गया था, लेकिन वह 10 जून से पहले नहीं छोड़ पाएंगे। शारदा नगर का यह पानी लखीमपुर खीरी से छोड़ा जाता है। ऐसे में कठौता आते-आते और भरने में 30 से 36 घंटे का समय लग जाता है। माना जा रहा है कि 12 जून तक सप्लाई नॉर्मल होगी।

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