UP के 8 जिलों में आज तेज बारिश का अलर्ट:लखनऊ में हुई तेज बारिश, मौसम विभाग ने कहा- पूर्वी यूपी में दिखेगा मानसून का असर, 60 किमी की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

लखनऊ10 महीने पहले

उत्तर प्रदेश में मानसून अब नरम पड़ चुका है। बादल और सूरज की लुकाछिपी का सिलसिला बढ़ गया है। मौसम विभाग ने शनिवार को औसत 6.7 मिमी बारिश की संभावना जताई थी। इसके बावजूद 24 घंटे के अंदर 1.3 मिमी बारिश हुई है। रविवार को लखनऊ के चौक, गोमतीनगर समेत कई क्षेत्रों में बारिश हुई। फिलहाल लखनऊ स्थित आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र ने 17 जिलों में यलो अलर्ट तो 8 जिलों में रेड अलर्ट यानी भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।

औसत अनुमान से कम हुई बारिश

मौसम विभाग के निदेशक जेपी गुप्ता ने बताया कि बंगाल की खाड़ी पर निम्न दबाव बन चुका है जिसके प्रभाव से बारिश उड़ीसा से होते हुए राजस्थान और गुजरात तक पहुंचेगी। पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर राज्यों में बारिश की गतिविधियां जारी रहेंगी।

उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश में 1 जून से शुरू हुए मानसून से अब तक 563 मिलीमीटर दर्ज की गई है, जो औसत अनुमान 602. 9 मिमी से 39.9 मिमी कम है। मौसम विभाग के निदेशक जेपी गुप्ता ने बताया है कि 31 अगस्त तक पूरे प्रदेश में मामूली बरसात होने की संभावना है।

लखनऊ के हजरतगंज में बारिश की पड़ी फुहारें।
लखनऊ के हजरतगंज में बारिश की पड़ी फुहारें।

यहां यलो अलर्ट

बलरामपुर, गोंडा, श्रावस्ती, सिद्धार्थ नगर, लखीमपुर खीरी, पीलीभीत, संभल, लखनऊ, हरदोई, गाजीपुर, बलिया, देवरिया, मऊ, आजमगढ़, कुशीनगर, महाराजगंज और गोरखपुर जिले में 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी। बिजली की गरज-चमक के बीच बारिश होने की संभावना है।

लखनऊ के गोमतीनगर क्षेत्र में हुई तेज बारिश।
लखनऊ के गोमतीनगर क्षेत्र में हुई तेज बारिश।

इन जिलों में रेड अलर्ट

मौसम विभाग के अनुसार बरेली, शाहजहांपुर, बदायूं, कासगंज, फर्रुखाबाद, बाराबंकी और बहराइच, सीतापुर जिले में 75 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी। इन जिलों में बिजली की गरज चमक के साथ बारिश होगी।

लखनऊ में रविवार सुबह से बादल छाए रहे।
लखनऊ में रविवार सुबह से बादल छाए रहे।

क्या होते हैं ग्रीन, रेड, यलो और ऑरेंज अलर्ट
ग्रीन अलर्ट: कोई खतरा नहीं है।

येलो अलर्ट: आने वाले खतरे के प्रति सचेत करता है, येलो अलर्ट को मौसम विज्ञान विभाग जैसे-जैसे मौसम खराब होता है, ऑरेंज अलर्ट में परिवर्तित कर देता है।

ऑरेंज अलर्ट: बारिश व आंधी की पूरी संभावनाएं होती है। इस अलर्ट के बाद लोगों को सावधान होना चाहिए और इधर-उधर जाने पर सावधानी बरतनी चाहिए।

रेड अलर्ट: इसका मतलब है कि स्थिति अत्यंत खतरनाक है। मौसम विभाग के अनुसार ऐसे मौसम में इधर-उधर नहीं निकलना चाहिए। इस अलर्ट का मतलब है कि मौसम खतरनाक स्तर पर पहुंच चुका है, भारी बारिश होने की अधिक संभावना होती है।

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