सितंबर में अप्रैल-मई जैसी तपन...ऐसे ही बीतेगा सप्ताह:वैज्ञानिक बोले- आसमान से बादल गायब, इसलिए सीधे जमीन तक पहुंच रही धूप, आज लखनऊ समेत 17 जिलों में बारिश का अलर्ट

लखनऊएक महीने पहले

उत्तर प्रदेश में सितंबर (भादो) में जेठ यानी अप्रैल-मई जैसी गर्मी पड़ रही है। इस समय मौसम करवट लेने लगता है और हल्की ठंड की शुरूआत हो जाती है। तापमान का पारा भी 32 डिग्री सेल्सियस के आसपास आ जाता है। लेकिन राजधानी लखनऊ में अधिकतम तापमान 35.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ है। बारिश भी नहीं हो रही है। इससे गर्मी अचानक बढ़ गई है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अभी एक हफ्ते ऐसे ही मौसम रहेगा। मौसम विभाग के निदेशक जेपी गुप्ता के अनुसार इस दौरान मामूली बारिश होने की वजह से चिपचिपी भरी गर्मी भी बढ़ सकती है।

उत्तर प्रदेश में 1 जून से अब तक 601.7 मिलीमीटर औसत बरसात हुई है, जो सामान्य वर्षा 658.3 मिलीमीटर के सापेक्ष 91 प्रतिशत है। यूपी में बीते 24 घंटे में 7.1 मिमी औसत अनुमान से पचास प्रतिशत कम 3.5 मिमी बारिश हुई है। लखनऊ समेत एक दर्जन जिलों में सूखे जैसे हालत बन गए हैं।

आज 17 जिलों में बारिश के आसार
मौसम विभाग के अनुसार आज लखनऊ, सीतापुर, हरदोई में तेज बारिश हो सकती है। 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी। इसके अलावा कुशीनगर, आजमगढ़, जौनपुर, अंबेडकर नगर, गोरखपुर, संत कबीर नगर, बस्ती, बलरामपुर, बहराइच, बाराबंकी,कन्नौज, औरैया, मैनपुरी, इटावा में भी बारिश के आसार हैं। जहां पर 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बिजली की गरज चमक के साथ बारिश होगी।

लखनऊ के आलमबाग क्षेत्र में उमस भरी गर्मी बढ़ने के बाद लोग राहत के लिए जूस पीते हुए।
लखनऊ के आलमबाग क्षेत्र में उमस भरी गर्मी बढ़ने के बाद लोग राहत के लिए जूस पीते हुए।

विशेषज्ञों ने बताई ये वजह
मौसम विभाग के निदेशक जेपी गुप्ता का कहना है कि, इन दिनों आसमान में बादल बहुत कम हैं। बीच में कोई अवरोधक न होने से सूरज की रोशनी सीधे भी जमीन तक पहुंच रही है। इसीलिए उत्तर प्रदेश के वासियों को अधिक गर्मी का एहसास हो रहा है।
मौसम विशेषज्ञ ए एन मिश्रा बताते हैं कि इन हालातों के लिए जलवायु परिवर्तन तो जिम्मेदार है ही, आसमान का साफ होना भी एक वजह है। ज्यादा बादल बन ही नहीं रहे। इससे सूरज की किरणें धरती तक सीधे पहुंच रही हैं। बारिश भी नहीं हो रही। पूर्व के वर्षों में 8 से 10 हजार फीट की ऊंचाई पर भी बादल बनते थे तो रिमझिम फुहार करते रहते थे। लेकिन अब यह बादल 35 से 50 हजार फीट की ऊंचाई पर बनने लगे हैं। इससे बारिश कम हो गई है।
इन जिलों में सबसे अधिक गर्मी

जिलाअधिकतम तापमान
वाराणसी36.4
हरदोई36.0
प्रयागराज36.0
लखीमपुर खीरी35.7
लखनऊ35.6
सुल्तानपुर35.4
कानपुर नगर35.0
बांदा34.8
मेरठ34.0
आगरा33.8

बारिश न होने से किसानों को हाथ लगी निराशा

उत्तर प्रदेश में 1 जून से अब तक 601.7 मिलीमीटर औसत बरसात हुई है, जो सामान्य वर्षा 658.3 मिलीमीटर के सापेक्ष 91 प्रतिशत है। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश के 10 जिले ऐसे हैं जहां पर अब तक सर्वाधिक वर्षा अनुमान से ज्यादा हुई है। सामान्य वर्षा वाले 33 जिले हैं। इसी प्रकार कम वर्षा वाले 17 जिले हैं। यूपी के अत्यधिक कम वर्षा वाले 15 जिले है। जहां पर अनुमान से 60% कम वर्षा हुई है।

कोरोना और लॉकडाउन के चलते लगभग सभी क्षेत्रों की हालत खराब है। अच्छी बरसात की संभावना से उम्मीद की गई थी कि कृषि क्षेत्र इससे प्रभावित नहीं होगा। लेकिन कम बारिश ने किसानों के अरमानों पर पानी फेर दिया है। कम बरसात के कारण उन किसानों की परेशानी बढ़ गई है, जिनके पास सिंचाई के साधन नहीं है।

ज्यादा बारिश वाले 5 जिले

जिलाबारिश (मिमी)अनुमान
महाराजगंज12301.1965
खीरी1168.4778.8
चित्रकूट1142634.8
श्रावस्ती10575.5829.8
गोरखपुर1065.11024.8

कम बारिश वाले 5 जिले

जिलाबारिश (मिमी)अनुमान
लखनऊ477.5560.6
कानपुर नगर409501
वाराणसी743.3710
अयोध्या576.9761.8
आगरा319506.4
खबरें और भी हैं...