योगी कैबिनेट के अहम फैसले:अयोध्या में 400 करोड़ का बस अड्‌डा और 1.5 किमी के फ्लाईओवर को मंजूरी, गोमती को बचाने के लिए लखनऊ में 297 करोड़ का STP बनेगा

लखनऊ7 महीने पहले
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योगी कैबिनेट की बैठक में सोमवार को कई अहम फैसले लिए गए। सबसे ज्यादा फोकस अयोध्या पर रहा। यहां बस अड्‌डे और फ्लाईओवर की मंजूरी दी गई है। - Dainik Bhaskar
योगी कैबिनेट की बैठक में सोमवार को कई अहम फैसले लिए गए। सबसे ज्यादा फोकस अयोध्या पर रहा। यहां बस अड्‌डे और फ्लाईओवर की मंजूरी दी गई है।

सोमवार को योगी कैबिनेट की बैठक में 9 बड़े फैसलों पर मुहर लगी है। अयोध्या में पीपीपी मोड पर 400 करोड़ रुपए से अंतर्राष्ट्रीय स्तर का बस अड्‌डा बनाने और ट्रैफिक जाम से निजात दिलाने के लिए 1.5 किमी लंबे फ्लाईओवर बनाने को मंजूरी मिली है। लखनऊ में 297 करोड़ रुपए की लागत से एसटीपी बनाने को भी हरी झंडी दिखाई है। इसके अलावा अनूपशहर में भी बस स्टैंड बनाने की मंजूरी दी गई है।

अयोध्या सुल्तानपुर मार्ग नए एयरपोर्ट को जोड़ता है। इस पर ट्रैफिक जाम से बचने के लिए यहां 4 लेन फ्लाईओवर को मंजूरी दी गई है। बस अड्‌डे की अड़चन दूर करने के लिए संस्कृति विभाग 9 एकड़ जमीन परिवहन विभाग को देगा। लखनऊ में हैदर कैनाल पर 120 एमलडी का एसटीपी बनाने के लिए 125 करोड़ रुपए राज्य सरकार देगी। बाकी राशि केंद्र से मिलेगी। इससे गोमती में सीवेज नहीं मिलेगा। 1090 चौराहे के समीप एसटीपी बनेगा।

अयोध्या में इसी जगह में बस अड्‌डा बनना प्रस्तावित है। सोमवार को योगी कैबिनेट ने यहां 400 करोड़ रुपए की लागत से बस अड्‌डे की मंजूरी दी है। यह बस अड्‌डा पीपीपी मोड पर बनेगा।
अयोध्या में इसी जगह में बस अड्‌डा बनना प्रस्तावित है। सोमवार को योगी कैबिनेट ने यहां 400 करोड़ रुपए की लागत से बस अड्‌डे की मंजूरी दी है। यह बस अड्‌डा पीपीपी मोड पर बनेगा।

विकास प्राधिकरणों को नहीं लेनी होगी अनुमति
प्रयागराज, आगरा, बनारस, आदि जिलों में प्राधिकरण पयर्टन का काम करा सकेंगे। पहले विकास प्राधिकरण के रिपेयर या मेंटनेंस के लिये अभी शासन से अनुमति लेनी पड़ती थी। लेकिन, अब विकास कार्यों के लिए अनुमति की जरूरत नहीं होगी। कोरोना काल में करीब 8 महीने से कैबिनेट मीटिंग वर्चुअली हो रही थी। आज सभी कैबिनेट मंत्री एक साथ मुख्यमंत्री के साथ इस बैठक में मौजूद रहे।

मंत्रिपरिषद की बैठक में जिला पंचायत चुनाव पर चर्चा
कैबिनेट मीटिंग के बाद मंत्रिपरिषद की बैठक में पंचायत चुनाव व कोरोना काल में मंत्रियों के किए गए कामों को लेकर भी बात हो रही है। मंत्रियों को अपने प्रभार वाले जिले और अपने विधानसभा क्षेत्र वाले जिलों का दौरा करने को कहा जा सकता है। माना जा रहा है कि मंत्रियों के विभागों की अधूरी विकास परियोजनाओं को समय से पूरा कराने, क्षेत्र की समस्याओं का समाधान कराने पर भी चर्चा हो रही है।

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