UP में मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलें फिर तेज:प्रदेश अध्यक्ष-संगठन महामंत्री की आज नड्डा से दिल्ली में होगी मुलाकात, कई मंत्रियों की होगी छुट्टी तो कुछ के बदलेंगे विभाग

लखनऊ3 महीने पहले
आज दोपहर दिल्ली में प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह और राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा की मुलाकात होगी।

उत्तर प्रदेश में योगी सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर अटकलें फिर तेज हो गई हैं। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह व संगठन महामंत्री सुनील बंसल दिल्ली पहुंचे हैं। बताया जा रहा है कि वे राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात करेंगे। दोपहर बाद होने वाली इस मुलाकात को प्रदेश भाजपा की कार्य समिति के बाद मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर उठी चर्चा पर अंतिम मुहर लगाने की बात मानी जा रही है। सूत्रों का कहना है कि कुछ मंत्रियों की छुट्टी होगी तो कुछ के विभाग के बदले जाएंगे।

वहीं, सहयोगी दलों की नाराजगी दूर करने को लेकर चार मनोनीत होने वाली एमएलसी की सीटों पर भी चर्चा होगी। फिलहाल, मुलाकात के बाद स्पष्ट हो पाएगा कि आखिर यह मुलाकात किस और किन मुद्दों पर हुई है।
खराब छवि वाले मंत्रियों पर गिर सकती है गाज
बीते दिनों सीएम आवास पर हुई बैठकों में मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने वाले संभावित नए चेहरों पर चर्चा हुई। इस दौरान 75 वर्ष उम्र पूरे कर चुके और खराब परफॉर्मेंस के आधार पर हटाए जाने वाले मंत्रियों के नाम पर मंथन हुआ है। जानकारों के मुताबिक जनता के बीच अच्छा संदेश देने के लिए केंद्र सरकार की तर्ज पर खराब छवि वाले और विभाग में बेहतर प्रदर्शन न कर पाने वाले मंत्रियों को हटाया जाएगा। विभाग में ख़ास परफॉर्मेंस न कर पाने वालों के विभाग बदलने को लेकर कोर कमेटी की सहमति बन गई है। विपक्षी दलों के वोट बैंक में सेंधमारी और वोट बैंक को साधे रखने के लिए कुछ नए चेहरों को मंत्रिमंडल में शामिल भी किए जाने पर चर्चा हुई है।

इसी सप्ताह मनोनीत होंगे एमएलसी
माना जा रहा है कि खाली हुई चार विधान परिषद की सीटों पर भी इसी सप्ताह फैसला हो जाएगा। जानकारी के अनुसार प्रदेश भाजपा की कोर कमेटी ने 4 नामों का पैनल तैयार कर लिया है, राष्ट्रीय नेतृत्व से हरी झंडी मिलने के बाद इसका प्रस्ताव राज्यपाल को भेजा जाएगा इसमें निषाद पार्टी सहयोगी दल को एक एमएलसी का पद दिया जा सकता है। जिसके बाद मंत्रिमंडल में जगह भी दी जाएगी।

संघ ने बैठक में दिया स्पष्ट संदेश
बीते दिनों दिल्ली से लेकर लखनऊ में संघ की लगातार हुई बैठकों में यह निर्णय किया गया है कि अपेक्षा के अनुरूप काम न करने वाले हटाए जाए। सरकार और संगठन की छवि खराब करने वाले मंत्रियों को हटाया जाए। आरएसएस ने सख्त संदेश दिए हैं कि ऐसे किसी भी मंत्री को नहीं रखा जाएगा जिसकी वजह से सरकार की छवि खराब हो।

मौजूदा मंत्रिमंडल में 23 कैबिनेट मंत्री, 9 स्वतंत्र प्रभार मंत्री और 22 राज्यमंत्री हैं, यानी कुल 54 मंत्री हैं।
मौजूदा मंत्रिमंडल में 23 कैबिनेट मंत्री, 9 स्वतंत्र प्रभार मंत्री और 22 राज्यमंत्री हैं, यानी कुल 54 मंत्री हैं।

दूसरी बार मंत्रिमंडल का होगा विस्तार
19 मार्च 2017 को सरकार गठन के बाद 22 अगस्त 2019 को उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने मंत्रिमंडल विस्तार किया था। उस दौरान मंत्रिमंडल में 56 सदस्य थे। कोरोना के चलते तीन मंत्रियों का निधन हो चुका है। हाल ही में राज्यमंत्री विजय कुमार कश्यप की मौत हुई थी, जबकि पहली लहर में मंत्री चेतन चौहान और मंत्री कमल रानी वरुण का निधन हो गया था। UP में कैबिनेट मंत्रियों की अधिकतम संख्या 60 तक हो सकती है। पहले मंत्रिमंडल विस्तार में 6 स्वतंत्र प्रभार मंत्रियों को कैबिनेट की शपथ दिलाई गई थी। इसमें तीन नए चेहरे भी थे।

यह है UP के मंत्रिमंडल की संख्या
उत्तर प्रदेश सरकार में अधिकतम 60 मंत्री बनाए जा सकते हैं। मौजूदा मंत्रिमंडल में 23 कैबिनेट मंत्री, 9 स्वतंत्र प्रभार मंत्री और 22 राज्यमंत्री हैं, यानी कुल 54 मंत्री हैं। इस हिसाब से 6 मंत्री पद अभी भी खाली हैं। ऐसे में योगी सरकार अगर अपने कैबिनेट से किसी भी मंत्री को नहीं हटाती है तो भी 6 नए मंत्री बनाए जा सकते हैं। चुनावी साल है इसलिए योगी सरकार कैबिनेट में कुछ नए लोगों को शामिल कर प्रदेश के सियासी समीकरण को साधने का दांव चल सकती है।

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