नवरात्र पर करिए महाराजगंज के प्रसिद्ध शक्तिपीठ के दर्शन:महाभारत काल में अर्जुन ने की थी मंदिर की स्थापना, पांडवों ने यहीं पर काटा था अज्ञातवास

महाराजगंज20 दिन पहले
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पवह नामक प्राचीन नदी (अब नाला) के तट पर मां दुर्गा का पवित्र मन्दिर स्थित है। - Dainik Bhaskar
पवह नामक प्राचीन नदी (अब नाला) के तट पर मां दुर्गा का पवित्र मन्दिर स्थित है।

महराजगंज में प्रसिद्ध शक्तिपीठ लेहड़ा देवी मंदिर पवह नामक प्राचीन नदी (अब नाला) के तट पर मां दुर्गा का पवित्र मन्दिर स्थित है। यह पहले फरेंदा तहसील क्षेत्र में आद्रवन नामक घने जंगल से आच्छादित था। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस देवची मन्दिर की स्थापना महाभारत काल में पांडवों के अज्ञातवास काल में स्वयं अर्जन ने की थी। महाभारत काल में पांडवों ने अपने अज्ञातवास की अधिकांश अवधि यहीं सघन ‘आर्द्रवन’ में व्यतीत किया था।

अर्जुन ने यहां वनदेवी की अराधना की थी। आराधना से प्रसन्न होकर वनदेवी मां भगवती दुर्गा ने अर्जुन को अनेक अमोघ शक्तियां प्रदान की थी। तत्पश्चात मां भगवती के आदेशानुसार अर्जुन ने इस शक्ति पीठ की स्थापना की थी। बाद में यही ‘अदरौना देवी’ के नाम से प्रसिद्ध हुई।

नवरात्र में यहां पर पूर्वांचल के साथ ही पड़ोसी देश नेपाल से हजारों श्रद्धालु आते हैं।
नवरात्र में यहां पर पूर्वांचल के साथ ही पड़ोसी देश नेपाल से हजारों श्रद्धालु आते हैं।

नेपाल से हजारों श्रद्धालु दर्शन को आते हैं

धार्मिक स्थल का प्राचीन नाम ‘अदरौना देवी थान’ रहा, जो वर्तमान में लेहडा देवी मन्दिर के नाम से विख्यात है। नवरात्र में यहां पर पूर्वांचल के साथ ही पड़ोसी देश नेपाल से हजारों श्रद्धालु आते हैं। श्रद्धालु ब्रह्म मुहुर्त से ही मां का दर्शन पूजन शुरू कर देते हैं। यहां शंख और घंटों की आवाज से मंदिर परिसर गूंज उठता है।

बताया जाता है कि प्राचीनकाल में ‘पवह नदी’ को नाव से पार कर रही एक युवती को जब नाविकों ने बुरी नीयत से स्पर्श करना चाहा तो माता वनदेवी ने उस युवती की रक्षा स्वयं प्रकट होकर की थी और नाविकों को नाव समेत वहीं जल में समाधि दे दी थी।

साधु-संतों ने यहां पर तपस्या की है

मन्दिर से कुछ ही दूरी पर एक प्राचीन तपस्थली (कुटी) स्थित है। जहां अनेक साधु संतों की समाधियां हैं, जो इस तपस्थली से सम्बद्ध रहे और अपने जीवनकाल में यहा तपस्यारत रहे। यह मंदिर शक्तिपीठ के रूप में जाना जाता है। मंदिर के पुजारी हरीश चंद्र पांडेय ने बताया कि आज से नवरात्र शुरू हो रहा है। भक्तों को कोरोना गाइडलाइन के तहत दर्शन कराए जाएंगे।

पुलिस अधीक्षक प्रदीप गुप्ता ने बताया कि मेले में चार थानाध्यक्षों व 50 उपनिरीक्षकों 25 महिला आरक्षी व 50 हेड कांस्टेबल/कांस्टेबल तैनात किए जा रहे हैं
पुलिस अधीक्षक प्रदीप गुप्ता ने बताया कि मेले में चार थानाध्यक्षों व 50 उपनिरीक्षकों 25 महिला आरक्षी व 50 हेड कांस्टेबल/कांस्टेबल तैनात किए जा रहे हैं

मंदिर के सुरक्षा-व्यवस्था के ये हैं इंतजाम

पुलिस अधीक्षक प्रदीप गुप्ता ने बताया कि मेले में चार थानाध्यक्षों व 50 उपनिरीक्षकों 25 महिला आरक्षी व 50 हेड कांस्टेबल/कांस्टेबल तैनात किए गए हैं। मेले के आसपास 8 बैरियर बनाए गए हैं ताकि वाहनों को पार्किंग में खड़ा किया जा सके मेला में आने वाले उचक्को व चैन स्नेचरों को पहचानने वाले स्नेपर लगाए जा रहे हैं। इसके अतिरिक्त पीएसी फायर बिग्रेड आपातकाल से निपटने के लिए लगाई गई है।

मंदिर परिसर अतिक्रमण से मुक्त करा कर दुकानदारों से अनुरोध किया गया है कि सड़क से 3 फुट दूर पटरी पर अपनी दुकान लगाएं। छेड़छाड़ रोकने के लिए एक गुंडा दमन दल व एक एंटी रोमियो स्क्वॉयड सादा कपड़ों में रहेगा। इसके अतिरिक्त मेले की सुरक्षा व्यवस्था में एनसीसी के व स्काउट एंड गाइड के जवान तथा स्वयंसेवी संस्थाओं के लोग भी स्वेच्छा से अपनी सेवा देंगे।

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