भारत-नेपाल सीमा पर शर्तों के साथ पर्यटकों के लिए छूट:नेपाल गृह मंत्रालय ने 18 महीने बाद आवागमन को दी अनुमति, निगेटिव कोविड रिपोर्ट दिखाने पर ही होगी एंट्री

महाराजगंजएक वर्ष पहले
नेपाल के गृह मंत्रालय से जारी आदेश नवलपरासी के सीडीओ कार्यालय पहुंच गया है।

नेपाल कैबिनेट के निर्णय के बाद वहां के गृह मंत्रायल ने भारत से जुड़ी सीमाओं को खोलने की अनुमति दे दी है। जिसके बाद भारत-नेपाल की सोनौली- बेल‍ह‍िया सीमा को पर्यटकों के लिए कुछ शर्तों के साथ खोल दिया गया है। शर्तों के मुताबिक, यात्रा करने वाले पर्यटकों को कोविड निगेटिव और वैक्सीनेशन की रिपोर्ट दिखानी होगी।

इमिग्रेशन कार्यालय पर जांच करके आने-जाने की अनुमति मिलेगी। हालांकि, पर्यटक वाहनों पर रोक अब भी बरकरार है। बता दें कि नेपाल सरकार ने कोरोना का हवाला देकर पिछले साल 22 मार्च में भारत-नेपाल सीमा को आम लोगों के आवागमन के लिए बंद कर दिया गया था।

ऑनलाइन भरना होगा फॉर्म
नेपाल के रुपनदेही जिले के सीडीओ ऋषिराम तिवारी ने बताया कि गृह मंत्रालय के आदेश के अनुपालन में महराजगंज के सोनौली सीमा से भारतीय व विदेशी पर्यटकों को ऑनलाइन फार्म भरकर नेपाल में प्रवेश की अनुमति मिलेगी। यात्रियों को कोरोना जांच की रिपोर्ट व टीकाकरण प्रमाण पत्र भी लगाना पड़ेगा। पर्यटक वाहनों के भंसार (कस्टम) या सुविधा की व्यवस्था अभी नहीं जारी होगी।

कोविड नियमों के पालन का निर्देश
नेपाल के गृह मंत्रालय से जारी आदेश नवलपरासी के सीडीओ कार्यालय पहुंच गया है। गृह मंत्रालय के शाखा अधिकारी सुमन पंडित ने सभी विभागों को सीमा खोलने संबंधी आदेश जारी कर दिए हैं। आदेश में सीमा पर कोविड नियमों का सख्ती से पालन के निर्देश दिए गए हैं। नेपाल जाने वाले लोगों पर कई शर्तें भी लगाई गई हैं। नेपाल के होटल प्रबंधन को भी सरकार के आदेश का पालन करना होगा। कोरोना जांच नहीं कराई होंगी तो होटल में ठहरने पर कोविड जांच करानी होगी।

कोरोना संक्रमण के कारण 22 मार्च 2020 से लगी है आवागमन पर पाबंदी
कोरोना संक्रमण को देखते हुए नेपाल सरकार ने 22 मार्च, 2020 को भारत सीमा से आवागमन पर पाबंदी लगाई थी। केवल मालवाहक वाहनों को ही प्रवेश दिया जा रहा था। स्वास्थ्य संबंधी सेवाओं से जुड़े लोगों को अनुमति के बाद आने जाने दिया जा रहा था। जबकि पर्यटकों के आने-जाने पर भी पाबंदी थी।

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