महोबा में ध्वस्त हुई पानी की सप्लाई:वार्ड़ों में नहीं हो पा रही पानी की सप्लाई, चरखारी में है सबसे ज्यादा दिक्कत

महोबा3 महीने पहले
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महोबा जनपद में चरखारी खरेला पेयजल योजना के लिए अर्जुन बांध बने इंटेकवेल से ही सटाकर हर घर जल योजना की कार्यदायी संस्था द्वारा निर्माणाधीन इंटेकवेल ने चरखारी में होने वाली सप्लाई को बुरी तरह से प्रभावित किया है। जिसमें अर्जुन पेयजल योजना के पुराने इंटेकवेल के बगल में हुई मिटटी की पुराई से पुराना इंटेकवेल पूरी तरह से चोक हो गया है तथा अस्थाई व्यवस्था के तहत छोटे छोटे आधा दर्जन पम्पों से पानी की सप्लाई हो रही है जो कि मानक के अनुरूप पानी की सप्लाई नहीं दे पा रहे हैं तथा कस्बा में पानी की किल्लत हो गयी है।

इंटेकवेल पूरी तरह से हो गए चोक

भीषण गर्मी मे पानी की बढ़ती मांग के साथ ही घटती आपूर्ति उपभोक्ताओं व आमजनमानस की परेशानी का सबब बना गया है जहां तकरीबन सभी वार्डों में तीन से चार दिनों से पानी नहीं पहुंचा है तथा हर वार्ड में पानी के लिए त्राहिमाम मचा हुआ है। बुन्देलखण्ड किसान यूनियन के प्रदेश सचिव तथा रूपनगरवासी योगेश पाठक ने बताया कि वार्ड में तीन दिनों से पानी नहीं आया है। रायनपुर वार्ड के सभासद मनोज पाठक ने बताया कि सड़क पर स्थिति मकानो में तीन से चार दिन में पानी आ रहा है जबकि अन्दर के रास्तों में महीनों से पानी नहीं पहुंचा है जिसकी शिकायत तहसील दिवस व मुख्यमंत्री पोर्टल पर की जा चुकी है लेकिन नतीजा सिफर है। वार्ड मेम्बर ज्येन्द्रनगर बसन्त राजपूत ने बताया कि वार्ड में एक माह से पानी नहीं पहुंचा हर स्तर पर शिकायत की जा चुकी है। खंदिया निवासी भाजपा नेता मनोज द्विवेदी ने बताया कि वार्ड में 3 से 4 दिनों मे सप्लाई हो रही है। वरिष्ठ अधिवक्ता भाष्कर तिवारी ने बताया कि वार्ड राजमंदिर में चार दिनों से पानी नहीं आया है।

मिट्‌टी पानी घुलने से हुई परेशानी

मुहल्ला भैरोगंज सभासद प्रतिनिधि ने बताया कि वार्ड में सप्लाई पूरी तरह से ठप्प पड़ी है और यही हाल चिन्तेपुरा वार्ड का है। कमोबेश यही हाल अमरगंज पूर्वी अमरगंज टिलवापुरा हाथीखाना आदि का भी है। पानी की सप्लाई में सबसे बड़ी बाधा हर घर नल योजना के लिए अर्जुन बांध में निर्माणाधीन इंटेकवेल है जो कि पुराने इंटेकवेल से ही सटाकर प्रस्तावित किया गया है और बांध के बंधान से करीब 50 मीटर दूर इंटेकवेल बनाने के लिए मिटटी का पुराव किया गया है तथा सैकड़ों डम्पर मिट्टी पानी में घुलकर पुराने इंटेकवेल में पहुंच गयी तथा पुराना इंटेकवेल चोक हो गया है। इंटेकवेल में मिटटी भर जाने से तीन पम्प पानी नहीं उठा पा रहे हैं जिसके लिए अस्थाई व्यवस्था के तहत छोटे छोटे आधा दर्जन पम्प लगाकर काम चलाया जा रहा है जो नाकाफी हैं। कस्बे में पानी की किल्लत को देखते हुए अधिशाषी अधिकारी के०के० सोनकर ने अर्जुन बांध एवं अस्थौन स्थित वाटर प्लाण्ट का निरीक्षण किया जहां पानी की सप्लाई को लेकर दिशा निर्देश जारी किए। वहीं निरीक्षण के दौरान बिजली रोस्टिंग की भी समस्या देखने को मिल जहां 10 बजे कस्बा में बिजली की सप्लाई जारी होने के बाद भी बांध व वाटर प्लांट पर सप्लाई ठप्प पायी गयी। श्री सोनकर ने निरीक्षण की आख्या उच्चाधिकारियों को भेजी है।

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