बांके बिहारी मंदिर में दम घुटने से 2 की मौत:रात 2 बजे मंगला आरती में पहुंचे थे 50 हजार लोग, क्षमता 800 की थी, 50 बेहोश होकर गिर पड़े

मथुरा3 महीने पहलेलेखक: पवन गौतम

जन्माष्टमी पर बांके बिहारी मंदिर में रात दो बजे मंगला आरती के दौरान दम घुटने से दो श्रद्धालुओं की मौत हो गई। 6 श्रद्धालुओं की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घायलों को फिलहाल वृंदावन के 3 अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। मरने वालों में एक महिला और एक पुरुष है। भीड़ इतनी ज्यादा थी कि 50 से ज्यादा लोग बेहोश होकर गिर पड़े।

मंदिर के सेवादारों के मुताबिक, अधिकारियों के परिजन छत पर बनी बालकनी से दर्शन कर रहे थे। अधिकारियों ने अपने परिवार की सुरक्षा के लिए ऊपरी मंजिल के गेट बंद करा दिए। भीड़ का दबाव बढ़ने लगा जिससे हादसा हुआ।

  • खबर में आगे बढ़ने से पहले पोल में हिस्सा ले सकते हैं...

800 भक्त की क्षमता, पहुंचे 50 हजार से ज्यादा
ठाकुर बांके बिहारी मंदिर में रात 12 बजे श्रीकृष्ण का अभिषेक किया गया। इसके बाद ठाकुर जी का विशेष श्रृंगार हुआ। इस दौरान कपाट बंद थे। भक्त मंदिर के आंगन में इकट्ठा होते रहे। 1.45 बजे कपाट दोबारा खोले गए। इसके बाद 1.55 बजे मंगला आरती शुरू हुई। मंदिर के आंगन में एक साथ करीब 800 भक्त आ सकते हैं। अनुमान है कि यहां क्षमता से 50 हजार अधिक श्रद्धालु पहुंच गए। भीड़ अधिक होने की वजह से कुछ श्रद्धालुओं का दम घुटने लगा।

सांस लेने में दिक्कत होने के बाद नोएडा सेक्टर 99 की रहने वाली महिला निर्मला देवी और वृंदावन की भूलेराम कॉलोनी रुक्मणि विहार के रामप्रसाद विश्वकर्मा की सबसे पहले तबीयत बिगड़ी। रेस्क्यू टीम अस्पताल लेकर जा रही थी, मगर उन्होंने दम तोड़ दिया। राम प्रसाद मूल रूप से जबलपुर के रहने वाले हैं।

ये हैं घायल

घायलों के नामरहने वाले
घनश्यामसूरजनगर, कानपुर
राजकुमारउत्तमनगर, दिल्ली
राजेंद्रकरेली, मध्य प्रदेश
सरोजवृंदावन, यूपी
शीतलदेहरादून, उत्तराखंड
रीनादेवीकोलकाता, प.बंगाल

खबर में आगे बढ़ने से पहले हादसे की 3 बड़ी वजह पढ़िए...

  1. मंदिर परिसर के आंगन तक क्षमता से ज्यादा लोग आने दिए गए।
  2. परिसर से दो एग्जिट गेट रखे गए थे। मगर वो ब्लॉक हो गए।
  3. अफसर वीआईपी दर्शन में व्यस्त रहे। व्यवस्थाएं बिगड़ती चली गईं।
रेस्क्यू में पुलिस, मंदिर के गार्ड के साथ भक्त भी मदद करते नजर आए। ऐसे लोगों की संख्या अधिक थी, जिन्हें बाहर निकालने के कुछ देर में वो ठीक महसूस करने लगे।
रेस्क्यू में पुलिस, मंदिर के गार्ड के साथ भक्त भी मदद करते नजर आए। ऐसे लोगों की संख्या अधिक थी, जिन्हें बाहर निकालने के कुछ देर में वो ठीक महसूस करने लगे।

मथुरा के 3 अस्पतालों में श्रद्धालुओं का इलाज चल रहा
मंदिर में जिस समय हादसा हुआ उस समय DM, SSP, नगर आयुक्त समेत पुलिस बल मौजूद था। कुछ वीडियो भी सामने आए हैं, जिनमें अफसर अपने परिवार के लोगों को मोबाइल पर VIP दर्शन कराते हुए दिख रहे हैं। अफसर छत पर बनी बालकनी में हैं, जबकि नीचे भक्त, धक्का देकर अंदर आने का प्रयास कर रहे हैं। हालात बिगड़ने के बाद पुलिस और PAC के जवानों ने बेहोश हो रहे लोगों को मंदिर से निकालना शुरू किया।

हादसे में मरने वाले राम प्रसाद की पत्नी का भी इलाज चल रहा
श्रद्धालुओं को वृंदावन के राम कृष्ण मिशन अस्पताल, ब्रज हेल्थ केयर और 100 बेड अस्पताल भेजा गया। 8 श्रद्धालु का इलाज अभी भी जारी है। इसमें से 3 श्रद्धालु को राम कृष्ण मिशन अस्पताल में भर्ती किया गया है।

यहां देहरादून की 52 साल की शीतल, कोलकाता के 60 साल की रीना देवी सरकार और वृंदावन की सरोज देवी का इलाज चल रहा है। इसमें सरोज देवी हादसे में मरने वाले राम प्रसाद की पत्नी हैं। हादसे के बाद कमिश्नर अमित गुप्ता और आईजी नचिकेता झा भी मथुरा पहुंचे हैं। उन्होंने अस्पताल में भर्ती लोगों से मिलकर हालचाल लिए हैं।

ये तस्वीर आधी रात को बांके बिहारी मंदिर के अंदर की है। बांके बिहारी के दर्शन के लिए भक्त बड़ी संख्या में पहुंचे थे।
ये तस्वीर आधी रात को बांके बिहारी मंदिर के अंदर की है। बांके बिहारी के दर्शन के लिए भक्त बड़ी संख्या में पहुंचे थे।

4 नंबर गेट पर श्रद्धालु के बेहोश होने से शुरू हुआ मामला
बांके बिहारी मंदिर में 2 एग्जिट गेट हैं। 1 नंबर और 4 नंबर। सबसे पहले 4 नंबर गेट पर एक श्रद्धालु दम घुटने से बेहोश हो गया। उसे पुलिस कर्मी बाहर निकाल ही रहे थे कि मंदिर से निकलने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ अधिक जमा हो गई। कुछ श्रद्धालुओं को सांस लेने में दिक्कत महसूस होने लगी। एक और महिला बेहोश हो गईं। इसके बाद कुछ और श्रद्धालुओं की तबीयत भी बिगड़ी थी।

श्रद्धालुओं ने बताया, "मंदिर के अंदर भीड़ काफी इकट्ठा हो गई थी, जिसकी वजह से धक्का मुक्की होने लगी। अंदर किसी तरह से भीड़ को रोकने के इंतजाम नहीं थे। पुलिस भी मंदिर के मुख्य द्वारों पर ही तैनात थी। भीड़ बढ़ने पर एग्जिट गेट से भी एंट्री होने लगी, जिसके चलते निकलने का रास्ता भी ब्लॉक हो गया था।"

सांस लेने में दिक्कत बताने वाले श्रद्धालुओं को 3 अस्पताल में भर्ती कराया गया है। DM और SSP भी श्रद्धालुओं से मिलने के लिए पहुंचे थे।
सांस लेने में दिक्कत बताने वाले श्रद्धालुओं को 3 अस्पताल में भर्ती कराया गया है। DM और SSP भी श्रद्धालुओं से मिलने के लिए पहुंचे थे।

SSP बोले- कैमरे लगे हैं, VIP दर्शन रिकॉर्ड हुआ होगा
बांके बिहारी मंदिर के सेवादारों का दावा है कि अफसर VIP व्यवस्था में व्यस्त रहे। अफसरों के परिवार के लोग छत पर बनी बालकनी में दर्शन कर रहे थे। ऊपरी मंजिल के गेट बंद कराए गए थे। 2 बजे मंगला आरती शुरू होने के बाद भक्तों का दबाव बढ़ा था। लोग बेहोश होने लगे, तो बचाव में दिक्कत आई।
इस मामले में SSP अभिषेक यादव का कहना है," मंदिर परिसर में CCTV कैमरे लगे हैं। अगर ऐसा होगा तो कैमरों में सब रिकॉर्ड हुआ होगा।"

राहत महसूस करने वालों को घर भेजा गया
हादसे के बाद अस्पताल पहुंचे परिजन बिना पोस्टमार्टम कराए शवों को ले गए। SSP अभिषेक यादव ने बताया, "फिलहाल स्थिति पूरी तरह कंट्रोल में है। जिनकी तबीयत बिगड़ी है, उनका इलाज चल रहा है। बड़ी संख्या में ऐसे श्रद्धालु हैं, जो मंदिर परिसर से बाहर निकालने के 30 मिनट बाद राहत महसूस करने लगे। उन्हें घर भेज दिया गया है।"

मंगला आरती के बाद कुछ समय के लिए बंद हुए थे कपाट
मंदिर के सेवायत श्रीनाथ गोस्वामी ने बताया, "ठाकुर बांके बिहारी मंदिर में मंगला आरती की परंपरा नहीं है। यहां ठाकुर जी बाल स्वरूप में हैं और रात को निधिवन में रास रचाने जाते हैं। इसलिए सुबह उन्हें उठाया नहीं जाता। ठाकुरजी की मंगला आरती साल में सिर्फ एक बार जन्माष्टमी के दिन होती है। इस दिन कान्हा ठाकुर बनकर रात में भक्तों को दर्शन देते हैं। हादसे के वक्त भी 1:55 बजे मंगला आरती हो रही थी। इसके बाद कुछ समय के लिए पट बंद किए गए थे। इस दरम्यान क्षमता से अधिक भक्त मंदिर परिसर में इकट्‌ठा हो गए।"

सीएम योगी ने मंदिर व्यवस्थाओं के लिए गृह मंत्रालय को दिए डायरेक्शन
बांके बिहारी मंदिर में हुए हादसे के बाद राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने शोक व्यक्त किया। सीएम योगी आदित्यनाथ ने दिवंगत लोगों के परिवार वालों के लिए संवेदना व्यक्त की। जिला प्रशासन के अधिकारियों को निर्देश दिया कि लोगों का ठीक से इलाज कराया जाए।
उन्होंने गृह मंत्रालय को डायरेक्शन दिए कि त्योहार पर मंदिरों में भीड़ को देखते हुए, पहले से ज्यादा बेहतर इंतजाम किए जाए।

सुबह मंदिर जाने वाले रास्तों पर बल्लियां बांधी

ये तस्वीर बांके बिहारी मंदिर की तरफ जाने वाली गली की है। हादसे के बाद गली में बल्लियां बांधी गईं हैं, ताकि भक्तों को नियंत्रित किया जा सके।
ये तस्वीर बांके बिहारी मंदिर की तरफ जाने वाली गली की है। हादसे के बाद गली में बल्लियां बांधी गईं हैं, ताकि भक्तों को नियंत्रित किया जा सके।

सुबह 7 बजे हादसे के बाद भी भक्तों का आना जारी है। मगर प्रशासन की बदइंतजामी नजर आ रही है। बांके बिहारी मंदिर के गेट नंबर 4 और 5 की तरफ जाने वाली गली में बल्लियां बांधी गईं हैं। इससे श्रद्धालुओं को दिक्कत हो रही है।

बांके बिहारी मंदिर में पहले भी होते रहे हैं हादसे
बांके बिहारी मंदिर में जन्माष्टमी के अवसर पर उमड़ी भीड़ के कारण हुए हादसे के बाद यहां अब श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। बांके बिहारी मंदिर में पहले भी हादसे होते रहे हैं। अगर पिछले कुछ हादसों पर नजर डालें तो न तो मंदिर प्रबंधन ने और न ही प्रशासन ने कोई सबक लिया। यहां इससे पहले इसी साल फरवरी और मार्च में दो हादसे हुए। जिसमें दम घुटने से दो श्रद्धालुओं की मौत हो गई थी।

  • 1 जनवरी 2017: नव वर्ष का पहला दिन। श्रद्धालु अपने आराध्य के दर्शन कर नव वर्ष की शुरुआत करना चाहते थे। लेकिन यहां भीड़ में दबकर दिल्ली निवासी महेश अरोड़ा और अमृतसर निवासी दलजीत घायल हो गए थे।
  • 21 जुलाई 2012 : हरियाली तीज से एक दिन पहले दम घुटने से दिल्ली निवासी देशराज की मौत हो गई।
  • 19 अगस्त 2012 : बांके बिहारी मंदिर में लगी स्टील की रेलिंग टूटने से कई श्रद्धालु घायल हो गए।
  • 9 सितंबर 2012 : यहां रेलिंग में फंसने से हाथरस निवासी उर्मिला गुप्ता और चंदौसी निवासी बीना शर्मा घायल हुए थे।
  • 27 अप्रैल 2009: अक्षय तृतीया पर दम घुटने से कानपुर निवासी रमा माहेश्वरी की मौत हो गई थी।

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