मथुरा में कोरोना विस्फोट:24 घण्टे में 28 कोरोना पॉजिटिव केस आये सामने , एक्टिव मरीजों की संख्या हुई 77

मथुरा9 महीने पहले
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28 लोगों की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई। इनमें से 7 पर्यटक हैं जो कि मथुरा वृंदावन घूमने आए थे - Dainik Bhaskar
28 लोगों की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई। इनमें से 7 पर्यटक हैं जो कि मथुरा वृंदावन घूमने आए थे

मथुरा में नए साल के आगाज के साथ कोरोना के केसों में भी लगातार इजाफा हो रहा है। पिछले 24 घण्टे में मथुरा में 28 कोरोना पॉजिटिव मरीज सामने आए हैं। जिसके बाद एक्टिव मरीजों की संख्या 77 हो गयी है।

28 मरीजों में से 7 पर्यटक

बुधवार को आई कोविड रिपोर्ट में करीब 3800 सैंपल में से 28 लोगों की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई। इनमें से 7 पर्यटक हैं जो कि मथुरा वृंदावन घूमने आए थे। स्वास्थ्य विभाग द्वारा रेलवे स्टेशन पर की गई जांच के बाद पर्यटकों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई। जिन पर्यटकों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है उनमें लखनऊ निवासी 27 वर्षीय युवक, 22 वर्षीय युवक पानीपत , 24 वर्षीय युवक फिरोजाबाद से , मुजफ्फरपुर बिहार का रहने वाला 14 वर्षीय किशोर, ग्वालियर की रहने वाली 30 वर्षीय महिला, दिल्ली निवासी 50 वर्षीय व्यक्ति के अलावा 24 वर्षीय कानपुर का रहने वाला युवक है।

वृंदावन के 9 लोग भी हुए पॉजिटिव

बुधवार को स्वास्थ्य विभाग को मिली कोविड रिपोर्ट में वृंदावन के 9 लोग भी पॉजिटिव पाए गए। इनमें छिपी गली निवासी 59 वर्षीय व्यक्ति, हनुमान आश्रम निवासी 60 वर्षीय व्यक्ति, चैतन्य बिहार निवासी 40 वर्षीय , ब्रह्म कुंड निवासी 53 वर्षीय महिला, संत कॉलोनी निवासी 44 वर्षीय महिला, तराश मन्दिर निवासी 42 वर्षीय महिला , गौधुली पुरम निवासी 32 वर्षीय महिला के अलावा शीतल छाया निवासी 15 वर्षीय किशोर और कैलाश नगर निवासी 52 वर्षीय महिला है। माना जा रहा है कि नए वर्ष के अवसर पर उमड़ी भीड़ के कारण वृंदावन कोरोना की चपेट में आता जा रहा है।

हॉस्पिटल में बैड की क्षमता बढ़ाने में जुटा स्वास्थ्य विभाग

लगातार बढ़ रहे कोरोना केसों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड़ पर है। जनपद में अभी निजी और सरकारी अस्पतालों में कोविड के 800 बैड की व्यवस्था है। नोडल अधिकारी डॉ भू देव ने बताया कि जिस तरीके से दिल्ली में केस बढ़ रहे हैं और वहां बैड और ऑक्सीजन की जरूरत पड़ रही है उसको देखते हुए अभी लग रहा है कि यहां भी केसों की संख्या बढ़ेगी जिसकी बजह से अस्पतालों में और बैड बढ़ाये जा रहे हैं।अस्पतालों में 1000 बैड रखने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने बताया कि अभी तक जितने भी मरीज मिले हैं वह सभी होम आइसुलेट हैं और किसी को हॉस्पिटल जाने की जरूरत नहीं पड़ी।