राधाअष्टमी की तैयारी शुरू:प्रशासन ने की स्थानीय नागरिकों के साथ बैठक , भव्य रूप से मनाया जाएगा राधा रानी का जन्मोत्सव

मथुरा2 महीने पहले
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बृजभूमि में श्री राधारानी का जनमोत्स्व 14 सितंबर को मनाया जाएगा । भगवान श्री कृष्ण के जन्म के 15 दिन बाद मनाए जाने वाले इस उत्सव को लेकर तैयारियां शुरू कर दी गयी हैं - Dainik Bhaskar
बृजभूमि में श्री राधारानी का जनमोत्स्व 14 सितंबर को मनाया जाएगा । भगवान श्री कृष्ण के जन्म के 15 दिन बाद मनाए जाने वाले इस उत्सव को लेकर तैयारियां शुरू कर दी गयी हैं

भगवान श्री कृष्ण की अधिष्ठात्री राधारानी का जनमोत्स्व धूमधाम से मनाया जाएगा । बरसाना धाम के साथ साथ बृज भूमि में मनाए जाने वाले इस पर्व को लेकर प्रशासन ने स्थानीय नागरिकों के साथ बैठक की । बैठक में बिना मास्क के मन्दिर में किसी भी श्रद्धालु के प्रवेश पर प्रतिबंध रहेगा ।

14 सितंबर को मनाया जाएगा राधा का जनमोत्स्व

बृजभूमि में श्री राधारानी का जनमोत्स्व 14 सितंबर को मनाया जाएगा । भगवान श्री कृष्ण के जन्म के 15 दिन बाद मनाए जाने वाले इस उत्सव को लेकर तैयारियां शुरू कर दी गयी हैं। एसडीएम गोवर्द्धन ने बरसाना मन्दिर के रिसीवर और स्थानीय नागरिकों के साथ बैठक कर श्रद्धालुओं को दर्शन सुगम हो सकें इसके लिए सुझाव माँगे । जिसमें बैठक में मौजूद लोगों ने कोरोना नियमों का पालन करते हुए श्रद्धालुओं को दर्शन कराने का सुझाव दिया।

मन्दिर पर की जाएगी भव्य सजावट

बरसाना में ब्रह्मांचल पर्वत पर स्थित श्री जी मन्दिर को राधाअष्टमी पर्व पर भव्य तरीके से सजाया जाएगा। मन्दिर के रिसीवर कृष्ण मुरारी गोस्वामी ने बताया कि आकर्षक लाइटिंग कराई जाएगी इसके साथ ही साफ सफाई पर विशेष ध्यान रखा जाएगा । मंदिर में श्रद्धालु मास्क लगाकर ही प्रवेश करेंगे । जो श्रद्धालु बिना मास्क के होगा उसको मास्क उपलब्ध कराया जाएगा।

राधा अष्टमी पर यह होंगे कार्यक्रम

बृज में राधाअष्ठमी का पर्व धूम धाम से मनाया जाता हैं । राधाष्टमी पर्व पर 13 सितंबर को नंदगाँव और बरसाना के गोस्वामी समाज के लोग मन्दिर परिसर में राधारानी के समक्ष समाज गायन ( गा कर पूजा पाठ) करेंगे । इसके बाद मन्दिर बन्द कर दिया जाएगा । 13 अगस्त की देर रात 2 बजे से फिर बधाई गायन बरसाना के सेवायत गोस्वामी करेंगे । यह बधाई गायन सुबह 4 बजे तक चलेगा । इसके बाद मन्दिर में राधारानी का अभिषेक दर्शन होगा । अभिषेक के बाद कुछ समय के लिए मन्दिर सफाई के लिए बन्द होगा और फिर मंगला आरती के लिए खुलेगा । मंगला आरती के बाद मन्दिर के पट 2 घण्टे के लिए बन्द कर दिए जाएंगे । जिसके बाद मन्दिर खुलने पर बरसाना के गोस्वामी राधा रानी के जन्म लेने पर उनको बधाई देंगे । शाम को दर्शन मन्दिर गर्भगृह से निकलकर नीचे सफेद छतरी पर दर्शन देंगी ।

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