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आजादी का अमृत महोत्सव:साइकिल से 350 किलोमीटर की यात्रा तय कर मथुरा पहुंचे सेना के जवान

मथुरा4 महीने पहले
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साइकिल से 350 किलोमीटर यात्रा तय कर मथुरा पहुंचे सैन्य कर्मियों का गर्मजोशी से स्वागत किया गया। - Dainik Bhaskar
साइकिल से 350 किलोमीटर यात्रा तय कर मथुरा पहुंचे सैन्य कर्मियों का गर्मजोशी से स्वागत किया गया।

साइकिल से 350 किलोमीटर की यात्रा तय कर मंगलवार को मथुरा पहुंचे सेना के 50 जवानों को देखने के लिए लोगों की भीड़ लग गई। ये सैन्यकर्मी यूपी के ललितपुर और राजस्थान के अलवर से आए हैं।

दरअसल, 15 अगस्त 2022 को देश आजादी के 75 साल पूरे करने जा रहा है। इस मौके पर देश भर में आजादी का अमृत महोत्सव मनाया जा रहा है। सरकारी व निजी संस्थानों में कई कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में मंगलवार को सेना के स्ट्राइक वन कोर मुख्यालय पर एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में मथुरा पहुंचे सैन्यकर्मियों का गर्मजोशी से स्वागत किया गया।

स्ट्राइक वन कोर मना रहा स्वर्णिम विजय वर्ष

सेना की स्ट्राइक वन कोर ने दिसंबर 1971 में पाकिस्तान को युद्ध के दौरान मुंहतोड़ जवाब दिया था। इसके अलावा बांग्लादेश के निर्माण में भी बड़ी भूमिका निभाई थी। सेना की यह कोर आजादी के अमृत महोत्सव कार्यक्रम के तहत अपने गठन के 50 साल पूरे होने पर इस वर्ष को स्वर्णिम विजय वर्ष के रूप में मना रहा है। जिसमें मंगलवार को 350 किमी की दूरी तय करके ताल बेहट व अलवर से पहुंचे सैन्य स्टेशन कर्मी का वन कोर के लेफ्टिनेंट जरनल एमके कटियार ने फ्लैग इन कर स्वागत किया।

साइकिल यात्रा पर निकले जवान करा रहे भारतीयों को भारतीयता का अहसास

लेफ्टिनेंट जर्नल एमके कटियार ने कहा कि अमृत महोत्सव प्रगतिशील भारत के 75 साल की तस्वीर है। इससे प्रगतिशील भारत की सामाजिक, संस्कृति, सैन्य, राजनीतिक व आर्थिक पहचान होती है। आज स्वर्णिम विजय वर्ष के अंतर्गत साइकिल यात्रा लेकर निकले यह 50 जवान भारतीय लोगों को भारतीयता का अहसास करा रहे हैं। साथ ही उन पलों की याद ताजा कर रहे हैं जिनके माध्यम से भारत आजाद हुआ और विकास के रास्ते पर आगे बढ़ते हुए 75 साल पूरे किए। अलवर व ताल बेहट से आए सैन्यकर्मियों के साथ लेफ्टिनेंट जर्नल ने मेडल देकर उनको सम्मानित किया व ग्रुप फोटो भी कराई।

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