मथुरा के मंदिरों में उमड़ा आस्था का सैलाब:नवरात्रि के पहले दिन कात्यायनी देवी मंदिर में दर्शन करने पहुंचे श्रद्धालु, कोविड नियमों का हुआ पालन

मथुरा10 दिन पहले
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कात्यायनी देवी मंदिर में माँ की आरती कर आराधना करती महिला श्रद्धालु। - Dainik Bhaskar
कात्यायनी देवी मंदिर में माँ की आरती कर आराधना करती महिला श्रद्धालु।

अश्विन नवरात्र के पहले दिन देवी मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही हैं। 51 शक्तिपीठों में से एक वृन्दावन के प्रसिद्ध कात्यायनी देवी मंदिर पर भी श्रद्धालु मां की आराधना के लिए पहुंच रहे है। यहां भक्तों की संख्या नवरात्रि के हिसाब से कम दिखी, लेकिन जो श्रद्धालु पहुंचे वह पूरी तरह आस्था के रंग में रंगे नजर आए।

सुरक्षा के किये इंतजाम

कात्यायनी देवी मंदिर में श्रद्धालुओं की सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। मंदिर के बाहर पुलिसकर्मी तैनात हैं तो मन्दिर के अंदर निजी सुरक्षाकर्मी सुरक्षा की बागडोर संभाल रहे हैं। श्रद्धालुओं को दर्शनों में कोई दिक्कत न हो इसके लिए सुरक्षाकर्मीयों ने मंदिर में प्रवेश के लिए महिला पुरुषों की अलग अलग लाइन बनवाई है। वहीं कोविड 19 नियमों का भी ध्यान रखा जा रहा है ।

नवरात्रों में यह होंगे कार्यक्रम

मान्यता है कि यहां माता सती के केश गिरे थे इसीलिए इसे केश कात्यायनी पीठ कहा जाता है। मंदिर प्रबन्धन के अध्यक्ष विष्णु कुमार ने बताया कि यहां नवरात्रों के पहले दिन घट स्थापना होगी। इसके बाद दुर्गा सप्तशती और चंडी पाठ 9 दिन होगा। षष्टि और अष्टमी को भव्य फूल बंगला बनेगा इसके साथ ही अष्ठमी को सन्धि आरती होगी।

अन्य देवी मंदिरों पर भी उमड़े श्रद्धालु

कात्यायनी देवी मंदिर के अलावा नगर के चामुंडा देवी मंदिर, काली मंदिर, बगुलामुखी देवी मंदिर , महाविद्या देवी मंदिर के अलावा नंदगांव के संचौली स्थित मंदिर और देवी आट्स स्थित मंशा देवी मंदिर पर भी भक्त आरधना करते हुए नजर आए। घर घर पर घट स्थापना के साथ ही मां का पूजन अर्चन किया गया। नवरात्रों के अवसर पर मंदिरों को भव्यता से सजाया गया है। ब्रज में मान्यता है कि गोपियों ने भगवान श्री कृष्ण को पति के रूप में प्राप्त करने के लिए मां कात्यायनी की आराधना की थी।

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