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मथुरा से लाइव दर्शन:गिर्राज जी को लगा सवा लाख आम का भोग, चंदन से लेप; फूलों से श्रृंगार देख श्रद्धालु मंत्र मुग्ध

मथुरा5 दिन पहले
ब्रज में ठाकुर जी को समर्पित भाव में लाड़- प्यार लड़ाने की अलग-अलग परंपरा हैं। आठों प्रहर की अष्टयाम सेवा की जाती है।

गोवर्धन पर्वत की तलहटी में अपरा एकादशी पर्व पर भक्तों की आस्था चरम पर थी। भक्तों के लाडले गिरिराज धरण को सवा लाख आमों का भोग लगाया गया। फूलों से सजे श्री गिरि मुखारविंद की मनोहारी छवि के दर्शन की ललक से कोरोना का भय भी छूमंतर हो गया। ब्रज वसुंधरा की भक्ति भावना भी अनूठी है। विश्व में पूजित योगीराज को ब्रज में लाड़ लड़ाया जाता है। ब्रजवासियों का सेवाभाव वात्सल्यमयी है। आठों प्रहर की अष्टयाम सेवा की जाती है।

भक्त को सपने में गिर्राज जी दिखे आम खाते
ब्रज में ठाकुर जी को समर्पित भाव में लाड़-प्यार लड़ाने की अलग-अलग परंपरा है। गर्मी के दौर में ठाकुर जी को ठंडी तासीर के चंदन लेप व मौसमी फलों का भोग लगाया जाता है। विगत दिनों मोहिनी एकादशी को वैष्णव संत पुष्टिमार्गीय सखी महाराज निवासी पोखरण जिला जैसलमेर राजस्थान ने गिरिराज प्रभु को ठंडी तासीर चंदन लेप कराया। उसके बाद वह मंदिर में कुछ समय के लिए लेट गईं। उन्हें सपना आया कि गिरिराज प्रभु को आम का भोग लगा रहे हैं। इसी प्रेरणा से सखी महाराज ने परिक्रमा मार्ग स्थित जतीपुरा के मुखारविंद मंदिर में चंदन सेवा के बाद गिर्राज जी को सवा लाख आम का भोग लगाया।

दर्शन कर श्रद्धालु हुए मंत्र मुग्ध
गिर्राज जी को सवा लाख आम के भोग के अनूठी छटा के दर्शन कर श्रद्धालु भाव विभोर नजर आए। भक्तों ने गिर्राज प्रभु से कोरोना जैसी बीमारी को दूर करने की प्रार्थना की।

बृज में बाल स्वरूप में होती है सेवा
इस अवसर पर राजू भैया, महेश मुखिया ने बताया कि ठाकुर जी भक्त के भाव के अधीन हैं। ब्रज में बाल स्वरूप में ठाकुर जी की सेवा होती है। सवा लाख आम का भोग सखी महाराज ने गिरिराज प्रभु को अर्पित किए हैं, आम भक्तों को वितरित किया जाएगा।

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