मथुरा ...महिला आश्रय सदन का निरीक्षण:जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव ने किया ऑनलाइन निरीक्षण, विधिक साक्षरता शिविर का भी किया आयोजन

मथुराएक महीने पहले
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राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण व जनपद न्यायाधीश के निर्देश पर तीनों महिला आश्रय सदन का निरीक्षण किया और महिलाओं को बेहतर सुविधा देने के लिए आवश्यक दिशा निर्देश दिए - Dainik Bhaskar
राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण व जनपद न्यायाधीश के निर्देश पर तीनों महिला आश्रय सदन का निरीक्षण किया और महिलाओं को बेहतर सुविधा देने के लिए आवश्यक दिशा निर्देश दिए

वृंदावन के चैतन्य बिहार स्थित महिला आश्रय सदन का मंगलवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव ने ऑनलाईन निरीक्षण किया। राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण व जनपद न्यायाधीश के निर्देश पर तीनों महिला आश्रय सदन का निरीक्षण किया और महिलाओं को बेहतर सुविधा देने के लिए आवश्यक दिशा निर्देश दिए।

निरीक्षण में आश्रय सदन की अधीक्षिका रहीं शामिल

चैतन्य विहार महिला आश्रय सदन प्रथम, द्वितीय व सीताराम महिला आश्रय सदन का निरीक्षण एवं विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन कोविड-19 को दृष्टिगत रखते हुए ऑनलाईन किया गया। इस ऑनलाइन निरीक्षण एवं विधिक साक्षरता शिविर की अध्यक्षता सुश्री सोनिका वर्मा, सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा की गयी। इस अवसर पर चैतन्य विहार स्थित महिला आश्रय सदन द्वितीय व सीताराम महिला आश्रय सदन की अधीक्षिकायें गीता दीक्षित तथा अनामिका पाण्डेय उपस्थित रहीं। चैतन्य विहार महिला आश्रय सदन प्रथम की अधीक्षिका अवकाश पर होना बताया गया।

आश्रय सदन में हैं 156 निराश्रित माताएं

निरीक्षण के दौरान उपस्थित अधीक्षिकाओं द्वारा बताया गया कि चैतन्य बिहार महिला आश्रय सदन प्रथम, द्वितीय व सीताराम महिला आश्रय सदन में कुल 156 वृद्ध विधवा मातायें रजिस्टर्ड हैं। जिनमें से 122 मातायें उपस्थित हैं तथा 34 मातायें अवकाश पर हैं। माताओं को महिला कल्याण निगम द्वारा 1,850/- रूपये प्रतिमाह सीधे उनके बैंक खाते में भेजे जाते हैं। प्रदेश सरकार की ओर से 500/-रूपये प्रतिमाह वृद्धा व विधवा पैंशन प्राप्त होती है। माताओं को अक्षय पात्र संस्था की ओर से प्रतिदिन सुबह का भोजन मिलता है। सभी माताओं के अंत्योदय राशनकार्ड बनें हैं जिसमें उन्हें 20 किलो गेहूँ, 15 किलो चावल प्रतिमाह प्राप्त होता है। राज्य सरकार द्वारा कोरोना काल में विगत आठ माह से निःशुल्क अनाज भी प्राप्त हो रहा है। महिला कल्याण निगम के द्वारा सदन में कॉमन किचिन का निर्माण कार्य फिनिशिंग स्टेज पर है।

कोविड 19 नियमों के पालन की ली जानकारी

ऑनलाइन निरीक्षण के दौरान सचिव विधिक सेवा प्राधिकरण ने कोविड-19 के नियमों के पालन कराने के सम्बंध में जानकारी ली। जिस पर अधीक्षिकाओं ने बताया कि तीनों सदनों की सभी माताओं को वैक्सीन लग चुकी है। वर्तमान में कोई माता अस्वस्थ नहीं है। सदन में निवासरत माताओं का दिनांक 12 दिसंबर 2021 को कोविड-19 टेस्ट कराया गया। मच्छरों के प्रकोप से बचाव हेतु नगर निगम के द्वारा दिनांक 30 नवंबर 2021 को फॉगिंग व कीटनाशक दवा सदन में डलवाई गई है। महिला कल्याण निगम तथा दानदाताओं द्वारा माताओ को सर्दी के मौसम के दृष्टिगत स्वेटर, कंबल, जुर्राब, कैप आदि दिए गए है।अधीक्षिकाओं द्वारा बताया गया कि उपरोक्त सदनों की माताओं को कोविड-19 व डेंगू के प्रति समय-समय पर जागरूक किया जाता है। परिसर व सभी कक्षों को समय-समय पर नगर निगम अथवा सदनों के कर्मचारियों द्वारा सैनेटाइज किया जाता है। सभी माताओं का प्रत्येक 15 दिन में कोविड टेस्ट कराया जाता है। जो माता कोविड पॉजिटिव होती है उन्हे उपचार हेतु तुरन्त अस्पताल भेज दिया जाता है। माताओं के अस्पताल से वापस आनें पर उन्हे कुछ समय के लिए अन्य माताओं से अलग रखा जाता है। सभी माताओं को मास्क, साबुन, सैनेटाइजर दिये गये हैं। यदि कोई माता जनपद से बाहर अपनें रिश्तेदारों के यहाँ कुछ दिनों के लिए जाती है तो उस माता की कोविड रिपोर्ट नैगेटिव आनें पर ही सदन में प्रवेश दिया जाता है।

ऑनलाइन विधिक साक्षरता शिविर में बताए उनके अधिकार

ऑनलाइन विधिक साक्षरता शिविर में उपस्थित माताओं से अलग अलग बातचीत की गई तथा उनको विधिक अधिकारों से अवगत कराते हुए उनकी समस्याओं को सुना गया। इस दौरान माताओं की समस्या के निस्तारण हेतु सदनों की अधिक्षिकाओं को आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए।

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