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मथुरा में चिकित्सकों ने मनाया नेशनल प्रोटेस्ट डे:काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन किया, बोले- मारपीट जैसी घटनाओं को अंजाम देने वाले लोगों के खिलाफ फास्ट ट्रैक में सुनवाई हो

मथुरा2 महीने पहले
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आईएमए मथुरा के अध्यक्ष नागेंद्र गौर ने कहा कि डॉक्टर सुरक्षित नहीं हैं। - Dainik Bhaskar
आईएमए मथुरा के अध्यक्ष नागेंद्र गौर ने कहा कि डॉक्टर सुरक्षित नहीं हैं।

मथुरा मेडिकल एसोसिएशन ने शुक्रवार को नेशनल प्रोटेस्ट डे मनाया। इस मौके पर जनपद भर के चिकित्सकों द्वारा सरकार से डॉक्टरों को सुरक्षा मुहैया कराने और अस्पतालों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करने की मांग की।

काली पट्टी, काला मास्क लगाकर किया विरोध
आईएमए की ओर से शुक्रवार को घोषित कार्यक्रम के तहत जनपद के अलग अलग शहरों से आये चिकित्सकों ने ब्लैक मास्क, ब्लैक टी शर्ट और हाथों में काली पट्टी बांध कर प्रदर्शन किया। चिकित्सकों ने हाथों में विरोध की काली पट्टी लेकर सरकार से सुरक्षा की मांग की।

हॉस्पिटल को सुरक्षित जोन घोषित किया जाए
डॉक्टरों का कहना है कि वह जी जान से अपने मरीज की देखभाल करते हैं। वह नहीं चाहते हैं कि किसी मरीज के साथ कोई अनहोनी हो लेकिन आए दिन देखने को मिलता है कि मरीज के परिजन अस्पतालों में तोड़फोड़ और डॉक्टरों के साथ अभद्र व्यवहार करते हैं। ऐसे में सरकार को चाहिए कि डॉक्टरों के साथ मारपीट जैसी घटनाओं को अंजाम देने वाले लोगों के खिलाफ फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई हो और उन्हें जल्द सजा मिले।

सेंट्रल एक्ट बनाने की मांग
आईएमए मथुरा के अध्यक्ष नागेंद्र गौर ने कहा कि डॉक्टर सुरक्षित नहीं हैं। उन्होंने कहा कि एक सेंट्रल एक्ट बनना चाहिए जिसमें आईपीसी और सीआरपीसी को दोनो को मिलाकर फास्ट्रेक कोर्ट में सुनवाई हो।

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