मथुरा में पुलिस ने फर्जी दरोगा को किया गिरफ्तार:पत्नी-पत्नी के विवाद में समझौता कराने के लिए 4 लाख रुपए मांगे थे, धर्म बदलकर लोगों से करता था वसूली

मथुरा8 महीने पहले
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थाना सदर बाजार में 9 सितंबर को मथुरा सिविल लाइन के रहने वाले हेमंत कुमार भारद्वाज ने शिकायत करते हुए सूचना दी कि उनके भाई राहुल की शादी गाजियाबाद में श्वेता के साथ हुई है। - Dainik Bhaskar
थाना सदर बाजार में 9 सितंबर को मथुरा सिविल लाइन के रहने वाले हेमंत कुमार भारद्वाज ने शिकायत करते हुए सूचना दी कि उनके भाई राहुल की शादी गाजियाबाद में श्वेता के साथ हुई है।

मथुरा की थाना सदर बाजार पुलिस ने अवैध वसूली करते हुए एक फर्जी दरोगा को शुक्रवार को रात में गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी के पास से दरोगा की वर्दी और एक लाख 37 हजार रुपए बरामद किए हैं। आरोपी दरोगा नाम व धर्म बदलकर लोगों से वसूली कर रहा था। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है।

फर्जी दरोगा ने ऐसे दिया वसूली को अंजाम

थाना सदर बाजार में 9 सितंबर को मथुरा सिविल लाइन के रहने वाले हेमंत कुमार भारद्वाज ने शिकायत करते हुए सूचना दी कि उनके भाई राहुल की शादी गाजियाबाद में श्वेता के साथ हुई है। करीब 1 महीने से पति पत्नी के बीच में विवाद चल रहा है। श्वेता वर्तमान समय में अपने मायके गाजियाबाद में ही है। 18 अगस्त को एक व्यक्ति का फोन उनके भाई के फोन पर आया। फोन करने वाले ने बताया कि वह उपनिरीक्षक योगेन्द्र कुमार थाना सिहानी गेट जनपद गाजियाबाद बोल रहा है। खुद को दरोगा बताने वाले व्यक्ति ने बताया कि स्वेता ने उनके परिवार के सभी लोगों के खिलाफ आरोप लगाते हुए शिकायती पत्र दिया है। इसके बाद जब हेमंत ने योगेन्द्र कुमार से बात की तो उसने समझौता कराने के बदले में 4 लाख रुपए की मांग की।

इसके बाद हेमंत ने योगेन्द्र कुमार के बताए गए खाते में उसी दिन 1 लाख रुपए भेज दिया। बाकी रुपए के लिए 27 अगस्त को योगेंद्र खुद सैन्ट्रो कार से पुलिस की वर्दी में सिविल लाइन पैट्रोल पम्प मथुरा पर आकर हेमंत से मिला। अपनी बातों में फंसाकर 1 लाख रुपए ले गया।

इसके बाद योगेंद्र ने व्हाट्सएप काल के माध्यम से बात करके 65 हजार रुपए और ले लिये। रकम लेने के बाद योगेंद्र ने अपना मोबाइल बंद कर लिया। जिसके बाद जब हेमंत ने जानकारी की तब जाकर पता चला कि वह पुलिस में सब इंस्पेक्टर है।

फर्जी दरोगा ने नाम बदलकर किया फ्रॉड

एसएसपी गौरव ग्रोवर ने बताया कि इस घटना को गंभीरता से लेते हुए एसपी सिटी व एसपी क्राइम के नेतृत्व में टीम का गठन कर आरोपी को गिरफ्तार करने का प्लान बनाया गया। जिसके बाद एक अक्टूबर की रात को सूचना मिली कि आरोपी एनसीसी तिराहा के पास खड़ा है। सूचना पर आरोपी को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ करने पर पता चला कि फर्जी दरोगा का नाम योगेंद्र कुमार नहीं बल्कि जावेद अली है। वह गाजियाबाद के मुस्तफाबाद का रहने वाला है। जावेद अली के पास से पुलिस ने वर्दी और नगद रुपए बरामद किए हैं।

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