22 तस्वीरों में देखिए मथुरा की कृष्ण जन्माष्टमी:5 किलोमीटर तक पैर रखने की जगह नहीं मिली, 20 लाख भक्तों ने किए दर्शन

मथुरा/आगरा6 महीने पहले

भगवान कृष्ण का जन्म जैसा ही हुआ वैसे ही हर तरफ जयकारा गूंजने लगा। मथुरा में प्रेम मंदिर, द्वारिकाधीश मंदिर में शहनाई बजने लगी। भक्त अपने आराध्य कृष्ण के जन्म के उत्साह से सराबोर हो गए। हर तरफ जय श्रीकृष्ण के जयकारे लगने लगे। बता दें, देर रात 20 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। जन्मभूमि मंदिर के आस-पास करीब 5 किलोमीटर तक पैर रखने की जगह नहीं थी।

बांके बिहारी मंदिर के कपाट रात को 9.30 बजे बंद कर दिए गए। उसके बाद गर्भ गृह में श्री कृष्ण का अभिषेक हुआ। फिर देर रात 1 बजे मंगला आरती के साथ कपाट खोल दिए गए। भक्तों ने दर्शन किए। बांके बिहारी मंदिर में साल में सिर्फ एक बार ही मंगला आरती होती है।

द्वारिकाधीश मंदिर में शहनाई की धुन पर भक्त नाचते हुए कान्हा के भजन गाते रहे। जैसे-जैसे नंद गोपाल के जन्म का वक्त करीब आता गया, श्रद्धालुओं का उत्साह बढ़ता गया। सड़कों पर जगह-जगह मंडलियों में भक्त बैठे भजन-कीर्तन करते रहे।

आइए, अब 22 तस्वीरों में देखते हैं जन्माष्टमी...

जन्मस्थान में रात 12 बजे ही भक्तों की भीड़ लग गई। हर तरफ जय श्रीकृष्ण के जयकारे लगने लगे।
जन्मस्थान में रात 12 बजे ही भक्तों की भीड़ लग गई। हर तरफ जय श्रीकृष्ण के जयकारे लगने लगे।
श्री कृष्ण जन्मभूमि में जन्म के बाद भगवान को गर्भगृह के बाहर लाकर उनका अभिषेक किया गया। इस दौरान भक्तों में जबरदस्त उत्साह रहा।
श्री कृष्ण जन्मभूमि में जन्म के बाद भगवान को गर्भगृह के बाहर लाकर उनका अभिषेक किया गया। इस दौरान भक्तों में जबरदस्त उत्साह रहा।
लीला मंच के पास जयकारे लगाते श्रद्धालु, झिलमिल झालरों की रोशनी से जगमगाता श्री कृष्ण जन्मस्थान।
लीला मंच के पास जयकारे लगाते श्रद्धालु, झिलमिल झालरों की रोशनी से जगमगाता श्री कृष्ण जन्मस्थान।

रात 12 बजे भगवान श्री कृष्ण का जन्म हो गया। जन्म के साथ ही मथुरा के मंदिरों में घंटे-घड़ियाल बज उठे। पूरा शहर नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की...से गूंज उठा।

श्रीकृष्ण जन्मभूमि के बाहर भक्तों की भीड़। यहां जितने श्रद्धालु अंदर हैं, उसके कई गुना ज्यादा बाहर अपने भगवान के दर्शन के लिए लाइन में लगे रहे।
श्रीकृष्ण जन्मभूमि के बाहर भक्तों की भीड़। यहां जितने श्रद्धालु अंदर हैं, उसके कई गुना ज्यादा बाहर अपने भगवान के दर्शन के लिए लाइन में लगे रहे।
श्री कृष्ण जन्मभूमि में 20 लाख श्रद्धालुओं ने दर्शन किया। मंदिर परिसर के 5 किलोमीटर तक के इलाके में पैर रखने की जगह नहीं रही।
श्री कृष्ण जन्मभूमि में 20 लाख श्रद्धालुओं ने दर्शन किया। मंदिर परिसर के 5 किलोमीटर तक के इलाके में पैर रखने की जगह नहीं रही।
द्वारिकाधीश मंदिर में भगवान के जन्म पर विशेष 56 भोग तैयार किए गए हैं। इसमें 10 तरह के पाग मेवा, खीर, शहद, मावा, मलाई, ठंडाई, पेठा, पेड़ा, केसर, रबड़ी, देसी गाय के दूध से तैयार मक्खन, मिश्री जैसी चीजें इस्तेमाल हुई हैं।
द्वारिकाधीश मंदिर में भगवान के जन्म पर विशेष 56 भोग तैयार किए गए हैं। इसमें 10 तरह के पाग मेवा, खीर, शहद, मावा, मलाई, ठंडाई, पेठा, पेड़ा, केसर, रबड़ी, देसी गाय के दूध से तैयार मक्खन, मिश्री जैसी चीजें इस्तेमाल हुई हैं।
भगवान के जन्म के साथ ही पूरा जन्मभूमि मंदिर जय कन्हैया लाल के जयकारे से गूंज उठा। इसी दौरान उत्साह में नाचते-गाते भक्त।
भगवान के जन्म के साथ ही पूरा जन्मभूमि मंदिर जय कन्हैया लाल के जयकारे से गूंज उठा। इसी दौरान उत्साह में नाचते-गाते भक्त।
भगवान द्वारिकाधीश का उद्यापन श्रृंगार धूमधाम से किया गया। श्रृंगार में मुख्य रूप से मोंगा, चमेली, गुलाब, तुलसी और गेंदा फूलों का इस्तेमाल किया गया है।
भगवान द्वारिकाधीश का उद्यापन श्रृंगार धूमधाम से किया गया। श्रृंगार में मुख्य रूप से मोंगा, चमेली, गुलाब, तुलसी और गेंदा फूलों का इस्तेमाल किया गया है।
द्वारकाधीश में शहनाई की धुन पर नाचते-गाते श्रद्धालु। जय कन्हैयालाल के जयकारे गूंजते रहे।
द्वारकाधीश में शहनाई की धुन पर नाचते-गाते श्रद्धालु। जय कन्हैयालाल के जयकारे गूंजते रहे।
ये फोटो पोतरा कुंड पर म्यूजिकल फाउंटेन की है। मान्यता है कि यहां भगवान कृष्ण के जन्म के बाद के कपड़े धोए गए थे।
ये फोटो पोतरा कुंड पर म्यूजिकल फाउंटेन की है। मान्यता है कि यहां भगवान कृष्ण के जन्म के बाद के कपड़े धोए गए थे।
श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर में कान्हा के दर्शन के लिए भक्तों का सैलाब उमड़ा रहा है।
श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर में कान्हा के दर्शन के लिए भक्तों का सैलाब उमड़ा रहा है।
मथुरा में शुक्रवार शाम 6 बजे हल्की बारिश हुई। इस दौरान भक्तों का उत्साह जरा भी कम नहीं हुआ। मंदिरों के बाहर कान्हा के दर्शन के लिए भक्त डटे रहे।
मथुरा में शुक्रवार शाम 6 बजे हल्की बारिश हुई। इस दौरान भक्तों का उत्साह जरा भी कम नहीं हुआ। मंदिरों के बाहर कान्हा के दर्शन के लिए भक्त डटे रहे।
यह तस्वीर प्रेम मंदिर की है। शुक्रवार शाम को कान्हा के जन्म के लिए मंदिर सजधज कर तैयार रहा।
यह तस्वीर प्रेम मंदिर की है। शुक्रवार शाम को कान्हा के जन्म के लिए मंदिर सजधज कर तैयार रहा।
अन्नपूर्णा भवन में श्रद्धालुओं को सीएम योगी ने भोजन परोसा और उनके साथ बैठकर भोजन भी किया।
अन्नपूर्णा भवन में श्रद्धालुओं को सीएम योगी ने भोजन परोसा और उनके साथ बैठकर भोजन भी किया।
मथुरा में हर तरफ कान्हा ही कान्हा नजर आ रहे हैं। भागवत कथा वाचक चित्रलेखा भगवान स्वरूप में सजे बच्चे को गोद में बैठाए हुए।
मथुरा में हर तरफ कान्हा ही कान्हा नजर आ रहे हैं। भागवत कथा वाचक चित्रलेखा भगवान स्वरूप में सजे बच्चे को गोद में बैठाए हुए।
जन्म के बाद मंदिर में श्रीकृष्ण का दूध से अभिषेक करते हुए पुजारी।
जन्म के बाद मंदिर में श्रीकृष्ण का दूध से अभिषेक करते हुए पुजारी।
द्वारिकाधीश मंदिर में 40 साल से राया के मेहराज शहनाई बजाते आ रहे हैं। मेहराज कहते हैं, "हम जब जन्माष्टमी पर शहनाई बजाते हैं, तो गर्व होता है।"
द्वारिकाधीश मंदिर में 40 साल से राया के मेहराज शहनाई बजाते आ रहे हैं। मेहराज कहते हैं, "हम जब जन्माष्टमी पर शहनाई बजाते हैं, तो गर्व होता है।"
श्रीकृष्ण जन्मभूमि के बाहर श्रद्धालुओं की भीड़ लगी है। अंदर अधिक भीड़ होने के कारण बीच-बीच में एंट्री रोक दी गई।
श्रीकृष्ण जन्मभूमि के बाहर श्रद्धालुओं की भीड़ लगी है। अंदर अधिक भीड़ होने के कारण बीच-बीच में एंट्री रोक दी गई।
द्वारिकाधीश मंदिर में दर्शन करने के बाद श्रद्धालु मंदिर में ही बैठकर भजन का आनंद लेते रहे। कपाट खुलने के बाद भक्तों को भगवान का दर्शन किया।
द्वारिकाधीश मंदिर में दर्शन करने के बाद श्रद्धालु मंदिर में ही बैठकर भजन का आनंद लेते रहे। कपाट खुलने के बाद भक्तों को भगवान का दर्शन किया।
महादेव की ये झांकी भी श्रद्धालुओं को आकर्षित करती रही। लोग यहां रुक-रुक कर फोटो खींच रहे।
महादेव की ये झांकी भी श्रद्धालुओं को आकर्षित करती रही। लोग यहां रुक-रुक कर फोटो खींच रहे।
श्रीकृष्ण की राधा के साथ ये झांकी भी भक्त खूब पसंद कर रहे हैं। इस झांकी के साथ भी लोग खूब सेल्फी ले रहे हैं।
श्रीकृष्ण की राधा के साथ ये झांकी भी भक्त खूब पसंद कर रहे हैं। इस झांकी के साथ भी लोग खूब सेल्फी ले रहे हैं।
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