मथुरा में जगन्नाथ रथ यात्रा की धूम:श्यामनगरी में रथ पर विराजमान होकर निकले भगवान जगन्नाथ, भक्ती में सराबोर नाचते गाते हुए दिखे श्रद्धालु

मथुरा3 महीने पहले
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कान्हानगरी में निकाली गई भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा। - Dainik Bhaskar
कान्हानगरी में निकाली गई भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा।

मथुरा में भगवान जगन्नाथ का रथ उत्सव श्रद्धापूर्वक आयोजित किया गया। जहां प्राचीन जगन्नाथ मंदिर में भगवान जगन्नाथ रथ पर विराजमान हुए। वहीं अन्य प्रमुख मन्दिरों और देवालयों में ठाकुर जी को अलग अलग तरह के रथों में विराजमान किया गया। बांके बिहारी मंदिर में भगवान सोने चांदी से बने रथ पर विराजमान हुए।

धार्मिक मान्यताओं का होता है पालन

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान जगन्नाथ अपनी बहन सुभद्रा व बड़े भाई बलभद्र के साथ आषाढ़ शुक्ल पक्ष की द्वितीय तिथि को रथ पर विराजमान होकर नगर भ्रमण को निकले थे। तभी से भगवान जगन्नाथ का रथोत्सव उत्साह पूर्वक मनाया जाता है। मन्दिर और देवालयों में रथोत्सव श्रद्धा औरआस्था के साथ आयोजित किया गया।

सुबह हुआ भगवान का पंचामृत अभिषेक

प्राचीन जगन्नाथ मंदिर में सोमवार सुबह भगवान जगन्नाथ, बहिन सुभद्रा व बलभद्र जी के श्री विग्रह का महाभिषेक दूध,दही, चीनी, शहद, इत्र, घी, गंगाजल से मंत्रोच्चार के साथ किया गया। ठाकुर जी को छप्पन भोग प्रसाद लगाकर फूलबंगला में विराजमान कराया गया। शाम को वैदिक रीति से भगवान के स्वरूप तीन रथों पर विराजमान कराए गये। जहां से तीनों रथ नगर भ्रमण के लिए रवाना हुए। बैंडबाजा और ढोल, मृदंग की धुन पर भक्तजन झूमते चल रहे थे। नगर के प्रमुख मार्गों से होती हुई रथयात्रा दोबार मन्दिर परिसर पहुंची। जहा उत्साहित भक्तों ने आकर्षक आतिशबाजी का प्रदर्शन किया।

रथयात्रा में विदेशी भक्त भी भगवान की भक्ति में रंगे नजर आए।
रथयात्रा में विदेशी भक्त भी भगवान की भक्ति में रंगे नजर आए।

ठाकुर बांके बिहारी जी हुए सोने चांदी से बने रथ में विराजमान हुए

जगन्नाथ रथयात्रा के दिन जन जन के आराध्य ठाकुर श्री बांके बिहारी जी महाराज ने 160 किलो के स्वर्ण रजत रथ पर विराजमान होकर भक्तों को दर्शन दिए। ठाकुर श्री बांके बिहारी जी महाराज के आनंद उत्सव राजभोग सेवाधिकारी आचार्य बृजेन्द्र किशोर गोस्वामी ने बताया कि साल में एक बार बांके बिहारी जी महाराज स्वर्ण रथ पर विराजमान होकर दर्शन देते हैं। इस विशाल रथ में चार घोड़े रथ को खींचते हैं। इस रथ की सेवा हर साल आनंद उत्सव राजभोग सेवाधिकारी के सानिध्य में जगन्नाथ रथ यात्रा के दिन चंद्र आनंद निकुंज बिहारी चैरिटेबल ट्रस्ट के माध्यम से की जाती है यह रथ ट्रस्ट के द्वारा 2013 में बनाया गया था।

160 किलो सोने चाँदी से बने रथ में विराजमान हुए बांके बिहारी
160 किलो सोने चाँदी से बने रथ में विराजमान हुए बांके बिहारी

सप्त देवालयों में भी किया गया परम्परा का पालन

इसी क्रम प्राचीन चार सम्प्रदाय आश्रम, श्री राधामदनमोहन जी, श्री हरदयानन्द आश्रम के रथ नगर के मुख्य मार्गों से होते हुए प्राचीन ज्ञानगुदड़ी की परिक्रमा कर दोबारा मंदिरों में पहुंचे। वहीं श्री गोविन्द देव, श्री राधा दामोदर मंदिर में रथ यात्रा की परंपरा निभाते हुए मंदिर परिसर में ही आयोजन किया गया। सप्त देवालय श्री राधारमण जी, गोकुलानंद जी, श्री मदनमोहन जी समेत कई मन्दिरों में ठाकुर जी को रथारूढ़ किया गया।

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