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मथुरा रंगनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं का तांता:15 अप्रैल को बंद हुए मंदिर के पट 55 दिन बाद खुले, सोशल डिस्टेंसिंग के पालन के साथ हुए दर्शन

मथुरा2 महीने पहले
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मंदिर की मुख्य अधिशासी अधिकारी अनघा श्री निवासन ने बताया कि श्रद्धालुओं को मास्क लगाकर ही मंदिर में प्रवेश देने दिया जाएगा। - Dainik Bhaskar
मंदिर की मुख्य अधिशासी अधिकारी अनघा श्री निवासन ने बताया कि श्रद्धालुओं को मास्क लगाकर ही मंदिर में प्रवेश देने दिया जाएगा।

कोरोना वायरस की दूसरी लहर में बंद किए गए रंगनाथ मंदिर के पट शुक्रवार को आम श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। करीब 55 दिन बाद मंदिर के पट खुलते ही भक्तों ने भगवान रंगनाथ की जय जयकार की। मंदिर की मुख्य अधिशासी अधिकारी अनघा श्री निवासन ने बताया कि श्रद्धालुओं को मास्क लगाकर ही मंदिर में प्रवेश देने दिया जाएगा। इसके साथ ही सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना होगा। वहीं, समय-समय पर मंदिर परिसर को भी सैनेटाइज किया जाएगा।

बिना मास्क के नहीं मिलेगा मंदिर में प्रवेश, सोशल डिस्टेंसिंग
कोरोना की दूसरी लहर को देखते हुए आम जन मानस की सुरक्षा के लिए 15 अप्रैल को रंगनाथ मंदिर प्रबंधन ने मंदिर के पट श्रद्धालुओं के लिए बंद कर दिए थे। इस दौरान मंदिर में भगवान की पूजा सेवा और उत्सव बदस्तूर जारी रहे। एक जून से उत्तर प्रदेश में अनलॉक किए जाने के बाद शुक्रवार को शुभ मुहूर्त में मंदिर के पट सुबह 8 बजकर 50 मिनट पर वैदिक मंत्रोच्चारण के मध्य से आम श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए।

दक्षिण भारतीय शैली का हैं रंगनाथ मंदिर
वृंदावन स्थित उत्तर भारत के सबसे बड़े दक्षिण भारतीय शैली रंगनाथ मंदिर में भगवान गोदा रंगमन्नार (लक्ष्मी जी, विष्णु जी) की पूजा की जाती है। इस मंदिर में 7 दरवाजे 5 परिक्रमा स्थल हैं, जो इसकी भव्यता को दर्शाते हैं। मंदिर के आंगन में लगा 50 फीट ऊंचा सोने से बने स्तंभ की वजह से बृज क्षेत्र में इसे सोने के खंभे वाला मंदिर भी कहा जाता हैं।