ब्रज में बल्देव छठ की धूम:दाऊ जी मंदिर में भगवान बलराम को लगा 56 भोग, सुबह से ही मंदिरों में उमड़े श्रद्धालु

मथुराएक महीने पहले
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ब्रज के राजा दाऊ महाराज के अवतरण दिवस पर धार्मिक नगरी में विविध धार्मिक व सांस्कृतिक अनुष्ठानों का आयोजन किया गया। - Dainik Bhaskar
ब्रज के राजा दाऊ महाराज के अवतरण दिवस पर धार्मिक नगरी में विविध धार्मिक व सांस्कृतिक अनुष्ठानों का आयोजन किया गया।

ब्रज भूमि मथुरा में रविवार को भगवान बलराम के जन्मोत्सव की धूम है। भगवान बलराम के जन्मोत्सव पर उनका पंचामृत अभिषेक किया गया। ब्रजभूमि के अलग अलग धार्मिक स्थानों पर मौजूद भगवान बलराम के मंदिरों में विविध धार्मिक आयोजन किए गए।

द्वापर युग में भगवान विष्णु ने श्रीकृष्ण के रूप में जन्म लिया। वहीं, शेषनाग ने श्रीकृष्ण के बड़े भाई बलराम के रूप में अवतार लिया। भगवान श्री कृष्ण से 11 माह बड़े बलराम जी ब्रज के राजा भी हैं। इसीलिए उनका जनमोत्स्व ब्रजभूमि में बड़े उत्साह, भक्ति और आस्था के साथ मनाया जाता है।

मन्दिरों में हो रहा बधाई गायन

ब्रज के राजा दाऊ महाराज के अवतरण दिवस पर धार्मिक नगरी में विविध धार्मिक व सांस्कृतिक अनुष्ठानों का आयोजन किया गया। मन्दिरो में फूल बंगले सजाए गए। शेषावतार बलभद्र जी के प्राक्टयदिवस पर ब्रज के अनेक मन्दिर देवालयों में अनुष्ठान आयोजित किए गए। भगवान बलराम का दूध, दही, घी, बुरा और शहद से पंचामृत अभिषेक किया गया। इसके बाद मंदिरों में ब्रज के राजा के जन्मोत्सव पर बधाई गायन हुआ।

इन मंदिरों में हुए विशेष आयोजन

दाऊ बाबा की नगरी बलदेव में स्थित दाऊजी महाराज के मन्दिर में सुबह से ही श्रद्धालु दर्शनों के लिए मन्दिर पहुंचने लगे। यहां भगवान बलराम को प्रगट होने के बाद भक्त बधाई दे रहे थे। कुंजगली स्थित प्राचीन बिहारी जी दाऊजी महाराज मन्दिर में प्रातः दाऊ जी के श्री विग्रह का दुग्ध, दही, शर्करा, मधु, घृत, इत्र, गुलाब जल, इत्यादि से महाभिषेक कर नवीन पोशाक धारण कर विशेष श्रंगार किए गए। बलभद्र स्त्रोत का सेवायतजनों द्वारा सस्वर पाठ किया गया।

सेवायत ब्रजेश शर्मा गली वालो ने बताया कि इस वर्ष कोरोना महामारी के कारण दाऊ छठ पर विगत वर्ष कोरोना के चलते महोत्सव सूक्ष्म रूप से मनाया गया था। इसी क्रम में करीब 450 वर्ष पूर्व गोमा टीला से खुदाई में प्राप्त हुए प्राचीन दाऊ जी मन्दिर में विराजमान बलभद्र जी के श्री विग्रह का वैदिक मंत्रोच्चारण के मध्य पन्चामृत से महाभिषेक किया गया। विशेष श्रंगार के उपरांत सांयकाल दाऊ जी महाराज का भव्य फूल बंगला सजाकर छप्पन भोग निवेदित किए गए। पुराना शहर स्थित प्राचीन काले दाऊ जी मन्दिर में भी विविध अनुष्ठान संपन्न हुए।

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