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  • The Marriage Ceremony Of Godamma Ji Was Celebrated In The Ranganath Temple Of Vrindavan, After A Month's Circle, The Marriage Festivities Ended On Friday.

गोदम्मा जी का विवाहोत्सव:वृंदावन में भगवान रंगनाथ और गोदम्मा जी की शादी, श्री कृष्ण के लिए गोदा जी एक महीने का रखती हैं धनुर्मास व्रत

मथुरा4 दिन पहले
भगवान की माला अदला-बदली के बाद आरती उतारते मंदिर के सेवायत।

तीर्थ नगरी वृंदावन के प्रसिद्ध श्री रंगनाथ मंदिर में धनुर्मास महोत्सव के अंतर्गत भगवान गोदा रंगनाथ विवाहोत्सव वैदिक परंपरानुसार आयोजित किया गया। दक्षिण भारतीय वाद्य यंत्रों की मधुर ध्वनि के साथ सम्पूर्ण मंदिर परिसर गोदा रंगमन्नार भगवान की जयकार से गुंजायमान हो उठा। उत्तर भारत के विशाल तम श्री रंग मंदिर में अनवरत जारी मंगल उत्सवों की श्रृंखला में पौष माह में मनाये जाने वाले धनुर्मास महोत्सव का वैष्णव परम्परा में विशेष महत्व माना गया।

यह है मान्यता
मान्यता है कि लक्ष्मी स्वरूप गोदम्मा जी ने भगवान विष्णु को वर रूप में प्राप्त करने के लिये एक माह तक कठिन व्रत का निर्वहन किया था। वैष्णव सन्त विष्णु चित्त स्वामी के घर जन्म लेकर गोदम्मा जी ने धनु संक्रांति से मकर संक्रांति तक भगवान विष्णु की उपासना करते हुए तिरुप्पवे स्त्रोत की रचना कर सस्वर पाठ किया था।

रंग-बिरंगे कपड़ों व पुष्पों से सजा परिसर

मकर संक्रांति पर्व पर भगवान गोदा रंग नाथ का दिव्य विवाहोत्सव आयोजित किया गया। मंदिर की बारह द्वारी परिसर को रंग बिरंगे कपड़ों व पुष्पों से सुसज्जित कर मां गोदम्मा को विराजित किया गया। पंच दिवसीय विवाहोत्सव के अंतर्गत विगत एक माह से कठिन व्रत का निर्वहन कर रही मां गोदम्मा ब्रह्म मुहूर्त में स्नानादि के उपरांत न तो वेणी ( बाल) गुंथन करती है और न ही अन्य श्रृंगार करती हैं। व्रत पूर्ण होने पर भगवान उनकी इच्छानुसार पांचजन्य शंख, मंडप में बांधने के वितान, मंगल दीप आदि वस्तुएं प्रदान कर स्वीकृति देते हैं।

गोदम्मा जी का किया गया विशेष श्रृंगार

विवाह दिवस पर गोदम्मा जी का हल्दी चंदन का लेपन कर पवित्र नदियों के जल से अभिषेक करने के बाद नवीन वस्त्र व स्वर्ण आभूषण से विशेष श्रृंगार किया गया। सुवासित केश तेल, चंदन, पुष्पों से केश विन्यास किया गया। भगवान रंगनाथ मंगल वाद्ययंत्र की ध्वनि के साथ बारात लेकर मंडप में पहुंचे, जहां पवित्र अग्नि को साक्षी मानकर विवाह की रस्म अदायगी की गई।

माला अदला-बदली देख भक्त हुए आनंदित

बारह द्वारी पर पहुंचे भगवान रंगनाथ और गोदा जी के मध्य 7 बार परम्परा के अनुसार माला अदला बदली की गई। गोदा रंगमन्नार भगवान की जय जयकार के साथ माला बदली का मनोहारी दृश्य देखकर भक्त आनंदित हो गये। मंदिर प्रबंधन द्वारा कोरोना गाइडलाइंस के तहत भक्तों को दर्शन कराये गये।

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