6 दिसंबर को मथुरा में रहा अलग माहौल:क्या किया था हिंदूवादी संघटनों ने ऐलान और पुलिस की कैसी थी तैयारी; एक रिपोर्ट

मथुरा6 महीने पहले
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6 दिसंबर को हिंदूवादी संघटनों ने शाही ईदगाह मस्जिद में जलाभिषेक करने की घोषणा की गई। जिसके बाद प्रशासन ने धारा 144 लगा दी और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी। - Dainik Bhaskar
6 दिसंबर को हिंदूवादी संघटनों ने शाही ईदगाह मस्जिद में जलाभिषेक करने की घोषणा की गई। जिसके बाद प्रशासन ने धारा 144 लगा दी और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी।

मथुरा में 6 दिसंबर को अलग माहौल नजर आया। श्रीकृष्ण जन्मभूमि और शाही ईदगाह की तरफ जाने वाले मार्ग सुनसान थे। दुकानें बंद थीं। रोड पर केवल पुलिस और मीडिया की गाड़ी नजर आ रही थीं।

दरअसल, हिंदूवादी संगठनों ने शाही ईदगाह मस्जिद में जलाभिषेक करने की घोषणा की गई। जिसके बाद प्रशासन ने अनुमति के लिए आए सभी प्रार्थना पत्रों को खारिज करते हुए धारा 144 लगा दी थी। पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था कड़ी थी। शहर में हर जगह पुलिस फोर्स के जवान तैनात नजर आए।

ईदगाह की जमीन से कब्जा हटाने की मांग

हिंदूवादी संगठनों का दावा है कि 1669 में औरंगजेब ने श्रीकृष्ण मंदिर को तुड़वा कर इसके एक हिस्से में ईदगाह बनवाई थी। ईदगाह की जमीन पर कब्जा हटाने की मांग को लेकर 25 सितंबर, 2020 को सिविल कोर्ट में एक वाद भी दायर किया गया था। हालांकि श्रीकृष्ण विराजमान की रंजना अग्निहोत्री के इस वाद को सिविल जज सीनियर डिवीजन छाया शर्मा ने खारिज कर दिया था। इसके बाद कुल 13.37 एकड़ जमीन पर कब्जा हटाने की मांग को लेकर जिला जज की अदालत में रिवीजन डाला गया। जिसे जिला जज ने स्वीकार करते हुए सुनवाई शुरू कर दी। इसके बाद 10 विभिन्न लोगों और संगठनों ने कोर्ट में वाद दाखिल किए। जिन पर सुनवाई चल रही है।

हिंदूवादी संगठनों ने की थी जलाभिषेक की घोषणा

अखिल भारत हिंदू महासभा, नारायणी सेना और श्रीकृष्ण निर्माण न्यास नामक संगठनों ने विभिन्न घोषणाएं की थीं। इसकी राष्ट्रीय अध्यक्ष राजश्री चौधरी ने 6 दिसंबर को शाही ईदगाह में बाल गोपाल का जलाभिषेक करने की घोषणा की थी। वहीं, नारायणी सेना ने पदयात्रा निकालने का ऐलान किया था। श्रीकृष्ण निर्माण न्यास ने वृंदावन से श्रीकृष्ण जन्मभूमि तक पदयात्रा और अयोध्या में कारसेवा के दौरान मारे गए लोगों की आत्मशांति के लिए प्रार्थना करने की घोषणा की थी। हिंदूवादी संगठनों की घोषणा के बाद प्रशासन ने धारा 144 लगा दी थी।

सुर्खियों में बना मथुरा

हमेशा शांत रहने वाला मथुरा अचानक कुछ अशांत सा हो गया। पिछले एक हफ्ते से पुलिस और प्रशासन में हलचल बढ़ गई। शहर की सड़कों पर हर दिन फ्लैग मार्च नजर आने लगा। लगने लगा कि 6 दिसंबर को शांत, प्रेम और भाईचारे से रहने वाला मथुरा कहीं अराजकता की भेंट न चढ़ जाए। लेकिन पुलिस की मुस्तैदी और शहर की शांत फिजा ने यहां के भाईचारे को कायम रखा।

पुलिस ने मथुरा में 145 चेकिंग पॉइंट बनाए गए। ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों से हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही थी। 2000 से ज्यादा सुरक्षाकर्मी मुस्तैद नजर आए। यूपी पुलिस के अलावा पीएसी और आरएएफ के जवान सड़कों पर गश्त करते रहे।

अन्य दिनों के मुकाबले कम रही श्रद्धालुओं की संख्या

श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर श्रद्धालुओं की संख्या न के बराबर रही। आम दिनों में यहां 5 से 6 हजार श्रद्धालु पूरे दिन में आते हैं। लेकिन सोमवार को तनाव को देखते हुए यह संख्या 400 से 500 के बीच ही रही। श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान के सचिव कपिल शर्मा ने बताया कि अन्य दिनों की अपेक्षा 6 दिसंबर को लोग काफी कम आए हैं।

कैबिनेट मंत्री ने किया उपमुख्यमंत्री के बयान का समर्थन

डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या ने मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मस्थान मंदिर के निर्माण को लेकर बयान दिया था। जिसे लेकर उत्तर प्रदेश की सियासत गरमा गई है। कैबिनेट मंत्री चौधरी लक्ष्मी नारायण ने बताया कि केशव प्रसाद मौर्या भाजपा के वरिष्ठ नेता हैं। उन्होंने जो बयान दिया है उससे यह साबित होता है कि भगवान श्रीकृष्ण का मंदिर यदि मथुरा में नहीं बनेगा तो क्या लाहौर में बनेगा। मथुरा में तो भगवान कृष्ण का मंदिर बनना ही चाहिए। उन्होंने बताया कि राम मंदिर के बारे में भी लोग सवाल करते थे। कहते थे कि राम लला हम आएंगे, मंदिर यहीं बनाएंगे। तारीख नहीं बताएंगे। लेकिन राम मंदिर अब बन रहा है।