यमुना दर्शन यात्रा लेकर वृन्दावन पहुँचे के एन गोविंदाचार्य:15 सितंबर को प्रयागराज में होगा यात्रा का समापन ,मानव केंद्रित विकास की जगह प्रकृति केंद्रित विकास को बताया अहम

मथुराएक महीने पहले
  • कॉपी लिंक
यमुना दर्शन यात्रा को लेकर वृन्दावन पहुँचे गोविंदाचार्य ने मानव केंद्रित विकास को अहम बताते हुए नदियों में जलस्तर की बढोत्तरी को अहम बताया - Dainik Bhaskar
यमुना दर्शन यात्रा को लेकर वृन्दावन पहुँचे गोविंदाचार्य ने मानव केंद्रित विकास को अहम बताते हुए नदियों में जलस्तर की बढोत्तरी को अहम बताया

भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय संगठन महामंत्री थिंकटैंक कहे जाने वाले प्रखर वक्ता गोविंदाचार्य रविवार को वृन्दावन आये । यमुना दर्शन यात्रा को लेकर वृन्दावन पहुँचे गोविंदाचार्य ने मानव केंद्रित विकास को अहम बताते हुए नदियों में जलस्तर की बढोत्तरी को अहम बताया । 28 अगस्त को उत्तराखंड के विकासनगर से शुरू हुई यात्रा 15 सितंबर को प्रयागराज में खत्म होगी।

18 दिन की यात्रा में जानेंगे यमुना की स्थिति

राष्ट्रीय स्वाभिमान आंदोलन के बैनर तले निकाली जा रही यमुना दर्शन यात्रा में 17 सदस्य हैं । 28 अगस्त को उत्तराखंड के यमुनोत्री से शुरू होने वाली यह यात्रा भूस्खलन के कारण विकास नगर से शुरू हुई। रविवार को वृन्दावन पहुँची यात्रा के पड़ाव स्थल पर भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय संघटन मंत्री ने मीडिया से रूबरू होते हुए इस यात्रा को निकालने के पीछे की बजह बताई । इस दौरान उन्होंने राजनीतिक सवालों के भी जवाब दिए ।

केंद्र और राज्य सरकार कर रहीं अच्छा काम

के एन गोविंदाचार्य ने बताया कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार और पर्डेज़ह कि योगी सरकार अच्छा काम कर रही हैं । उन्होंने बताया कि वह मानते हैं कि सामाजिक और सांस्कृतिक विषयों के बारे में दोनों सरकारें केंद्र की और राज्य की सफल रही हैं । अच्छी मेहनत भी हो रही है , परिश्रम और पहल ये मोदी जी और योगी जी दोनों के स्वभाव में है। सामाजिक और आर्थिक विषयों के बारे में अभी बहुत कुछ अपेक्षा है। हम तो अभी भी अपेक्षा करते हैं कि अगर अभिनव और निर्मल देश कि नदियां हो सकती है, तो नरेंद्र मोदी जी उसके लिए सक्षम हैं और जनता को भरोसा भी है। इसलिए चाहेंगे नरेंद्र मोदी सक्रिय पहल और हस्तक्षेप करें इसमें सभी नदियां उनका प्राकृतिक प्रवाह उनकी निर्मलता वापस आ सके जैसा कई वर्ष पहले हुआ करता था

मंहगाई रोकने पर दिए सुझाव

बातचीत के दौरान पूछे गए सवाल पर के एन गोविंदाचार्य से जब सवाल किया गया कि महंगाई बढ़ रही हैं जैसे कि गैस सिलेंडर , पेट्रोल तो इससे क्या जनता में नाराजगी उत्पन्न होगी या नहीं ।इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि नाराजगी और गैर नाराजगी की बात तो छोड़िए समाधान तो जरूर निकलना चाहिए। इसलिए ऐसी टेक्नोलॉजी ही स्वीकृत होनी चाहिए, जिसमें मैनपॉवर रिप्लेसमेंट हो। दूसरा कुछ और नए प्रयोग करने की जरूरत है । जैसे पेट्रोलियम और बाकी पर इतना खर्चा हो रहा है लाखों करोड़ खर्च हो रहे हैं तो उस पर थोड़ा सुधार करिए की इलेक्ट्रिक कार है , इलेक्ट्रिक से दो पहिए चलें, ऑटो चलें जिससे काफी कुछ बचत हो जाए। क्योंकि 80 फ़ीसदी खपत दो पहिया और तीन पहिया में होती है इन बारे में एक सुझाव है । उदाहरण के लिए सोलर पावर भारत का एक परंपरागत स्रोत है उसका विचार करते हुए विकेंद्रित तौर पर अगर करेंगे तो 2 वर्ष का 2 लाख करोड़ रूपया प्रति वर्ष मुनाफा है इसमें और बढ़ोतरी होगी।

यमुना विकास यात्रा के जरिये प्रकृति के बारे में मिलेगी जानकारी

यमुना दर्शन यात्रा के बारे में बताते हुए के एन गोविंदाचार्य ने बताया की यमुना जी के प्रवाह के साथ चलते हुए जगह जगह प्राकृतिक केंद्रित विकास के बारे में संवाद। इसमें नदियां, तालाब, पेड़ आदि का पुनर्जन्म कैसे हो इस पर विचार करते हुए जल ,जंगल, जानवर के साथ जन का अनुकूल जीवन कैसे हो सके जो भारतीय जीवन शैली है उस पर कई पहलुओं में वो कैसे लौट आए क्योंकि वही एक रास्ता अभी के प्राकृतिक विध्वंस से मानव बचे इसको जानना हैं ।