5 साल बाद फिर यूपी में कब्रिस्तान की चर्चा:मथुरा में योगी बोले- पिछली सरकारें कब्रिस्तान की बाउंड्री बनाती थीं, आज तीर्थ धाम बन रहे

मथुरा5 महीने पहले
सीएम ने सपा सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि पिछली सरकार में पेशेवर माफिया और अपराधियों के लिए सत्ता के दरवाजे खुले होते थे।

मथुरा के मांट में सीएम योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को सपा पर जमकर हमला बोला। सीएम ने कहा कि पिछली सरकार के समय जिस पैसे से कब्रिस्तान की बाउंड्री बनाई जाती थी, आज BJP सरकार में उसी पैसे को तीर्थ क्षेत्रों के विकास के लिए लगाया जा रहा है।

उन्होंने कहा, 'ब्रज भूमि की अपनी महत्ता है। यह वही भूमि है जहां जन्म लेकर भगवान श्रीकृष्ण ने इस भूमि को धन्य किया था। याद करिए जब दुनिया उत्तर प्रदेश की तरफ इस तरह देखती थी कि यह मां गंगा और प्रभु श्रीराम की भूमि है। पिछली सरकार ने प्रदेश की छवि को धूमिल किया। सपा पर निशाना साधते हुए कहा कि पिछली सरकार ने प्रदेश को दंगों और लूटखसोट की पहचान दी थी'।

सीएम योगी ने ब्रज नगरी में मंच पर कृष्ण के बालरूप को दुलारा।
सीएम योगी ने ब्रज नगरी में मंच पर कृष्ण के बालरूप को दुलारा।

आज अपराधियों के लिए जेल के द्वार हैं खुले
सीएम ने कहा, यूपी में पिछली सरकार में पेशेवर माफिया और अपराधियों के लिए सत्ता के द्वार खुले होते थे। आज भाजपा की सरकार में अपराधियों के लिए जेल के द्वार खुले रहते हैं। यही बदलाव देखने को मिल रहा है।

जो दंगाइयों के सरपरस्त, उन्हें विकास कार्य अच्छे नहीं लग रहे
राम मंदिर निर्माण पर सीएम ने विपक्षियों को घेरा। उन्होंने कहा- 'क्या कांग्रेस और सपा के लोग राम मंदिर बनाते। बबुआ से पूछना ही क्या, वो तो अब्बाजान की राह पर चले जाते। जो दंगाइयों के सरपरस्त हैं, उन्हें BJP के विकास कार्य अच्छे नहीं लग रहे हैं। कोरोना में सपा, बसपा और कांग्रेस का कोई पता नहीं था। सभी होम आइसोलेशन में थे। अब चुनाव आया है तो दिखने लगे हैं। जिन्होंने कोरोना काल में जनता को छोड़ दिया था, मैं उन लोगों को बता देना चाहता हूं कि उनके लिए सत्ता दूर की कौड़ी है। अभी सत्ता से दूर भी रहेंगे क्योंकि प्रदेश की जनता ने मन बना लिया है'।

क्या मांट में खिलेगा फूल, यहां BJP जीती ही नहीं

दरअसल, मांट विधानसभा क्षेत्र इसलिए चर्चा में है क्योंकि यहां भाजपा कभी जीती ही नहीं है। 1991 में राममंदिर लहर हो या फिर 2017 में मोदी लहर हो, भाजपा यहां लाख जद्दोजहद के बाद भी कमल नहीं खिला सकी। अब सीएम योगी की कोशिश है कि यह अजेय सीट भी भाजपा के खाते में आ जाये।

32 साल से विधायक हैं श्यामसुंदर शर्मा

श्याम सुंदर शर्मा...यह नाम मांट विधानसभा क्षेत्र में बच्चे बच्चे की जुबान पर होता है। श्याम सुंदर शर्मा बीते 8 बार से विधायक हैं। लगातार 32 सालों से विधायक रहे श्याम सुंदर शर्मा किसी पार्टी के मोहताज नहीं हैं। श्याम सुंदर वर्मा ही सबसे बड़ी वजह हैं कि भाजपा यहां से कभी कमल नहीं खिला सकी। वर्तमान में श्याम सुंदर शर्मा बसपा से विधायक हैं।

श्याम सुंदर शर्मा 2012 में तब हार गए, जब मांट विधानसभा सीट से रालोद के जयंत चौधरी खड़े हुए। हालांकि, 6 महीने बाद ही उन्होंने विधायकी छोड़ दी। इसके बाद हुए उपचुनावों में श्याम सुंदर शर्मा फिर जीत गए।
श्याम सुंदर शर्मा 2012 में तब हार गए, जब मांट विधानसभा सीट से रालोद के जयंत चौधरी खड़े हुए। हालांकि, 6 महीने बाद ही उन्होंने विधायकी छोड़ दी। इसके बाद हुए उपचुनावों में श्याम सुंदर शर्मा फिर जीत गए।

4 बार तीसरे नंबर पर रही भाजपा, 2 बार गंवानी पड़ी जमानत

1989 से श्याम सुंदर शर्मा चुनावी मैदान में है। वह ऑल इंडिया कांग्रेस, ऑल इंडिया इंदिरा कांग्रेस तिवारी गुट, अखिल भारतीय लोकतांत्रिक कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस और बसपा के बैनर तले 32 साल में 8 चुनाव लड़े। 2012 में उनका विजय रथ जयंत चौधरी ने रोका था और उन्हें हराया था। हालांकि, 6 महीने में ही जयंत ने सीट छोड़ दी और उपचुनाव में श्याम सुंदर को एक बार फिर जीत मिली। वहीं भाजपा से मुकाबले की बात करें तो 1989 से 2017 तक श्याम सुंदर ने 4 बार भाजपा प्रत्याशी को नंबर 3 पर धकेला है, जबकि 2 बार जमानत भी जब्त हो गई। 1989 में भाजपा ने जनता दल को समर्थन दिया था। हालांकि, प्रत्याशी हार गया था। 2002 में श्याम सुंदर शर्मा ने अखिल भारतीय लोकतांत्रिक कांग्रेस से चुनाव लड़ा, लेकिन यहां भाजपा ने मैदान छोड़कर श्याम सुंदर को ही सपोर्ट किया था।

17 बार मथुरा आ चुके हैं सीएम योगी, पहली बार मांट विधानसभा में कार्यक्रम

सीएम योगी 18वीं बार मथुरा आये हैं। बीते 17 दौरों में पहली बार मांट विधानसभा में उनकी जनसभा आज थी। जहां कई योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास उन्होंने किया। साथ ही एक जनसभा को भी संबोधित किया।

मांट सीट पर क्यों नहीं खिल रहा है कमल ?

दरअसल, मांट सीट जाट बाहुल्य है। यहां 4 लाख की आबादी में लगभग 90 हजार से ज्यादा जाट हैं, ठाकुर 25 से 30 हजार, गुर्जर भी 15 से 20 हजार हैं। ब्राह्मण केवल 45 हजार के आसपास हैं। जाट बाहुल्यता देख अन्य पार्टियां जाट नेताओं को कैंडिडेट के रूप में प्राथमिकता देती हैं, जिससे वोट बिखर जाते हैं। यही वजह है कि श्याम सुंदर शर्मा को फिर फायदा मिलता है।

मथुरा में भाजपा का है प्रभुत्व

मथुरा की 5 सीटों में से 2017 में भाजपा ने 4 सीटों पर कब्जा किया है। बीते 1989 से देखे तो यहां की मांट सीट पर न तो भाजपा का कमल खिला है न ही सपा की साइकिल चली है। यही नहीं, बीते 3 चुनावों से सपा यहां जीत के लिए संघर्ष कर रही है।