फिर टूटने के कगार पर दरगाह-सिकड़ीकोल मार्ग:12 से अधिक गांवों का टूट सकता है संपर्क, ग्रामीणों ने दी आंदोलन की चेतावनी

मधुबन15 दिन पहले
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मऊ के मधुबन में पिछले कई दिनों से हो रही लगातार बारिश के कारण इलाके में कई जगहों पर जलभराव है। दरगाह-सिकड़ीकोल मार्ग के दोनों तरफ काफी जलभराव है। इससे इस साल फिर से यह सड़क टूटने के कगार पर है। इस सड़क के टूटने से 12 से अधिक गांवों का संपर्क टूट जाएगा।

सड़क कई जगहों पर धंस चुकी है। तहसील क्षेत्र के नुरुल्लाहपुर, सेमरा, खजुहा, भईसहा, बैरीसाथ, सिकड़ीकोल जैसे 12 से अधिक गांव का संपर्क मधुबन-दोहरीघाट मुख्य मार्ग से टूट जाएगा।

हर साल टूटती है यह सड़क

लगभग 3 किमी लंबी दरगाह-सिकड़ीकोल मार्ग मधुबन तहसील क्षेत्र के प्रमुख संपर्क मार्गो में से एक है। यह मार्ग देवारा के 12 से अधिक गांव को मधुबन-दोहरीघाट मुख्य मार्ग से जोड़ती है। हर साल बरसात के दिनों में सड़क के दोनों किनारों पर भारी जलजमाव के कारण यह सडक बीच से टूट जाती है।

पिछले 5-6 सालों से होता आ रहा है। इस मार्ग की तीनों पुलिया एक-एक करके टूट चुकी हैं। किसी प्रकार सड़क के गड्ढों में ईंट के टुकड़े एंव राबिश डाल कर काम चलाया जा रहा है।

दिवाकर चौबे, संदीप यादव, सुजीत गुप्त, हरी नारायण राजभर ने बताया इस साल सड़क टूटी तो वे आंदोलन करेंगे।
दिवाकर चौबे, संदीप यादव, सुजीत गुप्त, हरी नारायण राजभर ने बताया इस साल सड़क टूटी तो वे आंदोलन करेंगे।

केवल मिलता रहा आश्वासन

बीते साल भी यह सडक टूट गई थी। करीब एक सप्ताह तक आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया था। सिंचाई विभाग एवं लोक निर्माण विभाग के जिम्मेदारों द्वारा टूटी सड़क के बीच ईंट के टुकड़े एंव राबिश डाल कर आवागमन बहाल करा दिया गया था। अभी तक यह सड़क पक्की नहीं हो पाई। पिछले 6 साल से लोगों को केवल आश्वासन मिल रहा है।

दरगाह-सिकड़ीकोल मार्ग पर किनारों पर तेजी से कटान हो रहा है।
दरगाह-सिकड़ीकोल मार्ग पर किनारों पर तेजी से कटान हो रहा है।
दरगाह-सिकड़ीकोल मार्ग पर किनारों पर तेजी से कटान हो रहा है।
दरगाह-सिकड़ीकोल मार्ग पर किनारों पर तेजी से कटान हो रहा है।
दरगाह-सिकड़ीकोल मार्ग के किनारे पर भरा पानी।
दरगाह-सिकड़ीकोल मार्ग के किनारे पर भरा पानी।

पवन सिंह, मनोज सिंह, संदीप यादव, दिवाकर चौबे, प्रभुनाथ यादव, राम बृक्ष यादव, आशुतोष सिंह, अशफाक आलम, मंटू यादव, पवन सिंह आदि का कहना है कि हर साल यह सडक टूटती है। सड़क निर्माण एवं पुलिया बनाने का आश्वासन हर साल मिलता है। अभी तक कुछ नहीं हुआ। यदि इस बार भी सड़क टूटती है तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। धरना प्रदर्शन एंव चक्का जाम किया जाएगा।

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