मऊ में नौनिहालों को जीवन दे रहा पोषण पुनर्वास केंद्र:6 साल में 739 बच्चों को बनाया सुपोषित, परिजनों की भी होती है काउंसिलिंग

मऊएक महीने पहले
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मऊ के पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती बच्चे। - Dainik Bhaskar
मऊ के पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती बच्चे।

बच्चों को सुपोषित बनाने के लिए सरकार की ओर से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसके तहत पोषण पुनर्वास केंद्र जिला अस्पताल में अप्रैल 2016 से अब तक 739 बच्चों को स्वस्थ जीवन प्रदान किया जा चुका है। इन बच्चों को पोषण पुनर्वास केंद्र तक लाने में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की टीम (आरबीएसके) व ग्रामीण इलाकों में कार्य करने वाली आशा और आंगनबाड़ी का महत्वपूर्ण योगदान है। यह जानकारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. गिरिजेश चंद्र पाठक ने दी।

डीपीओ अजीत कुमार सिंह ने बताया कि आशा और आंगनबाड़ी के सहयोग से इस वित्तीय वर्ष में अप्रैल 2022 से अब तक 72 बच्चों को पोषण पुनर्वास केंद्र का लाभ मिला है।वहीं, आईसीडीएस विभाग के सहयोग से कुल 263 बच्चों को पोषण पुनर्वास केंद्र का लाभ मिला है। केंद्र पर कुपोषित बच्चों का 14 दिनों तक भर्ती कर उन्हें पोषण युक्त खाद्य पदार्थ डाइटचार्ट के अनुसार दिया जाता है। बच्चों के इलाज के साथ ही उनके परिजनों की भी काउंसिलिंग की जाती है।

मऊ के पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती बच्चे ।
मऊ के पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती बच्चे ।

14 दिन में बच्चों में दिखने लगता है फायदा

प्यारेपुर कोपागंज की रहने वाले जीतेंद्र ने बताया कि उनके 2.5 साल के अंकुश का वजन 8 किलोग्राम था। 10 दिन भर्ती के बाद बढ़कर 9.2 किग्रा हो गया है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अफसाना खातून के सलाह पर केंद्र में भर्ती कराया था। इसका बहुत लाभ मिला। गुड्डू ने बताया कि उसके पौने पांच साल के बेटे इस्तियाक का वजन 11.5 किग्रा था। सात दिन बाद 11.670 किग्रा हो गया।

नोडल अधिकारी खुद करते हैं निगरानी

आरबीएसके फतेहपुर मंडाव ब्लाक की कुपोषित बच्ची तीन वर्षीय फरजाना के पिता प्रसुल्लाह ने बताया कि भर्ती के समय उनकी बेटी का वजन 7.8 किग्रा था। सात दिन में 8.320 किग्रा वजन हो गया। डॉ. एमपी सिंह नोडल अधिकारी व एनआरसी प्रभारी ने बताया कि वह खुद भी भ्रमण कर बच्चों के इलाज के बारे में जानकारी लेते हैं।

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